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Delhi: आज देश और दुनिया सबसे बड़े संकट में हैं। दुनियाभर में 42,000 से ज़्यादा लोग कोरोना महामारी के चलते अपने प्राण खो चुके हैं और 8।5 लाख लोग अभी भी कोरोना से पीड़ित है। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 1637 तक पहुँच गए और अब तक 40 से ज्यादा लोगों की को अपने प्राण गवाने पड़े हैं। अमरीका भी अब कोरोना के कहर की चपेट में आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा आने वाले 30 दिन बेहद मुश्किल भरे होंगे।
कोरोना के कारण सबसे अधिक प्रभावित देश अमरीका, इटली, स्पेन, चीन और जर्मनी हैं। इसके चलते अब पूरे विश्व के लोग चीन और चायनीज़ लोगो के प्रति खफा देखे दे रहे हैं। कोरोना वायरस के पूरे विश्व में फैलने को लेकर चीन पर तरह तरह के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
अब नेपाल में भी चीन और चाइनीज़ लोगो को पसंद नहीं किया जा रहा है। नेपाल में काम करने वाले चीनी और स्थानीय नेपाली लोगों के बीच मंगलवार को झड़प हुई, जिसके बाद यह ममला झपड़ में तब्दील हो गया। दोनों ही लोगो के बीच झड़प ऐसे समय पर हुई है, जब कोरोना वायरस के कहर को रोकने के लिए नेपाल में लॉकडाउन की घोषणा की गई है।
मीडिया में आई खबर में अनुसार चीन के वर्कर्स नेपाल में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे थे जिसके बाद चीनी कर्मचारियों की हरकत से खफा हुए ग्रामीणों ने चीनी वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
Clashes erupt between Nepali and Chinese workers at Nepal hydropower project; go back to China, say Nepali workers
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— ANI Digital (@ani_digital) March 31, 2020
News Agency ANI wrote, Clashes erupt between Nepali and Chinese workers at Nepal hydropower project; go back to China, say Nepali workers. The locals were agitated as the Chinese workers had just returned from China and violated the lockdown in Nepal.
मीडिया की खबर के अनुसार, नेपाल के लमजुंग क्षेत्र में एक चीनी कंपनी न्यादी हाइड्रोपावर प्लांट का निर्माण कार्य कर रही है। अभी अभी इस कंपनी के कई कर्मचारी चीन से लौटे थे। इसको लेकर पहले से खफा चल रहे स्थानीय नेपाली लोगों ने लॉकडाउन के चलते बेबुनियाद आवाजाही रोकने के लिए अपने गांव के प्रवेश मार्ग पर रोक लगा दी थी।
इसके बावजूद हाइड्रोपावर प्लांट के लिए निर्माण सामग्री ले जा रहे दो ट्रकों ने इस अवरोध को हटाकर नेपाली गांव में घुसने का प्रयास किया। इससे नाराज ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस पर चीनी कर्मचारियों ने अपनी खुखरी निकाल लीं। उनकी इस हरकत से स्थानीय नेपाली लोगों का गुस्सा सातवे आसमान पर पहुँच गया और दोनों पक्षों में झड़प हो गई। लोगों ने गो बैक टू चाइना के नारे भी लगाए।
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मीडिया की खबर के मुताबिक़ स्थानीय लोगों ने उस वक़्त अपना गुस्सा ज़ाहिर किया, जब निर्माणाधीन जलविद्युत की निर्माण सामग्री लाने के लिए चीनी कंपनी के कर्मचारियों ने सड़क किनारे लगाए गए कंटीले तारों को हटा दिया। नेपाल पुलिस ने दोनों गुटों के बीच में सुलह कराने की कोशिश की है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने भी आपत्ति जताई है।
#Nepal: Clashes erupt between #Nepali people and #Chinese workers at Nepal hydropower project; go back to #China, Nepali people said
The locals were agitated as the Chinese workers had just returned from China & violated the lockdownhttps://t.co/XnwNJ47tT1
— Indo-Pacific News – Watching the CCP-China Threat (@IndoPac_Info) March 31, 2020
आपको जानकारी हो की नेपाल ने कोरोनोवायरस महामारी के तेज़ी से बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी देशों के साथ अपनी सीमाओं को सील कर दिया था। नेपाल में अब तक पांच पॉज़िटिव मामले दर्ज़ किये गए हैं।
कई देश भी चीन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब तक कोरोना महामारी हजारों लोगों की जान और कई देशों की अर्थव्यस्था को लील सगुकि है। चीनी नागरिकों के प्रति स्थानीय लोगों में गुस्से की और भी खबरें सामने आ सकती हैं। नेपाल में अन्न क्षेत्रों में भी लोगो ने चीन के लोगो का विरोध किया और उन्हें वापस जाने की हिदायत दी।




