
Rampur: रामपुरी चाकू (Rampuri Chaku) का नाम तो आपने सुना ही होगा। 60 से 80 के दशक में यह नाम फिल्मों में विलेन के द्वारा लिया जाता था। जहां रामपुरी चाकू बोलने का मकसद होता था अपनी धाक जमाना या डर कायम करना और वही से यह नाम पूरे देश में चर्चित हो गया। इस नाम के पीछे की साइकोलॉजी की बात करें अगर हम तो हमारे समाज में बातचीत के लिए कई तरह के उदाहरण कोड वर्ड्स द्वारा दिए जाते हैं।
इसी तरह हथियारों की चर्चा को आम बनाने के लिए या सामान्य लोगों के बीच में अपनी बात भी कह दे और किसी को खराब भी ना लगे उस उद्देश्य से हथियारों को भी अलग अलग नाम से बुलाया जाता है। जैसे कट्टा, छकड़ा, घोड़ा इत्यादि ऐसे में अगर किसी धारदार खतरनाक और जबरदस्त चाकू की बात करना हो, तो उसे रामपुरी चाकू (Rampuri knife) के नाम से ही बुलाया जाता था।
रामपुर में बनाए गए चाकू की धार इसकी डिजाइन परफारमेंस में बेहद खतरनाक होती थी, वही देखने में भी सुंदर और अट्रैक्टिव थी। परंतु समय के साथ धीरे-धीरे हिंसा केस बढ़ने के चलते इस इंडस्ट्री को रोक दिया गया था। जबकि यह चाकू सिर्फ हिंसा के लिए नहीं थे। आइए जानते हैं इतिहास को क्योंकि, अब प्रशासन ने ठान लिया है इसे फिर से चमकाने का, इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उठाने का।
20 फीट लंबा चाकू करेगा आपका स्वागत, रामपुर के नाम से पड़ा चाकू का नाम
दोस्तों हम बात कर रहे हैं रामपुरी चाकू की, इस चाकू का नाम पड़ा है रामपुर शहर नाम से जहां इसे बनाया जाता था। आपको बताना चाहेंगे रामपुर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अंदर आने वाला एक जिला है। जो लखनऊ से करीब 300 किलोमीटर दूर है, परंतु दिल्ली के बेहद करीब 180 किलोमीटर पड़ता है यह।
वैसे तो कई तरह के चाकू आपको बाजार में मिलेंगे, परंतु एक खास किस्म के चाकू जिनकी धार एवं हत्थे काफी अट्रैक्टिव होते थे और उन्हें रामपुर (Rampur) जिले में बनाया जाता था। इसलिए उनका नाम रामपुरी पड़ गया।
अनिल कपूर ने भी अपनी कुछ फिल्मों में इस चाकू का नाम अपने डायलॉग के साथ हिट कर दिया था। परंतु समय के साथ इसकी चमक कम हुई, आज जानेंगे इसके इतिहास और आने वाले समय की नई प्लानिंग।
रामपुरी चाकू एक नजर में
रामपुरी चाकू वैसे तो एक हिंसात्मक हथियार हैं, परंतु इसके हिट होने के पीछे भी एक कहानी है। टेक्निकली बात करें तो रामपुरी चाकू के 3 हिस्से होते हैं जिसमें इसकी ब्लेड करीब 9 से 12 इंच लंबी होती है। जो किसी भी चीज को एक झटके में काटने की क्षमता रखती है।
दूसरी तरफ इसकी कमर जिसमें स्प्रिंग बटन का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि इतने लंबे चाकू को फोल्ड करके आसानी से पॉकेट में रखा जा सके और अब आता है इसका सबसे जबरदस्त हिस्सा जिसे हम हत्था बोलते हैं। दरअसल इसी हत्थे की वजह से रामपुरी चाकू पहचानी जाती थी।
➡️रामपुर: नैनीताल रोड पर लगाया गया 20 फीट लंबा चाकू
➡️लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रामपुरी चाकू
➡️उत्पादों को प्रोत्साहन के उद्देशय से लगाया गया चाकू।#rampur #UttarPradesh pic.twitter.com/G844pnWlOw
— TV9 Uttar Pradesh (@TV9UttarPradesh) January 27, 2023
आपको बता दें यह हत्थे ज्यादातर लकड़ी की कारीगरी से बनाए गए सुंदर मछली और मोर जैसी डिजाइन में बनाए जाते थे। पुराने समय में आत्मरक्षा के उद्देश्य से रखे जाने वाले जाने वाली चाकू को अट्रैक्टिव बनाने का काम रामपुर के यह कलाकार करते थे। उनके इसी हत्थे की कारीगरी की वजह से यह रामपुरी चाकू का नाम फेमस हुआ। जिसे बाद में लोग शौकिया रखने लगे थे एक शाम के तौर पर।
दीमांड कम होने के चलते कारीगरों में अपना पेशा चेंज कि
फिल्मों में जैसे-जैसे नाम प्रचलित हुआ रामपुरी चाकू का वैसे-वैसे लोगों की जुबान पर चढ़कर बोलने लगा यह नाम। इससे हिंसा का प्रचार होने लगा जिस वजह से सरकार ने एक समय ईसे बनाने पर बैन सा लगा दिया था।
"रामपुरी चाकू" 🔪
रामपुर के जौहर चौक पर 20 फीट लंबा चाकू लगाया गया, ये लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना pic.twitter.com/7T3NCxUQVP— शिवानंद कबाडे (@sgkabade) January 27, 2023
नतीजा डिमांड कम होने की वजह से इसे जुड़े कारीगरों ने अपना पेशा बदल के अन्य पेशा अपना लिया था। वर्तमान में इस ऐतिहासिक चाकू को बनाने वाले सिर्फ दो ही परिवार रामपुर में एक्टिव हैं।
प्रशासन ने रामपुरी को फिर से बढ़ाने किया 20 फीट लंबे चाकू का प्रदर्शन
प्रशासन ने फिर से रामपुर में बनाए जाने वाले इस रामपुरी चाकू के प्रोडक्शन को बढ़ाने का जिम्मा लिया है। और इस चाकू की चमक को वापस लाने के लिए रामपुर के जोहर चौराहे पर 20 फीट लंबे चाकू को लगाया गया है। यह दुनिया का सबसे लंबा चाकू है, जिसे बनाने में करीब 45 लाख का खर्च आया है।



