
Chamoli: क्या आपके दिमाग में भी कभी यह बात आई है कि भारत का वह खूबसूरत और आखिरी गांव कौन सा होगा जहां भारत भूमि या पृथ्वी खत्म होती है। भारत में अनेकों गांव अनेकों शहर आते हैं जहां की सभ्यता और संस्कार अलग-अलग होते हैं। अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बोलियां अलग-अलग पकवान देखने को मिलते हैं।
यही कारण है कि भारत का हर कोना अपने आप में अनोखा है। यहां के सभी लोग भिन्न भिन्न दिखाई पड़ते हैं। भारत के अंदर ऐसी खूबसूरत जगह है, जहां पर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। प्रकृति ने इस धरती को अपने आप में ही एक स्वर्ग की तरह बनाया है।
भारत के अंदर कुछ ऐसे शहर कुछ ऐसी जगह है, जहां पर प्रकृति खुद को रिप्रेजेंट कर रही है। इन्हीं में से एक है, उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां जहां प्रकृति स्वयं को लोगों के सामने दिखाती है। उत्तराखंड (Uttarakhand) ही वह जगह है, जहां से स्वर्ग का रास्ता बनता है, इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे धरती के स्वर्ग के बारे में।
उत्तराखंड का माणा
वैसे तो उत्तराखंड स्वयं ही भगवान शिव की नगरी है। यहां पर भगवान शिव के वराह अवतार की प्रतिमाएं स्थापित है। यह शहर अपने आप में ही एक स्वर्ग है, क्योंकि यहां भगवान शिव का वास है। ऐसी जगह खूबसूरती को चार चांद लगाने के लिए एक और गांव बना है जो धरती का स्वर्ग माना जाता है।
माणा नाम से विश्वविख्यात यह गांव भारत का आखरी गांव (Last Village Of India Mana) है। यह गांव अपने आप में ही पूरे शहर की सुंदरता बटोरे हुए हैं, यहां लाखों लोग एक्सप्लोरर करने के लिए आते हैं। देसी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी इस जगह पर देखे गए हैं, जो इस जगह की खूबसूरती और प्रकृति के चमत्कार को देखने आते हैं। मान्यता के अनुसार यहाँ आने वाले को अपने जीवन में सभी पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है मतलब आर्थिक स्थिति हमेशा सही ही रहेगी।
बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर की दूरी पर है यह गांव
उत्तराखंड का माणा गांव (Mana Village) भारत और तिब्बत की सीमा से लगा हुआ है। यह गांव 2 देशों से जुड़ी हुई सीमा है जो भारत और तिब्बत को आपस में जोड़ता है। यह गांव उत्तराखंड के बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। 19000 फीट की ऊंचाई पर बसा यह गांव लाखों पर्यटक का पसंदीदा स्थल है।
वैसे तो माणा गांव अपनी संस्कृति और विरासत की वजह से जगह-जगह प्रसिद्ध है। परंतु जब से इस गांव में पक्की सड़कों का निर्माण हुआ है, तब से इस जगह की चर्चाएं और भी ज्यादा बढ़ गई है। ऊंचे ऊंचे पहाड़ों से ढका यह गांव कुछ अन्य कारणों से भी पूरे देश में प्रसिद्ध हुआ है।
पहुंचने के विकल्प
इस जगह के आसपास कई और जगह है, जहां आप घूम फिर सकते हैं और प्राकृतिक नजारों का लुफ्त उठा सकते हैं। इस जगह सरस्वती और अलकनंदा नदी का संगम हुआ है, जो पूरे देश में एक पवित्र स्थल के नाम से जाना जाता।
माणा….. गाँव बद्रीनाथ
मतलबी लोगो और तेरे आराम से अच्छा है थोड़ी तकलीफ सही पर अपना गाँव, सहर से अच्छा है। pic.twitter.com/btQQ43As33
— Pahadi panther (@Uk_044) November 30, 2022
उत्तराखंड के अंदर कई प्राचीन मंदिर और रहस्यमई गुफाएं हैं, जहां पर लोग उत्सुकता बस घूमने फिरने आते हैं और उस जगह की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। यदि आप भी उत्तराखंड घूमने की सोच रहे हैं तो एक बार भारत और तिब्बत की सीमा पर बसे इस गांव में जरूर घूमे।
भारत के आखिरी गांव माणा (उत्तराखंड) में, भारत की आखिरी चाय की दुकान की सेल्फी …. 😊 pic.twitter.com/eVhccKWtzD
— Madhavi Agarwal (@madhavi_agarwal) September 27, 2022
यहां आने के लिए आपको रेल मार्ग बस और स्वयं के वाहन से भी आप आ सकते हैं, यहां आप हवाई मार्ग का भी उपयोग कर सकते हैं। अपनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए और उस का लुफ्त उठाने के लिए आप ट्रेन और बस का सफर करें।
रहस्यमई पुल (Bheem Bridge Mana Village)
मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडवों के द्वारा अलकापुरी जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया था। लोगों का मानना है कि यह पुल काफी खतरनाक और पार करने के लायक नहीं था, परंतु पांच पांडवों में से एक पांडव जिनका नाम भीम था।
Bheem pul in mana village, 90 minutes drive from Badrinath dham. It is believed that This bridge constructed by Bheema by placing a large stone block on the river saraswati. Pandavs went to their swargarohini yatra from this place.#uttarakhandtourism #adventures #travel pic.twitter.com/3eBG6iZgRF
— Uttarakhand Travel Solutions (@UttarakhandTra6) October 8, 2020
उन्होंने अपने साहस और बल से बड़ी सी चट्टान को उठा कर अलकनंदा नदी पर फेंका था, जिससे यह एक प्राकृतिक पुल के रूप में निर्मित हो गया। लोग कहते हैं कि अलकपुरी जाने के लिए यह एक प्राकृतिक मार्ग है जिसे भीम के द्वारा बनाया गया था।



