
Jabalpur: सबसे पहले हम बात करते है, मधुमेह रोग (Sugar) की तो आपको हम बता दे की आम भाषा में मधुमेह को शक्कर की बीमारी के नाम से जाना जाता है। आज के समय में मधुमेह का रोग होना एक आम बात हों गई है। जिसका सामान्य सा कारण हमारी जीवनशैली का बिगड़ना है। आज के समय में लोगो द्वारा अत्यधिक सुख सुविधाओं का उपयोग किया जाता है। जिससे परिश्रम करना नाममात्र का रह गया है और खाने की चीज़ों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
जिससे ये होता है की जितनी कैलोरी खाने के द्वारा ली जाती है, वह कैलोरी कम परिश्रम के कारण हमारे शरीर में बर्न नही हो पाती और हमारे शरीर के हार्मोंस डिस्टर्ब हो जाते है। जिससे इन्सुलिन हार्मोंस कम या ज्यादा बनने लगता है। जिसके फलस्वरूप ब्यक्ति को मधुमेह हो जाता है। आज हम मधुमेह रोगी के आहार के बारे में जानकारी देंगे।
रागी का आटा (Ragi flour) शुगर के मरीज के लिए उपयोगी
हम सभी लोग अपनी लाइफ में ज्यादातर गेंहू के आटे का उपयोग करते है, क्योंकि वो आसानी से उपलब्ध रहता है, लेकिन क्या कभी रागी का आटा उपयोग किया है, यह अनाज मधुमेह के रोगियों के लिए एक वरदान है, जो की सुगर लेबल को कम करने में सहायक है।
आज के समय मधुमेह भारत में ही नहीं पूरी दुनिया के लिए एक ज्वलंत समस्या बन चुका है, कोई भी वैज्ञानिक और स्पेलिस्ट अब तक इसका ठोस इलाज नहीं खोज पाएं है, इसलिए एक सामान्य व्यक्ति को मधुमेह का रोग न हो इसके लिए विशेष सावधानी और बचाओ करना जरुरी है।
मधुमेह के रोगियों को अपनी शुगर लेवल को मेनटेन रखने के लिए खास ख्याल रखना पड़ता है, क्योंकि अगर ब्लड शुगर (Blood Sugar) लेवल नियंत्रण से बाहर हो गया या बढ़ गया, तो इससे व्यक्ति में अन्य बीमारियो को होने से कोई नही रोक सकता।
Ragi flour purchased at D-Mart.
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— Vikas Suryavamshi 🌞 (@Vhikasa5) June 22, 2021
जबलपुर में कार्यरत एक महिला डाइटीशियन ने बताया कि अगर एक खास अनाज का आटा खाया जाए, तो शुगर लेवल मेंटेन किया जा सकता है और वो अनाज रागी है। किंतु इसके साथ अन्य कार्य भी है। जैसे पर्याप्त मात्रा में एक्सरसाइज करना और कैलोरी की मात्रा का आकलन।
एक बार जरूर उपयोग करे रागी के आटा का
आमतौर पर हम सभी दैनिक रूप से हमारे भोजन में गेहूं के आटे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन मधुमेह के रोगियों के लिए रागी का आटा (Ragi flour) एक बहुत ही फायदेमंद अनाज है। इस अनाज के उपयोग से न केवल मधुमेह, बल्कि मोटापा (Obesity), हाई ब्लड प्रेशर (High BP) जैसी तमाम खतरनाक बीमारियों से राहत मिल सकती है।
भारत में लगभग हर उम्र के लोग, इस प्रकार की कई समस्याओं का सामना कर रहे है, इसलिए उन्हें अपना डाइट प्लान के अनुसार ही खाद्य पदार्थों का उपयोग करना चाहिए और मधुमेह के रोगियों को रागी को दैनिक भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए।
Cheat Day Celebration today due to Bangalore weather.
Wheat flour/Ragi flour mix paratha with besan/ragi mix kanda Bhajji in breakfast pic.twitter.com/GRUdugD2PV— 🇮🇳 khanna248 🇮🇳 (@khanna248) December 4, 2020
मधुमेह के रोगियों के मरीजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी अपने सुगर लेबल को मेनटेन करना होता है। जो कि कैलोरी की मात्रा की थोड़े से जानकारी रखना बहुत जरूरी है। खाने पीने की जरा सी लापरवाही एक मधुमेह के रोगी को बहुत बड़े खतरे में डाल सकती है।
अतः एक मधुमेह के रोगी को अपना सुगर लेबल कैसे स्थिर रखना है, इस बात की जानकारी होना अत्यन्त आवश्यक है कि वो अपना शुगर लेवल किस प्रकार के खानपान और रोजमर्रा के कार्य करने से अपनी सेहत का ध्यान रख सकते है।
डायबिटीज में सेहतमंद होती है रागी
रागी (Ragi) एक ऐसा अनाज है, जिसमें कई तरह के जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये फाइबर का बहुत ही अच्छा स्त्रोत है, इससे पचने में थोड़ा समय लगता है, रागी अनाज को खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती, यही कारण है कि ये ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में हेल्प करता है।
भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते है रागी में
रागी अनाज में भरपुर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और आयरन भी पाया जाता है, ये सुगर लेबल को मेंटेन रखने के साथ-साथ हड्डियों को भी मजबूत बनाता है और इसे खाने से शरीर में खून की कमी महसूस नहीं होती। रागी के आटे से हम अपने स्वाद के अनुसार कोई भी डिश बना सकते हैं। ज्यादातर आप रोटी, स्नैक्स और डोसा तैयार कर सकते हैं, ये सेहत के हिसाब से बहुत ही फायदेमंद और पोष्टिक माना जाता है।



