
Photo Credits: ANI On Twitter
Mumbai: देश में आपदा ने काफी हाहाकार मचा दिया था। इस महामारी से काफी परिवार उजड़ गए किसी ने अपने घर के सदस्यों को खोया तो कई बच्चों ने अपने माता पिता को ही खो दिया। आपदा और महामारी की दूसरी लहर ने देश के कई प्रदेशों को एकदम खोखला कर दिया। जिसमें महाराष्ट्र और दिल्ली महामारी से काफी ज्यादा प्रभावित हुए।
कई महीनों तक लॉकडाउन की स्थिति बनी रही। इस लॉकडाउन (Lock Down) ने भारत की अर्थव्यवस्था को भी काफी प्रभावित किया है लोगों ने आर्थिक, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना किया है। अब धीरे-धीरे सभी प्रदेशों के लोगों की जिंदगी पटरी पर आ रही है, वह इस महामारी के दौर से निकल रहे हैं।
इस महामारी के कठिन समय के बाद लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए मुंबई (Mumbai Police) की कॉन्स्टेबल रहाना शेख (Rehana Shaikh) मानवता को रिप्रेजेंट करते हुए आगे आए। उन्होंने मुंबई के 50 आदिवासी बच्चे जो गरीबी की चपेट में है उन्हें गोद लिया और उनको शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। इसीलिए मुंबई वासियों ने उन्हें एक नाम दिया मुंबई की मदर टेरेसा। तो चलिए जानते हैं मुंबई की मदर टेरेसा के बारे में।
गरीब बच्चों को सहायता के लिए आगे आई
रहाना ने जब अपनी बेटी को जन्म दिया, तो रहाना काफी खुश थी और उनका परिवार भी। इस खुशी को उन्होंने अलग ही तरीके से मनाना चाहा इसके लिए उन्होंने रायगढ़ (Raigarh) के वाजी तालुका में ज्ञानी विद्यालय के बारे में जानकारी प्राप्त की और उस विद्यालय की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए उस विद्यालय के प्रिंसिपल से संपर्क किया।
इसके बाद उन्होंने स्कूल के बच्चों की सहायता करने की बात रखी। इसके लिए उसे स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें स्कूल जाकर स्कूल के बच्चों की सहायता करने की बात कही। तब रहाना अपनी फैमिली के साथ बच्चों के लिए कुछ जरूरत का सामान लेकर स्कूल पहुंची।
50 बच्चों को शिक्षित करने का उठाया जमा
रहाना ने अपने बच्चों से कहा कि वह इस ईद पर कोई तोहफा या सामान नहीं खरीदेंगे और ना ही किसी मेहमान को दावत देंगी। उनकी बात को बच्चों ने अच्छी तरह समझा और परिवार के सभी सदस्यों ने आपस में मिलकर पूरा दिन स्कूल के बच्चों के साथ व्यतीत किया इसके बाद रहाना ने 50 बच्चों को अपनी तरफ से शिक्षित करने का फैसला लिया।
रहाना कहती है कि शिक्षा ही एक ऐसी कुंजी है, जो समाज में परिवर्तन ला सकती है। इसी लिए आज की जनरेशन को शिक्षित होना बेहद जरूरी है यही हमारे कल का भविष्य है। रहाना को आप एक समाजसेवी के रूप में भी देख सकते हैं।
Maharashtra | Mumbai Police constable Rehana Shaikh adopts 50 needy children.
"My friend had shown me some pictures of a school. After that, I realised that these children need my help & I adopted 50 children. I will bear their education expenses till Class 10th," she said pic.twitter.com/RRGPSXEBCv
— ANI (@ANI) June 12, 2021
महामारी के समय महामारी से ग्रस्त मरीजों, आर्थिक संकट से परेशान व्यक्तियों और उचित ट्रीटमेंट न मिल पाने वाले व्यक्तियों की उन्होंने मदद की। महामारी से पीड़ित 54 व्यक्तियों को रहाना ने प्लाज्मा, ऑक्सीजन और रेमडेसीविर इंजेक्शन की व्यवस्था कराई साथ ही अस्पताल की सेवाओं को सुचारू रखने के लिए भी मदद।
कई पुरस्कारों से किया सम्मानित
रहाना ने समाज के बीच एक ऐसी पहचान स्थापित की है कि आज व्यक्ति जरूरत पड़ने पर रहाना को फोन के माध्यम से मदद के लिए पुकारता है। रहाना बताती हैं कि 1 दिन उन्हें कैंसर पीड़ित व्यक्ति के इलाज के लिए ए प्लस ब्लड ग्रुप के ब्लड के लिए कॉल आया था।
Mumbai Police officer Rehana Shaikh helping people for Plasma donations in Mumbai,Pune & all over Maharashtra,hats off to Mumbai Police @CMOMaharashtra @PMOIndia @Dwalsepatil @DGPMaharashtra @MumbaiPolice @CPMumbaiPolice @mtptraffic @SoodFoundation #COVID19 pic.twitter.com/H2IVrtKvxL
— NEWSGROUPMEDIA (@newsgroupmedia) April 30, 2021
उस मरीज के लिए रहाना काफी परेशान थी, तब उनके पति उन्हें हॉस्पिटल ले गए और अपनी इच्छा से उस व्यक्ति को रक्तदान किया। मुंबई कॉन्स्टेबल रहाना शेख को विभाग की तरफ से 40 वर्षीय व्यक्तियों के सामाजिक कार्यों के लिए चुना गया है। उनके इस कार्य से उन्हें मुंबई पुलिस द्वारा उत्कृष्टता प्रमाण पत्र से नवाजा गया है।
रहाना एक कॉन्स्टेबल के साथ है बॉलीबॉल खिलाड़ी
रहाना शेख बीते 21 वर्षों से पुलिस विभाग के साथ जुड़कर समाज सेवा कर रही है, इसके साथ ही वह एक अच्छी एथलीट और वॉलीबॉल खिलाड़ी भी हैं। उनका मानना है कि अपने आदर्शों को अपने कार्यों में लाना अच्छा होता। वे कहते हैं कि गरीबों की मदद से ईश्वर उन्हें तरक्की देता है इसी के साथ उन्होंने सभी सक्षम व्यक्तियों से गरीब व्यक्तियो के भोजन आश्रय और दवा पानी की मदद के लिए अपील की।



