
रामदेव बाबा ने कहा, ‘राम मंदिर का Solution मध्यस्थता से निकलने वाला नहीं है, अब इसके लिए कोर्ट को ही आधार बनाना होगा। कोर्ट को ही साहस करना होगा। पंचायतों से हल निकालना होता तो कब का हो गया होता। कोर्ट से को राहत न मिलती दिखाई दे तो कानून का सहारा लेकर मंदिर बनाना होगा।
प्रयागराज पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े आर्टिकल-370 पर मोदी सरकार के की तारीफ करते हुए उनके महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने जल्द ही राम मंदिर बनाने को लेकर बात कही, बाबा रामदेव मठ बागंभरी गद्दी में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी से बातचीत करने पहुंचे थे।
योग गुरु बाबा रामदेव ने पूर्व मंत्री सुषमा स्वराज को याद करते हुए बताया, “उनके चरित्र, नेतृत्व और व्यक्तित्व को भारत कभी नही भूलेगा हमेशा याद करेगा। अक्सर मुझसे संस्कृत में बातचीत करती थीं, मेरा और उनके घर ज्यादा दूरी पर नही था, इसलिए वो मुझे भाई कहती थीं।” बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने मुस्लिम समुदाय को लेकर भी कुछ विचार प्रकट किए।
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि राम मंदिर का कोई भी हल अब मध्यस्थता से नहीं होगा, कोर्ट को ही इसका कोई हल निकालना पड़ेगा। खबरो के अनुसार प्राप्त इन्फॉर्मेशन के मुताविक बाबा रामदेव ने कहा, “राम मंदिर का कोई भी Solution मध्यस्थता से निकलने वाला नहीं है, अब इसमें कोर्ट को ही आगे आकर साहस करना होगा।
पंचायतों से इसका हल निकालना होता तो हो गया होता। कोर्ट से कोई आदेश नही पारित होता है तो निर्णय कानून के माध्यम से मंदिर का निर्माण करना होगा। अयोध्या में राम मंदिर बन कर रहेगा।” “बाबा रामदेव बोले- हमारे पूर्वज एक हैं”। नरेंद्र गिरी के साथ बागंभरी मंदिर आए बाबा रामदेव ने बताया “हनुमान जी के दर्शन करके अभिभूत हूं, अपने आपको धन्य मानता हूं कि इस नगरी के दर्शन करने का अवसर प्राप्त होता है।
अपने मजहब से ज्यादा अपने पूर्वज को प्राथमिकता दी जाती हैं,पुर्वज को मजहब से बड़ा माना जाता है। इसलिए मुसलमानों को साथ खड़ा होकर राम मंदिर का समर्थन करना चाहिए। हमारे और मुसलमानों के DNA एक हैं, ये कोई विदेश से नहीं आए। पूर्वज हमारे एक हैं, शिव, कृष्ण और राम हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि अब POK अक्साई चीन का भी लक्ष्य पूरा होगा।
इसके बाद उन्होंने बताता की “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी ने अनुच्छेद 370 पर महत्वपूर्ण फैसला लिया। अगले चरण में POK अधिकृत कश्मीर और अक्साई चीन का उद्देश्य भी पूरा होगा। हमने अपनी आजादी का जश्न मानते हुए तो नहीं देखा लेकिन धारा 370 को हटाए जाने का जश्न आवश्यक देखा है।
ये हमारे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।” प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए आर्टिकल 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। अब आम नागरिक भी यहाँ अपना घड़ कस सकते है। रोजगार प्राप्त कर सकते गई। सभी नागरिकों को समान अधिकार मिल सकेंगे।



