बिहार के इन दो भाइयों ने इन खास फूलों की खेती शुरू की, अब लाखों रूपए कमा रहे हैं

0
822
Flower Farming Bihar
Two Brothers from Bihar started foreign flowers nursery and earning 5 lac par year. Two brothers doing exotic flowers farming in Jamui Bihar.

Photo Credits: Social Media

Jamui: सामान्य तौर पर वहीँ पुरानी टाइप की या परंपरागत खेती करके किसान अपनी रोजी रोटी ही चला पाते हैं और सामान्य रूप से उनका जीवन चलता रहता हैं। जिस भी किसान ने खेती से तगड़ी कमाई की है, उसने पक्का कुछ न कुछ अलग प्रयोग अपनी खेती में किया है।

आज के मॉर्डन ज़माने में कई नए तरीके की खेती देखने को मिली है, जिनमे बहुत मुनाफा है। ऐसे ही आज हम दो भाइयों की बात कर रहे हैं, जो परंपरागत खेती (Traditional farming) की बजाये फूलों की नर्सरी लगाकर अच्छी खासी आमदनी करने लगे। बिहार के कई किसान इन दो भाइयों की कहानी से प्रेरित भी हुए और हो रहे हैं।

बिहार का जमुई एरिया नक्सल प्रभावित है, यहाँ के खैरा प्रखंड के सिंगारपुर गांव के दो भाई अपने क्षेत्र के अलावा सम्पूर्ण बिहार में छा गए है और फेमस हो रहे हैं। इन दोनों भाइयों ने परंपरागत खेती नहीं की, बल्कि फूलों की नर्सरी (Flower Nursery) लगाई और अपने फूलो को बेचकर वे दोनों भाई सालाना 5 लाख रुपए तक की कमाई (Earning) करने लगे है।

Money

अगर इन दोनों बिहारी भाइयों (Bihar Brothers) की बात करें, तो बड़े भाई का नाम राम प्रकाश गुप्ता (Ram Prakash Gupta) है और ये मैट्रिक पास हैं। वहीँ छोटे भाई का नाम कनिष्ठ गुप्ता (Kanishth Gupta) है और वे ग्रेजुएशन पूरी कर चुके है। मतलब दोनों भाई ठीक ठाक बढे लिखे हैं।

इनकी फूलों की नर्सरी की खासियत यह है की यह देशी फूलों के साथ कई तरह के विदेशी फूल (Foreign flowers) भी ऊगा रहे हैं। उनके नर्सरी के विदेशी फूलों (Exotic flowers) की डिमांड ज्यादा है। इनकी नर्सरी के विदेशी फूल बिहार और झारखण्ड में काफी मशहूर हुए है।

आपको बता दें की स्थानीय सूत्र बताते है की अमेरिका, जर्मनी, जापान, फ्रांस, इटली सहित कई देशों में पाए जाने वाले फूलों की किस्म इन दो भाइयों की नर्सरी में उपलब्ध है। अमेरिका के पेटूनिया (Petunia), जर्मनी का जिन्निया (Zinnia), जापान का कॉसमॉस (Cosmos), फ्रांस के डायनथ्स (Dianthus), फोर्डमैरी और अन्य कई प्रकार के फूल इनके यहाँ मुहैया हो रहे हैं। ऐसे में यहाँ से फूलो की मांग भी बढ़ रही है।

विदेशी फूलो का उत्पादन करने वाले दोनों भाइयों ने हमारे एक सहयोगी मित्र को बताया की उनकी नर्सरी के एक एकड़ में फल देने वाले पेड़ भी है। बाकी ज़मीन पर वे फूल ऊगा रहे हैं। वे अपने पौधों को जमुई जिला के अलावे भागलपुर, बांका, लखीसराय, नवादा और झारखंड के देवघर और गिरिडीह तक भेजते हैं।

इस नर्सरी से उन्हें प्रति माह 35000-40000 रुपए तक कमाई हो रही है। वे लगभग 5 लाख तक की कमाई कर रहे हैं, वो भी केवल फूलो को बेचकर। उनके फल भी अलग अलग जगह बेचे जाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here