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Nilgiris: हमारे देश में किसानों की आमदानी को और भी बढ़ाने के लिए सरकार के द्वारा कई प्रकार की योजनाओ को संचालित किया जा रहा है। इस कार्य के लिए वैज्ञानिकों की भी मदद ली जा रही है। किसानों कि आय दोगुनी हो जाये, इसके लिए कृषि वैज्ञानिक नई तरह की तकनीकों का विकास करते है।
कृषि वैज्ञानिक किसी खास क्षेत्र तथा खास जलवायु के अनुसार नई किस्मों ओर तकनीक को विकसित करते है। जिससे उत्पादन उस खास क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा हो। इस क्षेत्र में वैज्ञानिक रिसर्च चलती ही रहती हैं।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वैज्ञानिकों के द्वारा कर्नाटक के अनुसंधान केन्द्र में एक ऐसी अमरूद (Guava) कि किस्म बनाई है। जिसकी खेती से किसान हजारों में नहीं, बल्कि लाखों मे मुनाफा कमा पाएंगे। अमरूद कि कौन सी है, किस्म जिसकी मदद से होगी किसानों कि आय दोगुनी आइये जानते है।
अमरूद हर भारतीय का होता है पसंदीदा फल
अमरूद (Amarood) हर भारतीय का पसंदीदा फ्रूट होता है। हमारे देश के लगभग सभी राज्य में खासकर गॉंव के हर एक घर में इसके पेड़ देखे जाते है। शहरों में इसके पेड़ काफी कम होते है, लेकिन इसकी मॉंग बहुत अधिक होती है। सर्दी और बरसात के समय में इसके फल लगना शुरू हो जाते है।
अमरूद के फल को कुछ जगह पर बिही भी कहा जाता हैं। वैसे तो अमरूद कि कई किस्म हमारे देश भारत में पाई जाती है। लेकिन आज हम जिस किस्म कि बात कर रहे है, वह बहुत ही अधिक प्रोडक्शन देने वाली अमरूद कि किस्म है। अमरूद का फल (Guava Fruit) काफी स्वादिष्ट होता है। इसकी लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए ही वैज्ञानिकों ने इसकी नई किस्म को तैयार करने में मेहनत की है।
कर्नाटक के संस्थान ने बनाई नई किस्म
हमारे देश भारत के राज्य कर्नाटक के मेंगलुरु में एक बागवानी अनुसंधान केन्द्र है। वहा पर कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा अमरूर की अधिक उपज देने वाली किस्म जिसका नाम अर्का किरण एफ वन है। उसका इन्वेंशन किया है। संस्थान ने इस नई अमरूद की किस्म को स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी बताया है।

इसके साथ ही संस्थान ने यह भी दावा किया है कि इस नई किस्म कि मदद से किसानों को बहुत ही ज्यादा लाभ मिलेगा। यह किस्म किसानों कि आय को दोगुनी करने में बहुत मददगार होगी। क्या है इस नये किस्म के अमरूद कि खासियत आइये जानते है।
अर्का किरण एफ वन में निम्न पोषक तत्त्व पाये जाते है
अमरूद कि नई किस्म अर्का किरण में लाइकोपीन (Lycopene) की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है। लाइकोपीन जोकि टमाटर में भी पाया जाता है। जोकि हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी पोषक पदार्थ है। लाइकोपीन इम्यूनिटी को बढ़ाता है।
ऐसा दावा किया गया है कि अमरूद कि नई किस्म अर्का किरण (Arka Kiran Guava) के लगभग 100 ग्राम मात्रा में 7.14 मिली ग्राम तक का लाइकोपीन पाया जाता है। इतनी अधिक मात्रा में कोई भी देशी अमरूद में लाइकोपीन नहीं पाया जाता है।

इस नई किस्म की मदद से अमरूद की बागवानी करने वाले किसानों को काफी लाभ पहुँच रहा है। मंगलुरू के किसान इस अमरूद कि खेती काफी अधिक मात्रा में कर रहे है। मंगलुरू के किसान इस नई किस्म कि खेती करने के विषय मे विशेषज्ञों से प्रशिक्षण भी ले रहे है।
अर्का किरण एफ वन की विशेषताएं
वैसे तो अमरूद कि लगभग हर किस्म का आकार गोल होता है, उसी तरह से इस अमरूद को आकार भी गोल है। इसके अलावा नई किस्म के अर्का किरण अमरूद का गुदा काफी कड़ा होता है। इसका रंग रेड कलर का है। इसका पेड़ बहुत ही फलदार होता है, इसमें काफी अच्छी पैदावार होती है। इस वजह से काह जा रहा है कि इससे किसानों को काफी फायदा होगा।
यह फल पकने में भी ज्यादा समय नहीं लगाते अन्य अमरूद के मुकाबले अर्का किरण जल्दी ही पक जाता है। अमरूद का जूस बनाने में इस किस्म का उपयोग सबसे उत्तम माना जा रहा है। इस नये किस्म के अमरूद के 1 लीटर जूस का मूल्य लगभग 60 में रूपये बिकता है।
किस तरह से लगाये अर्का किरण की पौधा
अमरूद कि नई किस्म अर्का किरण (Arka Kiran Amarood) को लगभग एक एकड़ में लगाना चाहिए। क्योंकि पेड़ों के बीच मे दूरी होना अत्यंत आवश्यक होता है। हम एक एकड़ में अर्का किरण के लगभग 2000 पोधे लगा सकते है। एक अमरूद के पेड़ के बीच में करीब एक मीटर का डिस्टेंस होना जरूरी होता है। क्योंकि इसका पेड़ काफी बड़ा होता है।
Cultivating “Arka Kiran” Guava F1 Hybrid to Success.
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— Indian Council of Agricultural Research. (@icarindia) September 7, 2020
अर्का किरण के पौधे को किसान साल में 2 बार लगा सकते है। दो बार लगाकर किसाना ज्यादा लाभ कमा पाएंगे। साल में एक बार तो किसान फरवरी में और दूसरी बार वह सितंबर महीने में इसकी बागवानी कर सकते है। प्रोसेसिंग द्वारा इस किस्म के अमरूद की खेती करते ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता हैै।



