राम मंदिर मॉडल बनाने वाले आर्किटेक्ट ने कहा 50% काम खत्म, इतने समय में मंदिर तैयार कर देंगे।

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Ram Mandir Ayodhya Model
Ram Mandir Ayodhya Model

Photo Courtesy: Twitter Post

राम मंदिर फैसला आने के बाद पूरे भारत वर्ष में खुशी की लहर है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शनिवार को राम मंदिर निर्माण का निर्णय दिए जाने के बाद भारतवासियों के मन में पहला प्रश्न यह उठ रहा है कि मंदिर कितने समय में पूरा तैयार हो जाएगा? विश्व हिंदू परिषद ने 30 साल पहले गुजरात के रहने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा से राम मंदिर का मॉडल डिज़ाइन करवाया था।

चंद्रकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंदिर बनने का 50% काम समाप्त हो गया है। अगर 2000 मजदूर प्रतिदिन 10-10 घंटे काम करेंगे तो इसे ढाई साल में इससे पूरा तैयार कर लिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक चंद्रकांत के दादा ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया था। सोमपुरा परिवार पीढ़ियों से मंदिर निर्माण के काम में अपना सहयोग देती है।

राम मंदिर नक़्शे की जानकारी: Ram Mandir Model Info

राम मंदिर का नक्शा 6 बार डिज़ाइन किया गया था। चंद्रकांत ने बताया की हमारा काम और लग्न देखने के बाद ही 30 साल पहले विश्व हिंदू परिषद ने हमसे संपर्क किया था। अशोक सिंघल ने हमसे मंदिर का मॉडल डिज़ाइन करने के लिए कहा था। उसी समय मंदिर के नक्शा और पत्थर तराशने का काम प्रारंभ हो गया था।

मंदिर का मॉडल डिजाइन करने में 6 महीने लगे थे। हमने 6 बार अलग-अलग मॉडल डिजाइन किए। इसके बाद सिंघल और उनकी समिति को नागर शैली से बना मॉडल अच्छा लगा। राममंदिर का जो गर्भगृह है वो अष्टकोणीय आकर का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत में मंदिर तीन शैलियों में ही डिज़ाइन किये जाते हैं। बैसर, द्रविड़ और नागर शैली। राम मंदिर नागर शैली में तैयार किया जाएगा।

उत्तर भारत में प्रचलित शैली का मंदिर मॉडल

यह उत्तर भारत में प्रचलित शैली है। इस शैली के मंदिरों की खास बात यह है कि यह आधार से शिखर तक चतुष्कोणीय होते हैं। राममंदिर का डिजाइन बहुत ही अच्छा है। इसकी परिक्रमा वृत्ताकार में सम्पूर्ण होगी, जबकि गर्भगृह अष्टकोणीय होगा। दो मंजिल के इस मंदिर में भूतल पर मंदिर को डिज़ाइन किया जाएगा और ऊपरी मंजिल पर रामदरबार को सजाया जाएगा।

इसके खंबों पर देवी-देवताओं की आकृतियां बनाई जाएंगी। गुंबद का काम अभी चल रहा है, इसमें समय लगेगा। राम मंदिर में किसी भी प्रकार के लोहे का उपयोग नहीं किया जाएगा। चंद्रकांत ने बताया कि 50% काम लगभग समाप्त हो गया है। अनुकूल स्थितियों में अगर मंदिर को बनाया जाए तो, इसमें ढाई से तीन साल का वक्त अभी और लग सकता है।

राम मंदिर में लोहा का उपयोग नही किया जाएगा। राम मंदिर बनाने में करीब 100 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। राम मंदिर की लंबाई 270 फीट, चौड़ाई 150 फीट और गुंबद तक की ऊंचाई 270 फीट होगी। उन्होंने बताया कि हमने लंदन के ब्रिटेन में स्वामी नारायण मंदिर को केवल 2 साल के अंदर ही तैयार कर दिया था।

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