
Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित 2.7 एकड़ भूमि पर रामलला का अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार से राम मंदिर बनाने के लिए 3 माह में ट्रस्ट गठित करने का निर्देश जारी कर दिया है। इसके बाद ट्रस्ट बनाने की काम जोर पकड़ लिया है, राम जन्मभूमि न्यास की मांग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाये।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में ही राम मंदिर बनाने का काम हो। जानकारी के मुताबिक राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास ने यह बात रखी है। महंत नृत्य गोपाल दास के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ को एक मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं बल्कि गोरक्ष पीठ के महंत के रूप में ट्रस्ट की अध्यक्षता देनी चाहिए।
योगी आदित्थनाथ की राम मंदिर में अहम् भूमिक है
गोरखपुर का ख्यात गोरखनाथ मंदिर गोरक्षपीठ का है, जिसने राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे प्रथम महंत दिग्विजय नाथ ने मत महत्वपूर्ण भूमिका अदा की इसके बाद महंत आदित्यनाथ और अब योगी आदित्थनाथ ने राम मंदिर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भव्य राम मंदिर निर्माण में न्यास का भी महत्वपूर्ण किरदार होना चाहिए। हालांकि अभी उन्होंने इस बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने से साफ माना कर दिया। हालांकि यह अवश्य कहा है कि राम मंदिर समिति में न्यास की ओर से चम्पत राय विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और ओम प्रकाश सिंघल विश्व हिंदू परिषद के खजांची शामिल हो सकते हैं।
2015 में अशोक सिंघल के अंतकाल के बाद से चम्पत राय विश्व हिंदू परिषद की पूरी देखरेख कर रहे हैं। ओम प्रकार सिंघल और चम्पत राय दोनों दिल्ली के निवासी हैं। राम मंदिर समिति के गठन के लिए कई नाम सामने आ रहे है।




