उत्तराखंड की इस बेटी ने अपने पापा से कोचिंग लेकर सीधे गोल्ड मैडल पर पर निशाना साध दिया, रचा इतिहास

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Yashasvi Joshi
Yashasvi Joshi from Pithauragarh won gold medal in Asian shooting championship. Inspiration for the daughters of the mountain.

Pithoragarh: वर्तमान समय में बेटियां बेटों से कई कदम आगे हैं, वह हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। बेटियां उन क्षेत्रों में भी अपना नाम रोशन कर रही है, जिनमें लोगों की अवधारणा होती थी कि यह काम केवल आदमी ही कर सकते हैं, परंतु अब बेटियां उन क्षेत्रों में भी खुद को साबित करें है कि उनके लिए कोई भी काम असंभव नहीं है।

ऐसी कहानी है उत्तराखंड (Uttarakhand) की एक बेटी की जिसने निशानेबाजी में गोल्ड मेडल (Gold Medal) हासिल किया। काफी लोगों से कहते सुना है कि कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनमें केवल लड़के ही कर सकते है, परंतु इन्हीं लोगों के लिए यशस्वी जोशी (Yashasvi Joshi) एक प्रेरणा है, जो निशानेबाजी (Shooting) में अपना नाम रोशन कर रही हैं।

दोस्तों यह वही बेटियां है, जो घर के किचन से लेकर कुश्ती के मैदान तक में भी अपनी पहुंच को दर्ज कर रही हैं। आइए आगे के लेख में जानेंगे यशस्वी की इस सफलता के बारे मे।

एशियन शूटिंग चैंपियनशिप की घोषणा

एक खबर से पता चला है कि दक्षिण कोरिया में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप ऑर्गेनाइज किया गया था, जो 9 नवंबर से 15 नवंबर तक चला। चैंपियनशिप में देश के हर कोने से कई सारे एथलीटों ने भाग लिया जिसमें उत्तराखंड की यशस्वी जोशी भी शामिल थी। उन्होंने भी इस चैंपियनशिप में भाग लिया और काफी अच्छा प्रदर्शन भी किया।

प्रतियोगिता में जीता गोल्ड मेडल

आपको बता दें उत्तराखंड के अंतर्गत आने वाला पिथौरागढ़ की रहने वाली यशस्वी जोशी बचपन से ही शूटिंग सीख रही है। उनके गुरु कोई और नहीं बल्कि उनके पिता मनोज जोशी ही है। दक्षिण कोरिया में आयोजित चैंपियनशिप की एक कड़ी जिसमें 10 मीटर पिस्टल शूटिंग में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया।

इसके अलावा साथ ही उस चैंपियनशिप को जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एक गुरु का एक शिष्य के जीवन में क्या महत्व होता है। यह हर सफल इंसान जानता है, हर अच्छे काम में काफी सारी मुसीबतें आती है। उन मुसीबतों में हौसला देने वाला हमारे गुरु ही होते हैं।

चारों तरफ से मिल रही है बधाइयां

यशस्वी जोशी अपने ही क्षेत्र के सोरवेली पब्लिक स्कूल में शिक्षा प्राप्त करती हैं। गन शूटिंग की ट्रेनिंग अपने पिता से लेती है, यशस्वी बचपन से ही गन शूटिंग कर रही है। इसकी वजह से अभी तक उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक कई प्रतियोगिताएं जीती हैं।

इस उपलब्धि पर स्कूल के शिक्षक राजेश मोहन उप्रेती, शिक्षिका उषा उप्रेती आदि उनके लिए काफी ज्यादा खुश हैं और उन्हें ढेर सारी बधाइयां दे रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान यशस्वी के पिता मनोज जोशी से बातचीत की गई और उनसे यशस्वी की इस सफलता के बारे में पूछा गया।

तब उन्होंने बताया कि यशस्वी जब 9 वर्ष की थी, तब से उन्होंने प्रैक्टिस शुरू कर दी और धीरे-धीरे उन्होंने खुद को इस लेवल तक ले आई। बचपन में यशस्वी उनके पिता को शूटिंग करते हुए देखा करती थी। तभी से ही उनके मन में शूटिंग करने की इच्छा जागृत हुई।

उत्तराखंड के सीएम से मिली बधाइयां

यशस्वी ने इंटरव्यू के दौरान बताया की वे सरकार से काफी ज्यादा नाखुश है। क्योंकि उनके साथ आए हुए कई सारे प्रतियोगी अलग अलग राज्य के थे और उन राज्यों की सरकार ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं के लिए ढेर सारी सुविधा मुहैया करा रही हैं।

यदि ऐसी सुविधाएं यशस्वी को मिलती तो आज वे और जल्दी सफल एथलीट बन जाती। वही दूसरी तरफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से ट्वीट करते हुए बधाई दी।

उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा की उत्तराखंड पिथौरागढ़की बेटी यशस्वी जोशी को दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप के 10 मीटर पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल करने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं, आपकी यह अद्वितीय जीत आने वाले भविष्य के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है आपको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं।

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