Presentation Photo
Kolkata/West Bengal: पूरे देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 1486 नए मामले सामने आए हैं और 49 लोगों के प्राण गए है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 20,471 हो गई है, जिसमें 15,859 सक्रिय हैं, 3959 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 652 लोगों के अब तक प्राण जा चुके है।
कोरोना वायरस महामारी से जंग में मदद के लिए भारत ने 23 टन आवश्यक दवाइयों की खेप नेपाल भेजी है। नेपाल में अब तक 45 लोग इस कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने इस मदद के लिए अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को धन्यवाद किया है। ओली ने एक ट्वीट में कहा, ‘कोरोना वायरस से लड़ाई में मदद के लिए नेपाल को 23 टन दवाइयां मुहैया कराने के लिए मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का शुक्रिया अदा करता हूं। ये दवाइयां स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री को भारत के राजदूत ने सौंपी।’ यह नेपाल को भारत से एक यादगार मदत है।
कोरोना वायरस लॉकडाउन पर केंद्र की मोदी सरकार के सख्त रवैये के बाद बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तेवर में नरमी आई है। बंगाल सरकार ने केंद्र को आश्वासन दिया है कि वह वर्तमान में जारी लॉकडाउन से संबंधित सभी आदेशों का पालन करेगी। ममता की बंगाल सरकार ने इसके साथ ही राज्य में जमीनी स्थिति का आकलन करने वाली दो केंद्र सरकार की टीमों का पूर्ण सहयोग करने का भी आश्वासन दिया है।
आपको बता दें की भारत सरकार के गृह सचिव अजय भल्ला को लिखे एक पत्र में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने बताया है कि यह तथ्य नहीं है कि दो अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCTs) राज्य सरकार द्वारा किसी भी सहयोग के साथ प्रदान नहीं की गई हैं, क्योंकि उनकी एक टीम के साथ दो बैठकें हुई थीं और फिलहाल एक और टीम के साथ बैठक होने वाली है।
Corona Lockdown West Bengal Ends Clash With Center Over COVID 19 Teams Assures Cooperation https://t.co/eryoHVLE7v pic.twitter.com/4yndqBN77j
— Ampinity News (@AmpinityNews) April 22, 2020
राज्य के मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव को बताया कि यह आपदा प्रबंधन अधिनियम के अलावा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जारी केंद्र सरकार के आदेशों के कार्यान्वयन के लिए मेरे सर्वोच्च आश्वासन को व्यक्त करने के लिए है। आपको बता दे की भारत की केंद्रीय सरकार के निर्देशों पर ना नुकुर करने वाला बंगाल कोरोना संकट के वक़्त भी अपना पुराना रवैया दिखा रहा था।
फिर बंगाल में कुछ जगहों पर लापरवाही के चलते कोरोना तेजी से पाना कहर देखने लगा। इस पर बंगाल गई केंद्रीय टीमों को स्थानीय प्रशासन ने सहयोग प्रदान नहीं किया। इसके चलते 30 घंटे से ज्यादा वक्त तक वरिष्ठ अधिकारियों की केंद्रीय टीम कमरे के अंदर ही बंद रही। जब केंद्र सरकार ने आपदा कानून के सख्य नियमों का हवाला दिया तो उसके बाद बंगाल प्रशासन हरकत में आया।
#CORONA_POLITICS_HURTS_MARWARIS_IN_BENGAL
West Bengal CM Ms #MamataBanerjee spokesman is saying that #MARWARI in West Bengal are #THIEF & #BLACK_MARKETAR.
I think, he is not aware of the contribution of #MARWARIS to the country as well to whole world. More than 100 years pic.twitter.com/iFlpetal3N
— Umang Agarwal 😷|ウマンアグラワル |🇮🇳 (@dumpyagarwal89) April 22, 2020
आपको बता दे की कोलकाता में केंद्रीय टीम ने बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के संरक्षण में कुछ क्षेत्रों का सर्वे किया, परन्तु जलपाईगुड़ी गई केंद्रीय टीम सर्किट हाउस में ही बंद रही और 30 घंटे हो गए। स्थानीय प्रशासन ने उनकी एक सुध भी नहीं ली। बाद में केंद्र से फटकार लगाने के बाद बंगाल सरकार ने मामले को थोड़ा गंभीरता से लिया और केंद्रीय टीम को सुविधा और जानकारी दी।




