
दहेज लेने के मामले तो प्रतिदिन देखने को मिलते है, लेकिन दहेज ना लेने के मामले बहुत ही कम दिखाई देते है। इस ही कुछ राजपूत परिवार में देखने को मिला। अधिकतर बेटियों के दहेज की बलि चढ़ने के मसले बहुत सामने आते रहते हैं, मगर इस मसले में राजस्थान का यह राजपूत परिवार सभी के लिए मिसाल बन गया है।
इस राजपूत परिवार ने दहेज में मिले 31 लाख रुपए से भरा थाल वापस कर दिया। हर किसी को दहेज प्रथा का विरोध करने का मैसेज देने वाला यह समारोह राजस्थान के सिरोही जिले के गांव आमथला में देखने को मिला।
राजस्थान के सिरोही जिले के गांव आमथला का किस्सा
जानकारी के मुताबिक सिरोही जिले के गांव आमथला के देवड़ा परिवार के हनुमंत सिंह के बेटे बलवीर सिंह की सगाई जैसलमेर के फलसुंड पोकरण के जोधाणा परिवार के मोहन सिंह जोधा की बेटी से पक्की हुई। दुल्हन की साइड से टीका लेकर आये थे। तब दुल्हन के पिता ने दूल्हे बलवीर सिंह व उसके पिता हनुमंत सिंह को शगुन के रूप में 31 लाख रुपए से भरा थाल दिया था।
इस पर दूल्हे के पिता व दूल्हे ने दुल्हन के पिता के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए। एक पल के लिए तो सभी चकित हो गये, सबने अनुमान लगाया कि दहेज की राशि कम होगी इसलिए दूल्हे ने हाथ जोड़ लिए। मगर फिर पता चला कि दूल्हे व उसके परिवार ने दहेज के 31 लाख रुपए लेने से साफ माना कर दिया।
शगुन के रूप में दहेज 31 लाख रुपए देना चाहा
दूल्हे के पिता हनुमंत सिंह ने कहा कि बेटे बलवीर सिंह के टीका दस्तूरी में फलसुंड से संबंधी टीका लेकर गांव आमथला आए। दूल्हे की टीके की रिवाजो के दौरान उन्होंने टिके के शगुन के रूप में दहेज 31 लाख रुपए देना चाहा तो मैंने व मेरे बेटे ने लेने से साफ इंकार कर दिया, क्योंकि बेटियां अनमोल होती है उनकी कोई कीमत नही होती हैं। इनका कोई मोल नहीं लगाया जा सकता है।
राजस्थानी राजपूत दूल्हे ने 31 लाख का दहेज़ लेने से मना कर दिया था और सभी के सामने मिसाल पेश की थी। pic.twitter.com/ZBqPA6hbP1
— sanatanpath (@sanatanpath) November 12, 2019
आज ये दूल्हे को 31 लाख रुपये की राशि दे रहे हैं। कल किसी लड़की के पिता को 51 लाख या एक करोड़ रुपए देने पड़ेंगे। इस प्रथा का कोई अंत दिखाई नहीं देता है। बेटियां दो घरों को संवार कर रखने वाली होती हैं। इसलिए दहेज जैसी कुरीति को बंद करने की पहल हमें खुद से ही शुरू करनी होगी।
दूल्हे के पिता हनुमंत सिंह के मुताबिक दहेज प्रथा के मामले में राजपूतों का किरदार अग्रणी रहा है। वे और उनकी बेटी सोनू Start से ही दहेज प्रथा के विरोध में हैं। बेटी ने ही यह सलाह दी थी कि भाई की शादी में दहेज के रूप कोई राशि नही लेना। बेटी के सुझाव को मानते हुए ही आज टीके के शगुन में मिले 31 लाख रुपए उन्होंने लौटा दिए और शगुन के रूप में केवल 11 सौ लिए हैं। जानकारी के मुताबिक दूल्हा अहमदाबाद से होटल मैनेजमेंट का अध्ययन कर रहा है।



