इस बेटी ने पहले विदेश की नौकरी छोड़ी, फिर कड़ी मेहनत से IPS बनी, फिर IAS अफसर भी बन गई

0
1397
IAS officer Garima Agrawal
IAS officer Garima Agrawal, who is an IITian and UPSC Topper. UPSC Success Story of IAS Garima Agrawal IIT Graduate IPS And then IAS.

Khargone: भारत में सबसे अच्छी नौकरी सिविल सर्विस (Civil Service) को माना जाता है। यह देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा है और इसे करने के लिए देश का सबसे कठिन एग्जाम माने जाने वाला UPSC एग्जाम क्रैक करना पड़ता है। यही कारण है कि हर साल लाखों युवा संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी की ओर से आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा CSE में अपना भाग्य आजमाते हैं।

अभ्यर्थी कड़ी मेहनत करके UPSC परीक्षा देते है, परन्तु सभी को इसमें सफलता (Success in UPSC) हासिल नहीं हो पाती है। लेकिन कुछ योग्य और काबिल ऐसे भी होते हैं, जो अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को क्रैक कर लेते हैं। ऐसी ही एक काबिल बिटिया हैं, जिनका नाम आईएएस गरिमा अग्रवाल (IAS Garima Agrawal) है।

गरिमा मूल रूप से मध्यप्रदेश के खरगोन (Khargone MP) की रहने वाली है। 29 वर्षीय गरिमा ने UPSC के अपने पहले ही प्रयास में आईपीएस की रैंक पाकर सफलता प्राप्त कर ली थी। अब वे IPS अफसर बन चुकी थी। इसके बाद भी उनका लक्ष्य अधूरा था। उन्होंने फिर से तैयारी की और दूसरे ही प्रयास में आईएएस बनने का अपना सपना पूरा किया।

यूपीएससी एग्जाम में अभ्यर्थियों को एक बार भी सफलता नसीब होती है। इन्हीं में कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जिन्हें एक बार नहीं बल्कि बार बार UPSC में सफलता मिली है। आईएएस अफसर गरिमा अग्रवाल ऐसी ही एक काबिल बेटी और 2019 बैच IAS अफसर है।

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन की गरिमा अग्रवाल शुरू से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं। अपनी शुरुआती पढ़ाई खरगोन के सरस्वती विद्या मंदिर से करते हुए उन्होंने 10वीं में 92 प्रतिशत और फिर 12वीं में भी वह 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

12वीं के बाद गरिमा अग्रवाल ने जेईई एग्जाम दिया और उसमें सफल हो कर उन्होंने आईआईटी हैदराबाद (IIT Hyderabad) में दाखिला ले लिया। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद गरिमा को जर्मनी में एक कंपनी में इंटर्नशिप मिल गई। वह इंटर्नशिप के बाद विदेश में एक अच्छी नौकरी कर सकती थीं, लेकिन उन्हें विदेश की ऐश शानो शौकत की लाइफ से ज़्यादा पसंद अपने देश लौट कर प्रशासनिक अधिकारी बनना था।

जर्मनी से वापस आते ही गरिमा ने यूपीएससी एग्जामसिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने लगभग डेढ़ साल तक बहुत मेहनत की और फिर यूपीएससी का एग्जाम (UPSC Exam) दिया। अपने पहले ही अटेम्प में उनकी मेहनत रंग लाई और 2017 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 240वीं रैंक हासिल की। इसके बाद वह एक आईपीएस के लिए चयनित हुई।

IPS officer बनने के बावजूद भी गरिमा का मकसद पूरा नहीं हुआ था, क्योंकि उन्होंने हमेशा से आईएएस (IAS Officer) बनने का सपना देखा था। गरिमा ने फिर से यूपीएससी एग्जाम की तैयारी शुरू की। उनकी IPS की ट्रेनिंग हैदराबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस अकादमी में हो रही थी। वह अपनी ट्रेनिंग के साथ UPSC की तैयारी भी करती रहीं थी।

टाइम मैनेजमेंट के साथ कड़ी मेहनत करते हुए साल 2018 उन्होंने फिर से UPSC एग्जाम दिया और अपने दूसरे ही प्रयास में ऑल इंडिया 40वीं रैंक हासिल कर अपना आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने 2019-2020 में एलबीएस अकादमी, मसूरी में अपना प्रशिक्षण पूरा किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here