अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुसलमानों को 5 एकड़ की जमीन अलग से मस्जिद बनाने के लिए दिए जाने का निर्णय बहुत तारीफ के काबिल है।
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ कुलपति तिवारी ने आवाज उठाई है कि अयोध्या में राम मंदिर का बनाने का काम अब जल्द शुरू किया जाना चाहिए।
सभी समुदाय में दिया जाए स्नेह और भाईचारे का संदेश। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच शांतिपूर्ण वातावरण के बाद महंत तिवारी ने आवाज उठाते हुए कहा कि राम मंदिर की पहली नीव किसी मुसलमान के हाथों लगाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह मुसलमानों के द्वारा जो मस्जिद बनाई जाएगी, उसमें भी पहली ईंट किसी हिंदू द्वारा रखी जानी चाहिए, जिससे समाज में हिंदू-मुसलमान भाईचारे का एक मैसेज जाए।
मस्जिद के लिए जमीन देने के लिए जो निर्णय लिया गया है वो भी बहुत उम्दा। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद सभी समुदाय मे खुशी की लहर है। मस्जिद निर्माण के लिए जमीन जल्द दी जाए।
डॉ. कुलपति तिवारी ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि मुसलमानों को भी अयोध्या में जल्द से जल्द 5 एकड़ की भूमि उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे मस्जिद के निर्माण में कोई विलंब उत्पन्न ना हो।
काशी विश्वनाथ के महंत ने अयोध्या मामले पर निर्णय आने के बाद पूरे प्रदेश से लेकर वाराणसी में भी हिंदू और मुसलमानों के द्वारा शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने की तारीफ की है। महंत ने यह भी बताया कि काशी में हिंदू-मुसलमान एक-दूसरे के पूरक कहे जाते हैं। सभी समुदाय ने एक जुट होकर अयोध्या फैसले का सम्मान किया है। जो कि भारत वासियों के लिए सराहनीय है।




