ऋषिकेश में क्रिकेटर जॉन्टी रोड्स ने दुप्की लगाई, माँ गंगा से मोक्ष प्राप्ति की प्रार्थना कर जीता दिल

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Jonty Rhodes Rishikesh Ganga Ghat
Jonty Rhodes: Benefits of cold water immersion in the Holy Ganges are both physical and spiritual moksha Rishikesh. Jonty Rhodes follows Hinduism. Jonty Rhodes Daughter name is India. Jonty Rhodes love India and Hinduism.

Image Credits: Jonty Rhodes on Twitter

ऋषिकेश: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और विश्व के सर्वश्रेष्ठ फील्डर माने जाने वाले खिलाड़ी जॉन्टी रोड्स अभी भारत दौरे पर हैं। यहाँ वे कोई क्रिकेट खेलने नहीं आये हैं न ही वो यहाँ किसी क्रिकेट टीम को कोचिंग देने आएं हैं। जोंटी तो भारतीय संस्कृति के रंग में दुबे हुए हैं। जोंटी रोड्स भारत से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम भी ‘इंडिया’ (India) रखा है।

जोंटी रोडस वर्षों तक IPL टीम मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच भी रहे हैं। जॉन्टी रोड्स ने ऋषिकेश में गंगा नदी में डुबकी लगाई हैं। रोड्स ने ट्विटर पर इस द्रश्य को पोस्ट किया और लिखा कि पवित्र माँ गंगा के ठन्डे पानी में डुबकी लगाने से न सिर्फ़ भौतिक बल्कि दैविक रूप से भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। रोड्स ने इस दौरान ऋषिकेश की तारीफ़ भी की। उन्होंने ऋषिकेश शहर का दौरा किया और मंदिरों में मत्था टेका।

जॉन्टी रोड्स ने युवाओं को फिटनेस के टिप्स दिए

पूर्व दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेटर ने ऋषिकेश में युवाओं को फिटनेस के टिप्स भी दिए। उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव’ में पहुँच कर युवाओं को जीवन में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। मुनिकीरेती योगा घाट पर बने पंडाल में सैकड़ों युवाओं और योग साधकों को सम्बोधित करते हुए जोंटी रोड्स ने कहा कि खेल जगत में फिटनेस का सबसे अधिक महत्व है और इसके लिए योगाभ्यास की ज़रूरत पड़ती है।

जॉन्टी रोड्स की बेटी का नाम ‘इंडिया’ है

जोंटी ने आगे कहा की भारतीय योग का महत्व और उपयोगिता की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है। सभी लोग इससे प्रभावित हैं। मेरा भारत से गहरा जुड़ाव है। मेरे दोनों बेटे भारत में पैदा हुए हैं। मेरी बेटी का नाम ‘इंडिया’ है। मेरे पिता एक अध्यापक थे, जिन्होंने मुझे अनुशासन का महत्व सिखाया है।

जोंटी रोड्स ने युवाओं को धूम्रपान से बिलकुल दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं को बताया कि क्रिकेट जगत में नाम बनाने के लिए आपकी भुजाओं में बहुत ताक़त की आवश्यकता है। जहाँ बल्लेबाज को गेंद के साथ सही टाइमिंग की ज़रूरत होती है, वहीं गेंदबाज को बॉल फेंकने के लिए बाजुओं पर बहुत जोर लगाना पड़ता है।

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