इस महिला को लोगो ने साधारण गाँव वाली समझा, फिर पता चला की यह तो IPS अधिकारी है

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IPS Saroj Kumari
Gujarat Woman IPS Officer Saroj Kumari Success Story in Hindi. SP Saroj Kumari woman IPS officer of Gujarat cadre gives birth to twins.

Surat: गुजरात की सबसे तेज तर्रार आईपीएस जिसे देख कर अपराधियों कि रूह भी कांपती है। सरोज कुमारी ( Saroj Kumari) के घर में दो खुशियों ने एक साथ कदम रखा है। आईपीएस सरोज कुमारी के घर में जुड़वा बच्‍चों का जन्‍म हुआ है।

इन जुड़वा बच्‍चों में एक लड़का और एक लड़की है। इस बात की जानकारी गुजरात की आईपीएस सरोज कुमारी जी ने खुद से अपने सोशल मीडिया आकांउट के जरिए दी। आईपीएस सरोज (IPS Saroj Kumari) ने फाटो शेयर कर इस खुशखबरी को लोगो के साथ साझा किया।

उन्‍होंने फोटो शेयर करके केप्‍शन में लिखा कि भगवान के आशीर्वाद से बेटा और बेटी का साथ में जन्‍म हुआ है। जिसके लिए में भगवान का धन्‍यवाद करती हूँ। जैसे ही सरोज जी ने यह पोस्‍ट शेयर की बहुत ही तेजी से बच्‍चों की तस्‍वीर वायरल हो गई।

अब हर यूसर सरोज को बधाई दे रहा है। सरोज ने पारंपरिक वेशभूषा को पहने बच्‍चों की तस्‍वीर सोशल मीडिया पर डाली जिसे देखकर कई लोग उन्‍हें गॉंव की अनपड़ महिला समझने लगे। लेकिन बाद में सच्‍चाई जानकर सबके होश उड़ गये।

राजस्‍थान की बेटी आईपीएस सरोज कुमारी

आपको बता दे कि गुजरात में पुलिस सेवा (Gujarat Police Service) दे रही सरोज कुमारी राजस्‍थान राज्‍य से बीलोंग करती है। जब उन्‍होंने बच्‍चों को जन्‍म दिया तो उनके घर में खुशियों का माहौल बन गया। सरोज जी भी इससे बहुत खुश है।

आईपीएस सरोज को लोग अकसर ही वर्दी में देखते है। लेकिन बच्‍चों के जन्‍म के बाद वह अपनी ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में आई। उन्‍होंने लहँगा चुन्‍नी पहन कर फोटो शेयर की जिसे देखकर लोग उन्‍हें एक अनपढ़ महिला समझने लगे थे।

सरोज जी के निजी जीवन की बात करी जाये तो उन्‍होंने दिल्ली के प्रसिद्ध के डॉक्‍टर मनीष सैनी से विवाह 2019 जून में किया था। शादी के 3 साल बाद उनके घर में 2 खुशियॉं साथ में आई मनीष सैनी भी इस खुशी को सोशल मीडियॉ पर फोटो शेयर करते हुए नजर आये।

गवर्मेंट स्‍कूल की छात्रा है सरोज कुमारी

सरोज जी आज भले ही ऊँचे पद पर हो लेकिन उनका एक गॉंव (Village) से निकलकर आईपीएस बनने का सफर काफी संघर्ष भरा रहा। घर की हालात अच्‍छी ना होने की वजह से उन्‍होंने एक सरकारी स्‍कूल से पढ़ाई की थी। जो लोग यह सोचते है कि गवर्मेंट स्‍कूल में पढ़ाई करके स्‍टूडेंट कुछ भी हासिल नहीं कर सकता उन्‍हें सरोज की स्‍टोरी जरूर जाननी चाहिए।

सरोज ने अपनी प्रारंभिक एजूकेशन बुडानिया गॉंव के सरकारी स्‍कूल से की। वह 2011 बैच में आईपीएस अधिकारी बनी। आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि वह एक ऐसी अनोखी आईपीएस अधिकारी है, जो की माउंट एवरेस्‍ट पर फतह का जो मिशन है, उसका हिस्‍सा बन चुकी है।

आपदा में योद्धा अवॉर्ड से हो चुकी है सम्‍मानित

आपदा के समय में सरोज कुमारी ने अपने कार्यों से सभी को प्रभावित किया था। उस दौरान उन्‍हें उनके कार्यो के लिए आपदा योद्धा अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया था। उन्‍होंने महामारी के दौरान गरीब जरूरत मंदों को खाना पहँचाने के लिए महिला साथी पुलिसकर्मियों के साथ पुलिस रसोई नाम से सेवा शुरू की थी। इस कार्य के दौरान सरोज कुमारी जी ने 600 लोगों को हर दिन खाना पहुँचाने का काम किया था।

सरोज कुमारी की पहचान आज जन जन मे है। उन्‍होंने अपने कार्य से आईपीएस पद में रहते हुए एक जोरदार पहचान बनाई। आईपीएस (IPS) पद के पहले वह जब एसपी (SP) के पद पर कार्यरत थी, उस समय उन्‍होंने बहुत सी महिलाओं को बोटाद में जिस्‍म फरोशी से बचाया था। वही बात की जाये बारिश के समय रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन की तो वडोदरा में उने इस कार्य की भी काफी तस्‍वीरें वायरल हो गई थी।

अपने गॉंव की पहली आईपीएस अधिकारी है सरोज

आईपीएस सरोज के भाई जिनका नाम रणधीर सिंह है। वह पूर्व सरपंच रह चुके है। उन्‍होंने जानकारी देते हुए कहा कि उनकी बहन अपने गॉंव की प्रथम आईपीएस महिला अधिकारी है। जिस बात से उन्‍हें और उनके परिवार को उन पर बहुत गर्व है।

जब सरोज ने 2 बच्‍चों को साथ में जन्‍म दिया तो उनका स्‍वास्थ्‍य सही ना होने की वजह से उन्‍हें काफी समय तक अस्‍पताल में भर्ती रखा गया। अभी कुछ समय पहले ही वह डिस्‍चार्ज होकर अपने घर आई है। जब उनकी सादे कपड़े में फोटो वायरल हुई, तो बहुत से लोगों ने एक अनपढ़ महिला समझ लिया था। लेकिन बाद में जब लोगों को पता लगा कि वह आईपीएस अधिकारी है तो लोग यह जानकर दंग रह गये।

आपको बता दे कि सरोज कुमारी अभी भले गुजरात राज्‍य में निवास करती हो। लेकिन उनका जड़ से संबंध राजस्‍थान से है। उनका जन्‍म राजस्‍थान राज्‍य के झ़ुंझुनू जिले में हुआ था। उनका जन्‍म बुडानिया गॉंव के बनवारी लाल और सेवा देवी के यहॉं हुआ था।

आज वह सूरत में डीसीपी के पद में कार्यरत है। इतनी सफलता के बाद भी अपनी संस्‍कृति को ना भूलना काबिलिये तारीफ है। सरोज जी जैसे बड़े अधिकारी लोगों के लिए एक उदाहरण है। उनके घर मे आई खुशियों के लिए हम उन्‍हें बधाई देते है।

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