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Saran: अगर कोई प्रतिभा हमारे अंदर है, तो उसे किसी भी प्रकार की बाहर की सूविधा की आवश्यकता नहीं होती है। हमारे देश के हर युवा में अलग अलग प्रतिभाऍं है। अगर हमारे देश के राज्य बिहार की बात करे, तो यहां के युवा की पढ़ाई की प्रतिभा के बारे में हर कोई जानता है।
बिहार राज्य के युवा की प्रतिभा जग जाहिर है। वहा के नौजवानो ने हर क्षेत्र में पूरे विश्व में अपना लोहा मनवाया है। बेटियो की बात करे, तो वह भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा जाहिर कर रही है। किसी से भी वह कोई मामले में पीछे नही है।
अपनी प्रतिभा से देश की बेटिया अपना, अपने राज्य का, अपने माता पिता का नाम रौशन कर रही है। इसमें कोई दौराह की बात नहीं है। ऐसा ही कुछ हमारे देश बिहार राज्य से संबंध रखने वाली बेटी नाजिया (Nazia) ने किया है।
बिहार की बेटी ने सीएसआईआर परीक्षा उत्तीर्ण कर 85 वी रैक हासिल की
नाजिया ने एक ऐसी उपलब्धि प्राप्त कर ली है कि उसका गुणगान बिहार राज्य का हर व्यक्ति कर रहा है। नाजिया की प्रतिभा ने उसके परिवार का, राज्य का तथा भारत देश का नाम रौशन किया है। नाजिया ने अपनी उपब्लिध से सबको यह बता दिया है कि भारत की लड़किया हर क्षेत्र में आगे है।
आपको बता दे कि नाजिया ने साइंस तथा टेक्नोलॉजी मंत्रालय के अंतर्गत होने वाले वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान के लिये आयोजित होने वाली यूजीसी सीएसआईआर परीक्षा (CSIR Exam) में सफलता हासिल की है। इस सफलता के साथ ही नाजिया को पूरे देश से लोगो के द्वारा बधाई मिल रही है।
नाजिया ने इस सफलता को इतनी आसानी से प्राप्त नही किया। नाजिया ने बताया कि उसने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में प्राप्त किया है। जी हॉं पहले के दो प्रयास में नाजिया इस परीक्षा को निकालने में असफल रही थी। इस परीक्षा को नाजिया ने सिर्फ पास ही नही किया, बल्कि इसमें अच्छी खासी रैंक भी प्राप्त की है। नाजिया को इस परीक्षा में पूरे विश्व में 85 वी रैंक प्राप्त हुई है।
कोचिंग पढ़ा कर नाजिया ने की अपनी शिक्षा पूरी
नाजिया के जीवन संघर्ष की बात करे तो नाजिया के पिता का नाम रशीद अहमद है। वही उनकी माता का नाम नसीम बानो है। जोकि इस दुनिया में अब नही है। नाजिया बिहार के छपरा के पास जीतन मंजिल के अंतर्गत आने वाले राहत रोड पर अपने 3 भाई के साथ में निवास करती है। नाजिया ने अपनी पीजी तक की पढ़ाई खुद के दम पर की है।
उन्होंने अपनी पढ़ाई छपरा से ही पूरी की है। जब नाजिया पीजी कर रही थी, उस समय वह ग्रेजुएशन तथा इंटर के छात्रो को सांइंस सब्जेक्ट पढ़ाया करती थी। नाजिया कोचिंग लिया करती थी और इसी कोचिंग से जो भी आमदानी होती थी वह इसे अपनी पढ़ाई में खर्च किया करती थी।
जाने नाजिया के परिवार के बारे में
नाजिया बताती है कि उसकी पहले से ही तमन्ना थी की वह सीएसआईआर परीक्षा को उत्तीर्ण करे। वह बताती है कि इस सफलता को उन्होंने अपने दम पर अपनी सेल्फ स्टडी से हासिल की है।
वह बताती है कि उनके जो बड़े भाई है वह एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद में अब साउदी अरब में सीनियर डॉक्टर के पद पर शाही अस्पताल में काम करते है। उनका नाम अराफात रिम्स है। वही नजिया के जो दूसरे भाई है उनका नाम फिरोंज है और वह एक मनोवैज्ञानिक है।
वही नजिया के सबसे छोटें भाई जिनका नाम नदीम है वह अंतर्राष्ट्रीय मार्केटिंग में काम करते है। वही अगर नाजिया के पापा की बात करे, तो वह एसबीआई में डिप्टी मैनेजर है। इस प्रकार देखा जाये, तो नजिया को पूरा परिवार एक अच्छी नौकरी में है। ऐसे में कुछ बड़ा करना वह जरूरी समझती थी।
8, 10 घंटे नहीं बल्कि हर दिन पढ़ना है जरूरी
अगर नाजिया के निजी जीवन की बात करे तो वह एक कुशल गृहणी है। जी हॉं नाजिया की शादी हो चुकी है। उनके 2 बच्चे भी है। अपने इस लक्ष्य को अपने सपने को हकीकत में बदलने के लिये नाजिया के भाई और उनके पति ने ही मोटिवेट किया था। जिसकी वजह से वह इस सफलता को प्राप्त करने में कामयाब हो पाई है।
नाजिया बताती है कि अपने घर के सभी काम करके वह हमेशा ही हर दिन अपने लिये समय निकाला करती थी, जिसमें वह अपनी स्टडी किया करती थी। वह कहती है कि अगर सफलता हासिल करनी हो, तो हर दिन अपने स्टडी के लिये समय निकालना जरूरी है।
वह कहती है आवश्यक नही है कि आप हर दिन 8 या फिर 10 घंटे पढ़ाई करे, लेकिन हर दिन कुछ ना कुछ जरूर पढ़े। वही वह कहती है कि असफलता पर निराश नही होना चाहिए, बल्कि जो भी सफलता के लिये कमी रह गई है। उस पर फौकस करके उसे मजबूत बनाना चाहिए। तभी सफलता हासिल होती है।



