लड़के ने जेल में रहकर IIT का एग्जाम पास किया, पूरे देश में 54वां रैंक लाकर सबको हैरान कर दिया

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Suraj Kumar IIT
Bihar Native Suraj Kumar Clears IIT JAM from Jail Securing AIR 54. Bihar jail inmate cracks IIT exams and get rank 54 all-India in mains.

Nawada: कहते है आप किस स्थान मे है इससे फर्क़ नहीं पड़ता। अगर आपके हौसलो मे दम हो तो कैदखानों मे भी रहकर आप नाम रौशन कर सकते है। कुछ ऐसा ही किया है नवादा मंडल कारा मे निवास करने वाले सूरज कुमार ने। उन्होंने ऐसा कार्य कर दिया है कि आज वह किसी मिसाल की तरह लोगों के बीच जाने जा रहे है। आखिर क्या किया है सूरज कुमार (Suraj Kumar) ने आइए जानते है।

जैल मे रहकर सूरज ने पास किया आईआईटी का एंट्रेंस Exam

आपको बता दे कि सूरज कुमार एक कैदी की तरह अभी जेल में अपना जीवन बिता रहे हैं। लेकिन जेल में रहकर भी सूरज ने ऐसा अनोखा कारनामा दिखाया है। जिसे लोग बड़े-बड़े शान मे रहकर भी पूरा नहीं कर पाते। आपको बता दे सूरज कुमार ने जेल (Prison) में रहकर आईआईटी का जो एंट्रेंस एग्जाम (IIT Entrance Exam) होता है, उसे पास कर लिया है।

सूरज कुमार ने जेल (Jail) में रहते हुए ही ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स नाम की परीक्षा को पास करने मे सफलता हासिल कर ली है। इसे हासिल कर सूरज कुमार लोगों के लिए एक अनोखे उदाहरण की तरह प्रस्तुत हो गए है।

काराधीक्षक ने की मदद, नोट्स और बुक्स दिलवाई

सूरज कुमार ने जेल मे रहते हुए ही आईआईटी एंट्रेंस एग्जाम (JEE) जिसे ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स के नाम से जानते है, उस परीक्षा में पूरे इंडिया में 54 वां स्थान प्राप्त कर लिया है। इस Exam को पास करके अब सूरज कुमार आईआईटी कॉलेज में दाखिला लेंगे और मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करेगे।

इस उपलब्धि पर सूरज कुमार के परिवार वालों काराधीक्षक जिनका नाम अभिषेक कुमार उनका हाथ बताया है। पढ़ाई के लिए सूरज कुमार को अभिषेक कुमार पांडे सारी सुविधाएं दिलाई। इन सुविधाओं के सहारे ही सूरज एग्जाम को इतने अच्छे अंकों से पास कर पाए।

अभिषेक कुमार पांडे (Abhishek Kumar Pandey) ने सूरज को आवश्यक सभी बुक्स और नोट्स दिलवाये। अभिषेक कुमार ने सूरज की जो मदद की उससे सूरज कुमार के अंदर अलग ही ऊर्जा उत्पन्न हुई। इस ऊर्जा ने ही उन्हें इतनी बड़ी कामयाबी दिलवाई।

जेल जाने के पहले कोटा से कर चुके थे, Exam की तैयारी

सूरज कुमार का एक और दूसरा नाम भी है। सूरज को अन्य नाम कौशलेंद्र कुमार से भी जाना जाता है। सूरज कुमार वारिस अलीगंज के मौसमा गांव मे निवास करते है। सूरज यह Exam इसलिए भी पास कर पाये, क्योंकि सूरज कुमार जेल जाने से पहले ही इस एंट्रेंस एग्जाम के लिए राजस्थान के शहर कोटा (Kota) में रह कर तैयारी कर चुके थे। लेकिन तैयारी करने के बाद जब वह जेल चले गए तो उनका मनोबल टूट गया था।

मामूली विवाद के चलते हो गई थी जेल

सूरज कुमार के जैल जाने का कारण एक मामूली नाली का विवाद था, लेकिन उस छोटे से नाली विवाद मे सूरज के हाथो कुछ ऐसा हो गया कि उनको जैल जाना पड़ा। गांव में चल रहे एक नाली विवाद की वजह से सूरज के हाथों से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी।

इस छोटे विवाद ने हत्या का रूप ले लिया। इस जुर्म के लिए पुलिस ने सूरज कुमार को अरेस्ट किया। गिरफतार करने के बाद मे पुलिस ने सूरज कुमार को जेल में डाल दिया।

लोगों के लिए बने उदाहरण

सूरज कुमार की स्पीच सुनकर काराधीक्षक अभिषेक कुमार पांडे ने सूरज कुमार की मदद करने का मन बनाया। अभिषेक कुमार पांडे ने सूरज कुमार की मदद के लिए एग्जाम से संबंधित सभी बुक्स और नोट्स को सूरज तक पहुंचाया।

नोट्स के मिलने के बाद सूरज को तैयारी करने में बहुत मदद मिली। इस मदद और अपनी मेहनत की बदोलत सूरज कुमार एग्जाम क्वालीफाई कर पाए। उन्हें इसमें कामयाबी मिली। जिसके साथ वह करोड़ों लोगों के लिए उदाहरण बनकर पेश हो गए।

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