
देश की रक्षा में भारतीय जवान अपने परिवार से दूर रहकर हम सबकी दुश्मनों से रक्षा करते है। आज हम जितना सुरक्षित महसूस करते है, वो सब उनकी ही मेहनत का परिणाम, जो दिन रात देश की सेवा में खड़े रहते है। देश की रक्षा में अपने प्राणों को भी खुशी खुशी न्यौछावर कर देते है। पुलवामा में शहीद हुए वीर सैनिकों की अमूल्य शहादत को सरकारें व प्रशासन याद ना रखे। लेकिन कुछ ऐसे नागरिक हैं, जो वीर सेनिको के बलिदान की गरिमा को बनाये रखने का अपना मिशन बना रहे हैं।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले उमेश गोपीनाथ जाधव पुलवामा में शहीदों का स्मारक बनाने के लिए उनके आंगन की मिट्टी एकत्रित करने के मिशन पर निकले हैं। उमेश की इस पहल को जब लोगो ने सुना तो उनका भरपूर समर्थन किया। जिसके चलते उन्होंने इस काम को करने की पहल शुरू कर दी है।
उमेश जाधव का बहुत ही सराहनीय कार्य
सबसे पहले उमेश जाधव पुलवामा हमले में शहीद हुए कांस्टेबल मनिंदर सिंह के घर दीनानगर पहुंचे। यहां शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, शहीद मनिंदर के पिता सतपाल अत्री, बहन लवली, शहीद सिपाही कुलदीप कुमार के पिता बंत राम, शहीद सिपाही जितेन्द्र कुमार के पिता राजेश कुमार ने इस नई पहल का समर्थन करते हुए उमेश को गौरव सम्मान से सम्मानित किया।
जब शहीद मनिंदर के पिता सतपाल अत्री ने उमेश को घर के आंगन की मिट्टी से भरा कलश उमेश को सौपा तो वो अपने आंसू को रोक नही पाए। उमेश जाधव पिछले 16 वर्षों से बेंगलुरू में अपने जीवन का यापन कर रहे हैं। ये देखने मे विंग कमांडर अभिनंदन के जैसे दिखते है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा में आतंकी के हमले से शहीद हुए जवानों को देखकर उमेश के दिल दिमाग मे ऐसी देशभक्ति उठ गई की उन्होंने प्रण लिया कि देश की सेवा में शहीद हुए जवानों का बलिदान व्यर्थ नही जाने देंगे।
एक मुलाकात #देशभक्त #उमेश_जाधव (#UmeshJadhav) जी के साथ। उमेश का मकसद देश के कोने-कोने में जाकर शहीदों के गांव की मिट्टी इकट्ठा कर #शहीद_स्मारक (#Martyrs_Memorial) में योगदान देने का है. खास बात ये है कि ये स्मारक #पुलवामा में बनाया जाएगा.#JaiHind
— Vikas Pandey (@VikasPandeyLive) September 18, 2019
हमले में शहीद हुए 40 जवानों के अतिरिक्त देश की सेवा में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों के घर जाकर, उनके आंगन की मिट्टी को एकत्रित कर 14 फरवरी 2020 को पुलवामा हमले की प्रथम बरसी पर पुलवामा में स्मारक का निर्माण कर एक नई पहल का आगाज करेंगे। इस स्मारक की खास बात यह होगी कि इसको भारत के नक्शे जैसा आकर दिया जायेगा।
पुलवामा जवानों के घर से लाइ गई मिट्टी के कलश को सुशोभित करने की तैयारी
शहीद हुए देश के वीर जवानों के घर से लाये मिट्टी के कलश को सुशोभित किया जाएगा। इस स्मारक को देखने आया हर इंसान इस मिट्टी से अपने माथे पर तिलक कर सके। मीडिया से बात करते हुए उमेश ने बताया कि अब तक वह पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 वीर सैनिकों के अतिरिक्त 12 से अधिक अन्य शहीदों के परिवार के लोगों से भेंट कर चुके हैं।
सभी ने उनको इस पहल के लिए शुभकामनाएं देकर उनका सम्मान किया। उनके इस पहल का अंतिम अभियान अगले साल 9 अप्रैल को होगा। इससे पहले उमेश 14 फरवरी को पुलवामा हमले की प्रथम बरसी पर वह पुलवामा पहुंच कर भारत के नक्शे जैसा स्मारक को बनाने के काम का शुभारंभ कर देंगे। इस पहल में देश की कई संस्थान उनका भरपूर समर्थन कर रही है।
आज श्री उमेश गोपीनाथ जाधव का स्वागत प्रदेशकांग्रेस सेवादल के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।श्री जाधव ने 9अप्रैल से को बेंगलुरु से एक यात्रा प्रारंभ की थी जो पूरे देश में भ्रमण कर पुलवामा में शहीद हुए जवानों के गांव-गांव पहुंचकर उनके चरणों की धूल एकत्र कर रहे हैं @CongressSevadal pic.twitter.com/LyptnQlPdo
— Rajasthan Congress Sevadal (@SevadalRJ) October 17, 2019
उमेश ने कहा की इस काम को करने के लिए में अकेला ही निकला हूँ। अपने लक्ष्य को जल्द पूरा करना है। शहीदों के घरों के आंगन से मिट्टी से भरे कलश को खुद अपनी गाड़ी में लेकर आगे बढ़ रहे है। उनकी गाड़ी में शहीदों के घर के आंगन की मिट्टी से भरे कलश रखे हुए हैं। उन्होंने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए गाड़ी के साथ साइकिल और मोटर साईकिल का इस्तेमाल किया है।
जिस शहीद के घर बड़ी गाड़ी नही पहुच पाती है वो वंहा मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करके उनके घर तक पहुच जाते है। रात को रुकने के लिए उमेश मंदिरों, गुरुद्वारों व धर्मशालाओं का सहारा लेते है। जब लोगो ने उमेश की नई पहल सुनी तो लोग उनकी तारीफ कर रहे है। बॉलीवुड हस्तियो ने भी उनकी तारीफ करते हुए शुभकामनाएं दी।



