पान बेचने वाला वो लड़का BPSC परीक्षा पास करके BDO अफसर बना, ऐसे बढ़ाया पिता का मान

0
5613
BPSC Exam Success
How a small paan shop vendor cleared BPSC Exam in Bihar. Paan seller Arvind Kumar Chaurasia cracked BPSC and became BDO officer.

Patna: अपने देखा होगा अक्सर लोग कहते हैं कि गरीबी और विपरीत परिस्थिति के चलते हम पढ़ नही सके, या बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सके। काश बेहतर सुविधाएं मिलती तो हम भी जीवन में कुछ कर गुजरते। परंतु सच्चाई यही है कि जिन्हे आगे बढ़ना होता है, वो बहाने ढूढने के बजाय समाधान ढूंढते हैं।

देश में ऐसी अनेक मिसाले देखने को मिली जिनके पास सुविधा के नाम पे न ही कोई बड़ी कोचिंग संस्थान का गाइडेंस था ना ही बड़े शहरों में पढ़ने का अनुभव था, लेकिन अपने सफल होने के जज्बे और मेहनत से वो आगे बढ़े।

ऐसी ही एक मिसाल सामने आई है, जिसमे गांव के एक गरीब युवक ने जीवन चलाने के लिए पान बेचने का काम किया और जहां चाह वहां राह की कहावत को चरितार्थ करते हुए अपने राज्य के बीपीएससी एग्जाम (BPSC Exam) को क्वालीफाई कर लिया। आज वो एक अधिकारी के तौर पे सरकारी विभाग में कार्य कर रहा। आइए जानते हैं कैसे वो इस मुकाम तक पहुंचा और किस क्षेत्र का रहने वाला है।

इस छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं अरविंद कुमार जी

हम जिनकी बात की बात कर रहे हैं वह बिहार (Bihar) के एक गांव गोगरी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले गौछारी ग्राम के रहने वाले हैं। पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें इस युवक का नाम अरविंद कुमार (Arvind Kumar Chaurasia) है एवं पिता नेपाली चौरसिया है।

अरविंद अपने पिताजी के साथ गांव की मेलों में घूम घूम कर पान की दुकान (Paan Shop) लगाने का व्यवसाय किया करते थे। इनकी स्कूली शिक्षा श्री खेदन बद्री चौरसिया स्कूल से पूरी हुए।

पढ़ाई में रुचि होने की वजह से वह अपने पान के व्यवसाय के बावजूद हमेशा पढ़ाई के प्रति संजीदा रहते थे। इस वजह से इनके शिक्षकों ने भी अरविंद को हमेशा सलाह दी की जरूरत अनुसार व्यवसाय से समय निकालकर अपनी सेल्फ स्टडी भी जारी रखें।

278वीं रैंक के साथ हासिल किया ये पद

जानकारी के अनुसार अरविंद अपने पान के व्यवसाय के अलावा बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) की कंपटीशन एग्जाम की तैयारियां कर रहा था। जिसके लिए वह किसी बड़े संस्थान में कोचिंग नहीं कर सका परंतु सेल्फ स्टडी में कोई कसर नहीं छोड़ी।

जिसका नतीजा यह है की हाल ही में आए बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणाम में अरविंद कुमार ने 278 वी रैंक हासिल करके अपना चयन हासिल किया। आज वह BDO अर्थात प्रखंड ग्रामीण विकास अधिकारी के तौर पर बिहार सरकार के मुलाजिम बन चुके हैं। अरविंद ने साबित किया यदि लगन के साथ अपने लक्ष्य की तैयारी करें तो सफलता जरूर मिलती है।

पिता ने कहा परिवार के लिए गर्व का विषय

दोस्तों जैसे ही अरविंद कुमार के बीपीएससी में सिलेक्शन होने की खबर आई गांव में जश्न का माहौल बन गया। हर कोई इस गरीब पान बेचने वाले युवक की मेहनत से प्रसन्न दिखाई दिया। जिसका नतीजा यह था की रिजल्ट आने के तुरंत बाद उसके गांव के ही कुछ लोग बैंड बाजे के साथ सम्मान हेतु उसके दरवाजे तक पहुंचे, अपनी तरफ से ही अरविंद को मिठाई खिलाई एवं उनके परिवार का सम्मान किया।

अरविंद के स्कूल में भी शिक्षकों ने अरविंद के सम्मान में एक सभा आयोजित की जहां उन्हें एवं उनके पिता को सम्मानित किया गया। ऐसे समय में अरविंद के पिता का कहना था कि, आज पूरे परिवार को अरविंद कुमार की मेहनत पर बहुत गर्व है।

युवाओं को जरूरत है ऐसी कहानियों से सकारात्मक सोच बढ़ाएं

दोस्तों सोशल मीडिया के प्रभाव के चलते बहुत से युवक अपना कीमती समय अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित ना करके सोशल मीडिया में डाले गए पोस्ट एवं उनके लाइक और कमेंट में ही उलझ चुके हैं। नतीजतन आए दिन यही सुनने मिलता है कि, रोजगार दिन पर दिन घट रहे हैं और युवाओं को मौके नहीं मिल रहे।

वहीं अरविंद कुमार जी जैसे ढेरों युवक है, जिन्होंने अपनी मेहनत से साबित किया कि सफलता के लिए सुविधाओं का होना जरूरी नहीं है। बल्कि कुछ लोगो ने आत्मनिर्भर भारत की सोच पे अपने स्टार्टअप भी शुरू किए जिससे रोजगार मांगने की जगह रोजगार देने को बढ़ावा मिला।

अगर आप भी अपने कैरियर के लिए संजीदा हैं तो आज ही अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसके प्रति है, पूरी निष्ठा के साथ समर्पित हो जाएं। सफलता निश्चय ही आपके कदम चूमेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here