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विंग कमांडर अंजली के चाचा जनार्दन प्रसाद सिंह ने बताया कि उनके पिता मदन प्रसाद सिंह भी एयर फोर्स में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रूप में देश की सेवा कर चुके हैं। अंजलि की इस बड़ी उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ उसके पैतृक गांव में भी जश्न का माहौल है। छोड़े से गाँव समस्तीपुर जिले के वारिसनगर प्रखंड के मकसूदपुर की रहने वाली अंजली ने देश के सैन्य इतिहास में एक नई गरिमा अपने नाम कर ली है।
वह अभी तक कि किसी भी भारतीय मिशन में विदेश में Posting होने वाली प्रथम महिला विंग कमांडर बनी है। वह 17 सालों से सैन्य में लगातार अपनी सेवा दे रही है। अंजली के चाचा जनार्दन प्रसाद सिंह ने बताया हैं कि उनके पिता मदन प्रसाद सिंह भी एयर फोर्स में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रूप अपना समय देश की सेवा में दे चुके हैं।
पिता के नौकरी बिहार में ना होने के कारण उनकी पढ़ाई बिहार में नही हो सकी। उनकी शिक्षा बिहार से बाहर ही हुई। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद दो सालों तक भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में जॉब की। उसके बाद उसने पिता से प्रेरित होकर SSB की Exam क्लियर कर एयरफोर्स जॉइन की।
उन्होंने आज सभी लड़कियों का सर गर्व से ऊंचा कर दिया सभी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।आगे बढ़ने से मंजिल मिलती है बैठे रहने से मंजिल दूर हो जाती है। ये कहावत सच कर दिखाई है। कड़ी मेहनत से मंजिल हासिल की जा सकती है।
Wg Cdr Anjali is an AE(L) officer with 17 yrs of service. She is trained on MiG-29 aircraft. @MEAIndia @IndianDiplomacy @ANI @PTI_News @WIONews @IAF_MCC @SpokespersonMoD @DefenceMinIndia @RT_com @SputnikInt @tass_agency @riabreakingnews pic.twitter.com/WFOYwDSaoe
— India in Russia (@IndEmbMoscow) September 16, 2019
भारतीय वायु सेना में नया इतिहास रचने वाली अंजली की इस सफलता को लेकर उनके पैतृक गांव में निवास कर रहे उनके भतीजा और भतीजी में भी खुशी की लहर सभी गॉव वाले बहुत उत्साहित हैं। वो कहते हैं कि कामयाबी के लिए ईमानदारी, कड़ी मेहनत और लगन की आवश्यक होती है।



