हमारे पड़ोसी देश चीन को इज़रायल से बाहर करने के लिए अडानी ने बंदरगाह खरीदा, बढ़ेगा भारत का रुतबा

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Gautam Adani in Israel
Gautam Adani biggest bid for acquisition at Haifa port in Israel. Indian businessman Gautam Adani is giving competition to China. Photo Credits Twitter and IANS.

Surat: दुनिया में चीन (China) एक ऐसा देश है, जो हमेशा से हर देश का बुरा करते आ रहा है। चीन की इन हरकतों ने विश्व के सभी देशों को परेशान कर रखा है। चीन देश तकनीकी से लेकर ओद्योगिकी के हर क्षेत्र में आगे है। इसके बाबजूद भी चीन हर देश को अपने कब्जे में करना चाहता है। परंतु हर देश अपने स्तर पर चीन के वार का जबाव दे रहते है।

आप जानते है की वर्ष 2019-2020 में महामारी हर देश में कहर बन कर बरपी है और इसके पीछे भी चीन जिम्मेदार है। इस वायरस का निर्माता चीन है, इस बात का पता लगते ही विश्व के सभी देशों ने चीन से आयात निर्यात बंद कर दिया साथ ही चीन के हर उत्पादन पर रोक लगा दी।

अब भारत देश में चीन को एक और झटका दिया है आपको बता दें, भारत के दूसरे सबसे बड़े उद्योगपति मिस्टर गौतम अडानी (Gautam Adani) ने इजराइल (Israel) का बंदरगाह खरीदा जिससे इजराइल के अंदर चीन का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया।

देश के नामचीन उद्योगपति गौतम अडानी

भारत के नाम चीन उद्योगपति गौतम अडानी जो के दूसरे स्थान के अमीर व्यक्ति है। अडानी भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के टक्कर के व्यक्ति है। एक बार फिर उन्होंने अपने नाम का परचम लहराया। उन्होंने इस बार अंबानी या टाटा को टक्कर नही दी उन्होंने तो सीधे चीन पर वार किया है।

मिली जानकारी से पता चला है कि देश के अरबपति गौतम अडानी की फर्म अडानी पोर्ट्स ने 14 जुलाई वर्ष 2022 में लोकल बिज़नेस पार्टनर केमिकल एंड लॉजिस्टिक्स ग्रुप के गैडोट के साथ संधि कर इजराइल के हाइफा पोर्ट के निजीकरण का टेंडर अपने हिस्से में किया है। इजरायल का यह सबसे खास और बड़ा बंदरगाह जो भू-मध्यसागर के तट पर स्थित है। और यह बंदरगाह व्यापार मार्ग की दृष्टि से सबसे बड़ाऔर प्रमुख केंद्र है।

अडानी ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी

बंदरगाह (Port) के खरीदे जाने की न्यू अपडेट स्वयं गौतम अडानी के द्वारा ट्विटर पर देते हुए लिखते है की हम और हमारे मित्र गैडोट के साथ मिल कर हमने इज़राइल देश के हाइफ़ा बंदरगाह के प्राइवेटाइजेशन के लिए टेंडर जीता है, जो काफी प्रसन्नता जनक है। यह दोनों देशों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार अडानी और उनके साथी ने यह टेंडर 4.1 अरब शेकेल यानी 1.18 अरब अमेरिकी डॉलर में खरीदा है। इजरायल देश आशा करता है, इस निजीकरण के बाद अब आयात के मूल्यों में कमी आएगी और बंदरगाहों पर लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करना पड़ेगा। इजराइल देश का यह बंदरगाह (Haifa port in Israel) जो अडानी का हो चुका है, अब यह निजी बंदरगाहों से प्रतिस्पर्धा करेगा।

बीते वर्ष खाड़ी में अपना बंदरगाह निर्मित करने वाला प्रतिद्वंदी कोई और नहीं, बल्कि चीन देश का शंघाई इंटरनेशनल पोर्ट समूह है। अब मजे की बात यह है कि चीन का यह पोर्ट समूह अडानी के बंदरगाह के सामने कितने वक्त तक टिकेगा।

अपनी मेहनत के बलबूते पर खड़ा किया व्यापार

आप को बता दे अडानी भारत के ऐसे बिजनेस मैन हैं, जिन्होंने अपने व्यापार की शुरुआत शून्य से की और वर्तमान में अपनी मेहनत के दम पर सूचीबद्ध कंपनियां स्थापित की। इन कंपनियों ने उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारी बनाया है। उनकी कंपनिया आज 153 बिलियन डॉलर का व्यापार कर रही है।

अडानी व्यापार के मामले में काफी समझदार और ज्ञानवान व्यक्ति है। वे अपने ज्ञान से प्रत्येक क्षेत्र में अपनी धाक जमा रहे है। उन्हे हर क्षेत्र में कामयाबी भी मिली है, जैसे कोयले का व्यापार, हवाई अड्डे का संचालन, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर एम्पायर, आदि।

अडानी को कहा बंदरगाहों के राजा

दो दशाब्द से भी कम वक्त में अडानी के द्वारा विश्व के कई बंदरगाहों को खरीद लिया गया और उन पोर्ट के बुनियादी ढांचे और सेवाओं के यूनिक पोर्टफोलियो का निर्माण, अधिग्रहण और उसका विकास किया है।

अडानी के 13 बंदरगाह और टर्मिनल देश की 24 प्रतिशत सामर्थ को रिप्रेजेंट करती है, जिस प्रकार से अडानी भारत में प्रमुख बंदरगाहों को चला रहे है। उसी प्रकार उन्हे भारत के बंदरगाहों का राजा भी कहा जाने लगा है । अडानी बंदरगाहों के संचालन में काफी मंझे हुए खिलाड़ी है। उनके सामने चीन ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकेगा।

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