मात्र 16 की उम्र में सुनने की शक्ति खो दी, शारीरिक बाधा के बाद भी एक बार में UPSC पास कर IAS बनीं

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IAS Saumya Sharma
UPSC exam was given in 102 degree fever, such was the passion of IAS officer Soumya Sharma. UPSC success story of IAS Soumya Sharma.

Photo Credits: IAS Saumya Sharma on Instagram

Delhi: हर कोई जीवन में कुछ अच्छा करना चाहता है। कई लोग बड़े अफसर बनकर अच्चे काम करने का जस्बा लिए UPSC के सिविल सर्विसेज एग्जाम (Civil Service Exam) की तयारी में जित जाते हैं। यह देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। इस परीक्षा की तैयारी आसान नहीं है। यह किसी तपस्या से कम नहीं है। सब कुछ छोड़कर बस अपने लक्ष्य पर ही फोकस करना पढता है।

अगर कोई शारीरिक दिक्कत से जूझ रहा हो, तो उनके लिए इस परीक्षा की तैयारी करना और भी कठिन हो जायेगा। ऐसे ही एक श्रवण-बाधित बेटी की कहानी हम लेकर आये हैं। अपनी सुनने की शक्ति खो चुकी सौम्या शर्मा ने अपना UPSC एग्जाम पहले प्रयास में ही निकाल लिया और अपनी काबिलियत के बल पर अफसर भी बन गई।

केवल सौम्या (IAS Saumya Sharma) ने UPSC पास ही नहीं किया, बल्कि टॉप टेन में अपनी जगह भी बना ली। इस बिटिया ने बिना कोचिंग के पढ़ाई की और आल इंडिया 9वीं रैंक (9th Rank in UPSC Exam) प्राप्त कर मिसाल पेश की। आपको सौम्या के बारे में बताये, तो वे दिल्ली की रहने वाली है और केवल 16 साल की उम्र में अपनी सुनने की शक्ति खो दी थी।

ऐसे में उन्हें सुनने वाली मशीन का सहारा लेना होता है। लेकिन, उन्होंने कभी इस कमजोरी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। इस शारीरिक बाधा का सामना करते हुए सौम्या ने 23 साल की उम्र में बिना किसी कोचिंग (Without coaching) के UPSC परीक्षा दी और क्रैक भी की। सौम्या जब यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दे रही थी, तब उसे 102 वायरल बुखार हो रखा था। ऐसे में भी वे हिम्मत बंधे रखी।

बता दें की सौम्या के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं। सौम्या अपने स्कूल के दिनों से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने 10वीं कक्षा में भी टॉप किया था। सौम्या ने दिल्ली के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढाई की है। कॉलेज के दिन से ही उन्होंने UPSC की तैयारी करनी शुरू की थी। साल 2017 में UPSC सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और उसी साल सौम्या ने UPSC प्रीलिम्स और UPSC मेन्स परीक्षा दी।

सुनने में असक्षम सौम्या को विकलांग व्यक्ति की श्रेणी में शामिल किया गया, लेकिन उन्होंने विकलांग कोटा (Handicapped Quota) के तहत UPSC सिविल सेवा के फॉर्म को भरने से साफ़ मन कर दिया और जनरल केटेगरी का ऑब्शन भरा। उन्होंने एक हिंदी अख़बार को बताया की UPSC परीक्षा को क्रैक करना किसी भी अन्य परीक्षा को देने जितना था। तैयारी तो सभी परीक्षा में करनी होती है।

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