अमृतसर के इस परिवार ने धान-गेहूं की खेती छोड़, AC फार्म में मशरूम उगाया, अब 50 लाख कमा रहे

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Randhawa Mushroom Farm
Amritsar Randhawa family started Randhawa Mushroom Farm and doing mushroom farming. Punjab family beats paddy-wheat trend.

Photo Credits: Randhawa Mushroom Farm

Amritsar: मशरूम एक ऐसा उत्पाद है, जिसमे भरपूर मात्रा में प्रोटीन और मिनरल्स पाये जाते है। भारत में पहले इसके बारे में जानते नहीं थे, परंतु आज भारत के हर हिस्से में इसकी हर किस्मो की पैदावार हो रही है। भारत में किसान जागरूक हो रहे हैं।

परंपरागत फसलों को छोड़ वह नई फसलों का प्रशिक्षण लेकर उनकी पैदावार करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा भी खेती-किसानी की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। क्योंकि भारत के लोग इसके फायदे जान चुके है।

वर्षो से चली आ रही परंपरागत खेती किसानी से लोगो को समझ आने लगा की ये काफी नहीं है। इस लिए उनहोंने स्मार्ट रास्ता चुना आज इस पोस्ट में हम बात करेंगे एक ऐसे परिवार की जो पारंपरिक खेती छोड़ कर मशरूम की खेती (Mushroom Farming) कर रहे है। 1.5 एकड़ जमीन पर बनाया एसी फार्म और हर साल 50 लाख का मुनाफा कमाते है। तो आइये जानते है, एक ऐसे परिवार के बारे में।

अमृतसर का फार्म हॉउस जिसमे मशरूम की हर किस्म की फसल लगी है

अमृतसर (Amritsar) के पास एक वातावरण के अनुसार एक महल जैसी जगह जहाँ रंधावा परिवार आधुनिक खेत करता है और मशरूम की सभी किस्में—बटन, शिटेक, ऑएस्टर, पैडी स्ट्रा आदि की पैदावार करते हैं।

अमृतसर की वह सुबह जब सड़क पर तेज रफ़्तार वाहनों के बीच बटाला रोड के किनारे एक छोटी सी बच्ची दुकान से अचार और चिप्स के पैकेट संभालते हुये दिखाई पड़ी, यह दृश्य देखने मे तो कुछ अलग नही लगता। सिर्फ वहां लगे एक बैनर जिस पर ‘रंधावा मशरूम फार्म’ (Randhawa Mushroom Farm) लिखा हुआ उसने आकर्षित किया दुकानो में मिलने वाली हर एक खाद सामग्री में मुख्यतः मशरूम ही इस्तेमाल किया गया है।

मशरूम फार्म की दुनिया

अंदर जाते ही एक अलग ही दुनिया नजर आती है, ठंडी, नमी और मिट्टी की एक महक के साथ खास किस्म की फसलें उगी नज़र आती हैं। प्लास्टिक की थैलियों में उगाई सीपियों जैसी होती हैं और कुछ डार्क से कलर की खाद पर चिकनी-सफेद सी दिखाई देती है।

हरजिंदर कौर रंधावा जिनकी उम्र करीब 66 साल है। यही पर अपने चार बेटों के साथ मशरूम की सभी किस्मो की फसल की पैदावार करते हैं, उनकी प्रोसेस और पैकेजिंग करके एकत्रित करते हैं। वैसे तो मशरूम सर्दियों के मौसम में उगाए और बेचे जाते हैं।

नवंबर से फरवरी के बीच इनकी पैदावार अच्छी होती है। लेकिन आपके पास पर्याप्त संसाधन है, तो आप इसको साल भर भी पैदा कर सकते है। क्योंकि मार्केट में मशरूम (Mushroom) की बहुत डिमांड होती है।

वातावरण के अनुकूल फार्म के माध्यम से पूरे साल भर इस व्यवसाय को आसानी से चलाया जा सकता है। हरजिंदर कौर ने कहा अगर कोई गेहूं-धान के चक्कर से निकलना चाहता है। तो सबसे अच्छा रास्ता है, अधिक मुनाफा कमाने के लिए।

शौक को बनाया व्यवसाय

हरजिंदर जी ने बताया कि मशरूम की खेती का पहला प्रयोग 1989 में अमृतसर जिले के धारदेव में उनके घर के आंगन में एक शौक के लिए लगाए थे। उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से एक कोर्स पूरा किया। फिर सन 1990 में मशरूम की खेती घर से करीब तीन किलोमीटर दूर बटाला रोड के फार्म हाउस में चार एकड़ की जमीन पर शुरू किया।

पहले उनका व्यापर केवल उद्यम सर्दियों में चलता था। लेकिन फिर रंधावा परिवार (Randhawa Family) को एहसास हुआ कि अगर व कृत्रिम तरह से तापमान माप सके तो अपने कारोबार को बढ़ा सकेंगे। मनदीप जी ने बताया कि 2020 में उन्होंने 1.5 एकड़ में वतानुकूलित महल को अपनी जमीन पर बनाया और अपने कारोबार बढ़ाने में सफल रहे।

तापमान से ही तो सब कुछ है

वातावरण के अनुकूल एक मंजिला ईमारत बनाई। सिर्फ एक हिस्से को छोड़कर जिसमें दो मंजिलें है, उसमें खेती के लिए 12 अँधेरे कमरे है। प्रत्येक 600 वर्ग फुट का है, जिसमें दोनों तरफ लोहे की रैक बनी हैं। जिसमे खाद से भरे प्लास्टिक बैग रखते है।

मंद रोशनी में थैलियों से बटन मशरूम की चमकीली टोपियां निकलती दिखाई देती है। मनदीप रंधावा कहते है कि ये मशरूम उनके कुल उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत भाग हैं और शेष 10 प्रतिशत मशरूम की अन्य किस्मो से होती है।

कितना करना होगा खर्च

किसी भी काम या बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको कुछ तो निवेश करना होगा। आप जितना ज्यादा उसके बारे में जानकारी एकत्रित करेंगे, उतना आपके लिए फायदा का सौदा साबित होगा।

इस फार्म को बनाने में रंधावा परिवार को करीब 3 करोड़ रुपये निवेश करने पड़े, लेकिन उनका कहना है कि इससे मिलने वाले रिटर्न से वो खुश है। उनकी मेहनत रंग लाई। मनदीप का कहना है कि बिजली, लेबर और खाद जैसी लागतों का खर्च निकलने के बाद भी वे प्रति वर्ष लगभग 50 लाख रुपये का लाभ कमाते हैं। रंधावा मशरुम फार्म की वेबसाइट और सोशल मीडिया एकाउंट्स पर 09815756417 नंबर संपर्क करने के लिए मुहैया किया गया है।

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