
Photo Credits: MDH on Twitter
Delhi: देश और दुनिया में मसाला किंग (Masala King) के नाम से फेमस हुए धर्मपाल गुलाटी जी (Dharampal Gulati) का स्वर्गवास दिसंबर 2020 में हो गया था। धर्मपाल गुलाटी जब तक जीवित और फिट थे, वह एमडीएच मसाला कंपनी (MDH Masala Company) के विज्ञापनों में देखे जाते थे, लेकिन, अब MDH के Ad में एक नए बुजुर्ग देखे जा रहे हैं।
मसाला कंपनी MDH के नए विज्ञापनों में देखे जाने वाले इन नए शख्स के बारे में हर कोई जानना चाहता है। लोगो के मन में सवाल है की आखिर यह शख्स कौन है, जो एमडीएच के विज्ञापन में मसाला किंग दद्दू की जगह दिख रहे हैं।
राजीव गुलाटी के पिता थे धर्मपाल गुलाटी
MDH के विज्ञापनों में दिखाई दे रहे नए शख्स श्री धर्मपाल गुलाटी के बेटे राजीव गुलाटी हैं। अब राजीव गुलाटी (Rajeev Gulati) एमडीएच कंपनी के चेयरमैन हैं। बीते दिनों ऎसी अफवाह भी फैली थी की मसाला कंपनी एमडीएच बिक सकती है, ऐसे में एमडीएच के चेयरमैन राजीव गुलाटी ने ट्विटर पर कंपनी के बिकने की खबरों को अफवाह करार देते हुए एक पोस्ट सांझा की थी।
राजीव गुलाटी ने ट्वीट कर बताया की ये खबर पूरी तरह झूठी और निराधार हैं। एमडीएच प्राइवेट लिमिटेड एक विरासत है, जिसे श्री चुन्नी लाल और धर्मपाल ने अपने पूरे जीवन में खड़ा किया है। हम उस विरासत को तहे दिल से आगे ले जाने के लिए वचनबद्ध हैं।
"We are committed to take the legacy forward with all our heart"
Sh. Rajeev Gulati
Chairman
MDH Pvt. Ltd.#MDHspices #MDHmasale pic.twitter.com/4AJeBZONaG— MDH Spices Official (@SpicesMdh) March 22, 2022
आपको बता दें की धर्मपाल गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 में सियालकोट (Sialkot) में हुआ था, जो वर्तमान समय में पाकिस्तान में स्थित है। 1933 में 5 वी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पढाई करना छोड़ दिया और 1937 में पिता का हाथ बंटाते हुए एक छोटा सा कारोबार प्रारम्भ कर दिया।
आगे चल कर धर्मपाल ने मिर्च मसालों का जो साम्राज्य स्थापित किया उसकी नींव इसी छोटे से खोखे पर रखी गई थी। महाशियां दी हट्टी (MDH) देश में मसालों का बड़ा ब्रांड है। वह मसालों के उत्पादक, वितरक और निर्यातक हैं।
Mahashay Dharampal Gulati ji, owner of MDH masale passes away. May his soul attain Moksha.
Om Shanti 🙏🏻 pic.twitter.com/MdzXvb41me— Rajeev N. Verma (@Rajeev_NV) December 3, 2020
एमडीएच की स्थापना वर्ष 1919 में सियालकोट (पाकिस्तान) में महाशय चुन्नी लाल (Chunni Lal) ने की थी। तब वह मसालों कि एक छोटी दुकान चलाते थे। थोड़े ही वक़्त में वह काफी प्रसिद्ध हो गए थे और उन्हें वहां डेगी मिर्च (Degi Mirch) वाले के नाम से लोग जानने लगे।
देश के विभाजन के बाद वे सब भारत आये और 27 सितम्बर 1947 को वह दिल्ली पहुँच गए। उन्होंने तंगहाली और मजबूरी में 650 रुपये का टांगा (Tanga) खरीद लिया। जिसे वह न्यू दिल्ली स्टेशन से लेकर कुतब रोड और उसके निकट चलाते थे।
The owner of #MDH Dharampal Gulati is passed away at the age of 98 . Such a bad year 2020 😥.
Whenever I saw him I automatically remember the lyrics that Asli masale sach- sach MDH MDH .
Rest in peace🙏 pic.twitter.com/ef59vJ0gnD— नेहा निर्मल💙 (@neha_nirmal01) December 3, 2020
बाद में उन्होंने करोल बाग (Karolbag) के अजमल खां रोड पर ‘महाशियां दी हट्टी ऑफ सियालकोट (डेगी मिर्च वाले)’ के नाम से दुकान शुरू की। इसके बाद उन्हें कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। आज महाशियां दी हट्टी (Mahashian Di Hatti Private Limited) देश में मसालों का बड़ा ब्रांड MDH है।



