
Jaipur: भारत में अनेकों राज्य है परंतु राजस्थान (Rajasthan) जैसा राज्य कोई भी नहीं है। राजस्थान के नाम में ही झलकता है की राजाओं का राज्य। राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य है, जहां आज भी राजा रानी के महल और बड़े-बड़े किले दिखे जा सकते है। इस राज्य की खास बात यह है कि यहां पर खान पान और संस्कृति अलग ही झलकती हैं।
राजस्थान की लोग यहां के खाने और पहनावे से जानते हैं। वैसे तो राजस्थान बहुत ही गर्म इलाका है, क्योंकि यहां रेगिस्थान है और पानी की कमी ज्यादा है। परंतु यहां के लोग खाने की चीजों में चटपटपन और स्वाद के साथ में कभी समझौता नहीं करते। जला देने वाली धूप और गर्मी में भी आप यहां के खाने में वही स्वाद और वही तीखापन पाएंगे जो यहां की पहचान है।
राजस्थान में खट्टा मीठा-तीखा सभी प्रकार का स्वाद मिलता है और सब का अंदाज भिन्न भिन्न होता है। इस राज्य की मिठाईयां पूरे भारत में प्रसिद्ध है और इनका खाना हमारे भारत देश की शान है। विदेशों के लोग भी भारत के राजस्थान का खाना खाकर काफी प्रसन्न होते हैं।
राजस्थान की मिठाइयां भी है पूरे विश्व में मशहूर
जैसा कि हम जानते हैं कि राजस्थान में ना केवल खाना बल्कि मिठाइयां भी हैं, जो लोगों को खूब पसंद आती हैं। राजस्थान का घेवर प्रमुख मिठाई (Sweets) है और रबड़ी इस राज्य की शान है। इस राज्य के लोग बनाने के साथ-साथ अन्य देशों से और राज्यों से आए महमानो को खिलाने में भी एक्सपर्ट है।
इस राज्य में ढेरों मिठाइयों की दुकान बड़े-बड़े होटल है, जो केवल राजस्थानी खाना के लिए प्रसिद्ध है। इसी के साथ राजस्थान में ढेरों मिठाई भंडार है जिनमें से एक है महावीर रबड़ी भंडार।
इस होटल में बहुत वर्षों पहले से रबड़ी बन रही है, जो इस होटल की शान है। जानकर हैरानी होगी कि यह दुकान 140 वर्ष पुरानी है, जिसे चार पीढ़ियों ने अभी भी जिंदा रखा हुआ है। तो आइए इस लेख के माध्यम से हम उस दुकान के बारे में विस्तार से जाने।
जयपुर की शान है महावीर रबड़ी भंडार
राजस्थान के जयपुर शहर का हवामहल पर्यटन स्थल काफी चर्चित है। राजस्थान की यात्रा करने वाला यात्री इस पर्यटन स्थल को अच्छी तरह जानता है। परंतु इसी हवामहल के पास एक छोटी सी गली है, जिसका नाम मिश्रा राजाजी है।
इसी गली के अंदर महावीर रबड़ी भंडार नाम से एक छोटी सी मिठाई की दुकान दिखाई पड़ती है। यह वही दुकान है, जिसकी चर्चा पूरे राजस्थान में है। महावीर रबड़ी भंडार पिछले 104 वर्ष से दिन दोगुना रात चौगुना तरक्की कर रहा है इस होटल की रबड़ी राजस्थान के साथ-साथ अब पूरे भारत में प्रसिद्ध हो रही है।
कपूर चंद्र जैन ने शुरू की इस दुकान
आज से करीब 140 वर्ष पूर्व कपूर चंद जैन (Kapoor Chand Jain) ने इस होटल की शुरुआत की थी। कपूर चंद्र पेशे से पहलवान थे और अखाड़ा के संचालक थे। कपूर चंद्र जी शुरू से ही खाने-पीने के मामले में काफी तेज थे। जिस वजह से उन्होंने सोचा कि ताजे दूध के साथ रबड़ी बेची जाए।
उन्होंने अपना कारोबार की शुरुआत की। उनके द्वारा निर्मित ताजे दूध की रबड़ी जयपुर वासियों के मुंह को खूब भाई देखते ही देखते जयपुर की रबड़ी पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध होने लगी। पोषक तत्व से भरी रबड़ी स्वाद में काफी स्वादिष्ट होती है।
धीरे-धीरे जयपुर से पूरे राजस्थान में महावीर रबरी भंडार (Mahaveer Rabri Bhandar) का नाम गूंजने लगा और इस प्रकार महावीर रबड़ी भंडार पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध हो गया। फिर कपूर चंद्र ने रबड़ी के साथ ताजे दूध की अन्य मिठाईयां बनाना भी प्रारंभ किया, जिससे उनका रोजगार और ज्यादा बढ़ गया।
पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है व्यापार
104 वर्ष पुराने इस व्यापार को आज कपूर चंद्र जैन की तीसरी और चौथी पीढ़ी (Third And Fourth Generation) काफी अच्छी तरह चला रही है। इसकी मजेदार बात यह है कि इस पीढ़ी में बेटियां शामिल है, जो इस व्यापार को काफी ज्यादा बढ़ा चुकी है।
For anyone who'll be in Jaipur whenever, these are my two top recommendations –
1) Bejad roti and rabri at Mahaveer Rabri Bhandar
2) Kulfi Falooda at Ramchandra Kulfi Bhandar pic.twitter.com/lSsxxt6IHG— Wannabe Waymond (@wikikedia) June 17, 2022
आपको बता दें कपूर चंद्र जैन का मिष्ठान भंडार उनकी पोती सीमा बड़जात्या उनके पति अनिल के साथ सीमा की बेटी अमृता इस दुकान को बखूबी चला रही है। कपूर चंद्र जैन के व्यापार को उनकी पोती और पर पोती ने व्यापार को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।
अब इस मिष्ठान भंडार में रबड़ी और अन्य मिठाइयों के साथ खाने की थाली ड्राई फ्रूट्स और कई प्रकार के रेडी टू ईट फूड भी मिलते हैं। इसी के साथ उनका मिष्ठान भंडार समय के साथ तरक्की कर रहा है।



