
File Photo Credits: Twitter(@gunjan1610)
Lucknow: पूरे देश में UPSC की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षा में से एक है और इसमें सफलता हासिल करना अपने आप में ही सबसे बड़ी उपलब्धि है, साथ ही गौरव भी प्रति वर्ष यह परीक्षा साल में 2 बार आयोजित होती है और लाखों की संख्या में युवा इस परीक्षा में बैठता है।
सफलता उसी को मिलती है जिसको खुद पर विश्वास होता है और उनका लक्ष्य निर्धारित होता हैै। किसी को एक बार में ही सफलता मिल जाती है, तो किसी को 3 बार में भी नहीं मिल पाती, परंतु वह अपने लक्ष्य को छोड़ते नहीं है, उसके लिए निरंतर प्रयास करते रहते है।
कड़ी मेहनत, लगन,ईमानदारी, और समर्पण के बिना इस परीक्षा को पास करना कठिन है। एक ऐसी कहानी है गुंजन द्विवेदी (Gunjan Dwivedi) की जो असफलताओं के बावजूद सफल होने का दृढ निश्चय करके रखा था। गुंजन दिवेदी उन भाग्यशाली लोगों में से है जिन्होंने UPSC परीक्षा को पास किया है। लगातार असफलता के बाद मिली सफलता। गुंजन द्विवेदी की कहानी एक प्रेरणा का स्त्रोत है।
आईएएस गुंजन द्विवेदी
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य के लखनऊ (Lucknow) में रहने वाली गुंजन दिवेदी के पिता अशोक कुमार धर द्विवेदी है, जो रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी (Ret. IPS Officer) है और गुंजन की बहन उमंग द्विवेदी कमर्शियल टैक्स अधिकारी हैं और भाई समन्वय धर द्विवेदी एक एडवोकेट हैं। इनकी संपूर्ण फॅमिली एक वेल एजुकेटेड फॅमिली है।
गुंजन शुरू से ही सकारात्मक और पढाई को ज्यादा महत्त्व देने वाले माहौल रही है उनका भरण पोषण भी काफी अच्छा हुआ है। गुंजन का बचपन ऑफिसर्स के बीच बिता है जिससे उनके मन में बचपन से ही एक ऑफिसर बनने की चाहत पनप रही थी।
गुंजन बचपन से ही पढ़ाई में आगे थी इसी लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओ में हमेशा अच्छे अंक से पास हुई। 2014 में इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से राजनीति शास्त्र विषय से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया फिर यूपीएससी की तैयारी में लग गई। गुंजन बहुत ही परिश्रमी और कभी हार न मानने वाली है।
प्रिलिम्स (शुरुआती परीक्षा) में 2 प्रयासों में हुई विफल फिर भी हिम्मत नहीं हारी
यूपीएससी परीक्षा के 3 भाग होते है, एक प्रिलिम्स दूसरा मुख्य परिक्षा तीसरा इंटरवियू। गुंजन ने UPSC Exam की तैयारी के लिए अपने भाई के चेंबर को स्टडी रूम में बदल दिया। प्रीवियस ईयर के पेपर, मॉक टेस्ट और सेल्फ स्टडी के जरिये ये परीक्षा की तैयारी करती रही, लेकिन इनका यूपीएससी का सफर इतना सरल नहीं था।
रेड क्रॉस संस्था के सौजन्य से ग्राम अहिरौली में अग्निकांड से पीड़ित व्यक्तियों को हाइजीन किट, बर्तन, तिरपाल व अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया । pic.twitter.com/OtAukhOaFV
— Gunjan Dwivedi Singh (@gunjan1610) May 2, 2022
पहले दो प्रयासो में ये प्री एग्जाम में भी सफल न हुई, लेकिन इन्होंने असफलता को भी एक अवसर के रूप में देखा और परीक्षा की असफलता इन्होंने अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और लगातार प्रयास में जुटी रही।यूपीएससी की तैयारी से जुड़े अपने अनुभव को साझा करते हुए गुंजन कहती हैं कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट पर ध्यान दिया।
@KGopalRSS
Congratulating Miss Gunjan Dwivedi(D/o Shri AKD Dwivedi ex. DGP) on her success by securing All India rank 9 in IAS 2018 pic.twitter.com/vx0IEMmAEy— Ravindra Kumar Mishra (@Ravindr23466272) October 16, 2019
इनका कहना है कि यह जरुरी नहीं है कि यूपीएससी की तैयारी के लिए 18-20 घंटे की पढ़ाई की जाए, जरुरत एकाग्रचित होने की है। यदि आप 5 से 6 घंटे भी पढ़ते है, तो फुल कंसंट्रेट होकर पढ़े। गुंजन द्विवेदी ने एनसीईआरटी की किताब पढ़ी है। और खुद को इंटरव्यू के लिए तैयार करने और स्वयं को मोटिवेट करने के लिए आईएएस ऑफिसर के इंटरव्यू देखती थी, जो उन्हें फिर से एनर्जेटिक कर देते थे।
हनुमान जी से प्रार्थना और मेहनत से बनी आईएएस अधिकारी
गुंजन की मेहनत और परिश्रम ने आखिर में अपना रंग दिखाया और तीसरे प्रयास में वह यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुई। बहुत लंबा समय था, इस सफर का साल 2018 में उन्हें आल इंडिया में 9वीं रैंक मिली और इसी के साथ वह एक आईएएस अधिकारी के लिए चयनित हुई और उनका सपना भी पूरा हुआ जो उन्होंने देश के सबसे बड़े ऑफिसर बनने का था। गुंजन कहती है कि सपने सो कर पुरे नहीं होते उनके लिये रातों की नींद का समर्पण देना होता है।
अभ्यर्थियों को एक आईएएस अधिकारी का संदेश (Tips For IAS)
यूपीएससी की तैयारी करने वाले विद्यार्थी को गुंजन का संदेश है कि यह परीक्षा कोई आसान परीक्षा नहीं है इसके लिये एक रणनीति की जरुरत होती है और उस रणनीति का मुख्य पार्ट किताबे है इस लिये परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थी एनसीईआरटी की किताबों पर अपनी पकड़ को हमेशा मजबूत रखें।
To a year full of some amazing experiences and learnings !#94thFC #LBSNAA pic.twitter.com/p8DzH0eSTB
— Gunjan Dwivedi Singh (@gunjan1610) August 26, 2020
मुख्य परीक्षा के लिये लगातार उत्तर को लिखते रहना है। हौसलों को बुलंद कर कड़ी मेहनत और एकाग्रचित्त मन के साथ परीक्षा की तैयारी करें कामयाबी आपको जरूर मिलेगी। दूसरी तरफ भगवान पर भी ध्यान लगाना चाहिए। गुजन के ईस्ट देव हनुमान जी है इस लिए गुंजन कहती हैं कि जिस दौरान वो असफल हो रही थी तो उन्होंने हनुमान जी से प्रार्थना की और उस प्रार्थना का फल और उनकी मेहनत का फल उन्हें मिला और आज वह अपने सपने को पूरा कर बहुत खुश है।



