इस देश में मिला 4,500 साल पुराना सूर्य मंदिर, आर्कियोलॉजिस्ट का दावा, अब तक की सबसे बड़ी खोज

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Sun Temple Abu Gorab
Egyptian ‘Sun Temple’ buried in desert for 4,500 years unearthed by experts. Lost sun temple discovered in Egypt could be 4,500 years old. Oldest Temple found in Egypt.

Photo Credits: Twitter

Delhi: पूरी दुनिया में खुदाई में प्राचीन चीज़े मिलती रहती है। खुदाई में सबसे ज्यादा मंदिर और मूर्तियां मिली है, फिर चाहे वह भारत हो या कोई और देश। मिस्र (Egypt) की सभ्यता भी काफी पुरानी मानी गई है। मिस्र में खुदाई में 3000 साल पुराने मंदिर, मकबरे और मुर्तिया मिल चुके हैं। अब इससे भी पुराना मंदिर मिला है। यह खबर देश और विदेश की मीडिया और सोशल मीडिया में भी छाई हुई है।

विदेशी मीडिया में बताया जा रहा है की मिस्र में 25वीं शताब्दी ईसा पूर्व (BC) के मध्य का एक प्राचीन सूर्य मंदिर (Ancient Sun Temple) मिला है। इस बात की जानकारी आर्कियोलॉजिस्ट (Archaeologists) ने दी है।

विदेशी मीडिया चैनल CNN की रिपोर्ट के मुताबिक़, वारसॉ में पोलिश एकेडमी ऑफ साइंसेज इंस्टीट्यूट फॉर मेडिटेरेनियन एंड ओरिएंटल कल्चर में इजिप्टोलॉजी के सहायक प्रोफेसर मासिमिलियानो नुजोलो (Massimiliano Nuzzolo) ने कहा कि यह अवशेष अबू गोराब (Abu Gorab) में एक दूसरे मंदिर के नीचे दबे मिले थे।

आपको बता दें की खोजकर्ताओं ने सबसे पहले 1898 में न्युसेरा (Nyuserra) के सूर्य मंदिर की खोज की थी। न्युसेरा मिस्र के 5वें राजवंश का 6th सम्राट था, जिसने 2400 से 2370 ईसा पूर्व तक शासन किया था। मतलब यह आज से 4,500 साल पुराना सूर्य मंदिर है। अब इस नई खोज से यह पता चल रहा है कि उस सूर्य मंदिर को एक अन्य सूर्य मंदिर के खंडहरों के ऊपर बनाया गया था।

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, नुजोलो ने कहा कि 19th शताब्दी के खोजकर्ताओं ने न्युसेरा के मंदिर के नीचे इस मिट्टी-ईंट के ढांचे के केवल एक छोटे से भाग की खुदाई की थी और फैसला किया कि यह उसी मंदिर का एक प्रारंभिक हिस्सा रहा होगा। अब नई खोज से ज्ञात होता है की यह एक पूरी तरह से अलग इमारत थी। इस ईमारत को न्युसेरा के मंदिर से पहले बनाया गया था।

अब ऐसा समझा जा रहा है की न्युसेरा ने अपना खुद का सूर्य मंदिर बनवाने के लिए पहले वाले सूर्य मंदिर को गिरवा दिया था। विदेशी मीडिया में जानकार के हवाले से बताया गया है की पहले वाला मिट्टी-ईंट का स्मारक बड़े लेवल का शानदार मंदिर था। इसके बावजूद न्युसेरा ने अपने स्वयं के सूर्य मंदिर के निर्माण करवाने के लिए इसे गिरवा दिया। यह मंदिर सूर्य देवता रा को समर्पित था।

विदेशी मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया है की न्युसेरा ने अपने राज और शासन को और अधिक बेहतर बनाने के लिए मंदिर का पुननिर्माण करवाया और जनता के सामने स्वयं को पृथ्वी पर सूर्य देवता के एकमात्र पुत्र के रूप में प्रस्तुत किया। उसने जनता से कहा कि मंदिर का मूल उद्देश्य जीवित राजा की मूर्ति के रूप में सेवा करना था। मिस्र में उस वक़्त राजा इसी प्रकार से जनता के सामने खुद को भगवन का पुत्र बनाया करते थे।

द सन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 4,500 साल पहले सूर्य का ये मंदिर मिस्र के राजा फैरोस (Pharaohs) ने बनवाया था। दूसरी ओर इसी मंदिर के पास पिरामिडों को राजा के अंतिम विश्राम स्थल के रूप में बनाया गया, ताकि मृत्यु के बाद राजा दोबारा देवताओं के रूप में पूजें जायें। मंदिर के दूसरी ओर इस कारण पिरामिड्स भी बनवाए गए। फैरोह (Pharaoh) के देहांत के बाद उनकी कब्र बनाई जाती थी, ताकि देहांत के बाद वह ईश्वर का स्वरूप हासिल कर सकें।

सूर्य मंदिर में सफेद चूना पत्थर के दो फुट मोटे खंभे भी मिले हैं। जिससे पता चलता है कि सूर्य मंदिर का बेस काफी मजबूत है। अबू गोराब में मिले सूर्य मंदिर में मिट्टी से भरे कई जार भी मिले हैं, जो 4500 साल पहले की शिल्पकारी को बयां करते हैं। साइट पर अधिक खुदाई से शोधकर्ताओं को और भी जानकारी मिल पाएँगी।

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