संतों की सामान्य देशी ड्रिंक से इन्होने सैनिको की Rum बनाई, अब पूरी दुनिया में बिकती है Old Monk

0
2498
Old Monk Rum
The Rise Of Old Monk Which is An Indian Cult Brand. How Indian Army Brigadier Kapil Mohan started liquor brand Old Monk. Why Indians love Old Monk for drink. Modern version of Himalayas Monks drink.

Photo Credits: Twitter

Bhopal: वैसे तो हमें बच्चपन से यह सिखया और बताया जाता है की मदीरा या शराब सेहत के लिए हानिकारक है और इसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जो की सच भी है। फिर भी इसके उलट काफी लोग मदीरा पान (Drink) करते है। कई बार तो दुर्घटना का कारण भी शराब पीकर वाहन चलना ही होता है।

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों के लिए रम (Rum) का सेवन करना बहुत बहुत बन जाता है। अब ठण्ड के दिन शुरू हो रहे हैं, ऐसे में कई लोग रम का सेवन करने के लिए ललाईत है। ऐसे में बड़ी फेमस ओल्ड मोंक रम अब फिरसे बड़ी मात्रा में बिकने के लिए तैयार है। यहाँ हम ओल्ड मोंक रम की कहानी (Old Monk Rum Story) और इसके बनने की बात करेंगे।

ओल्ड मोंक के कई चाहने वाले तो बिना सर्दियों का मौसम आये ही इसका इस्तेमाल करते है। आपको बाज़ार में और भी कई लिकर ब्रांड देखने को मिल जायेंगे। इसके बावजूद ‘Old Monk Rum’ ही लोग लेना चाहते है। हमने इसकी वजह जाननी चाही, तो वह इस रम की कहानी और इस ब्रांड (liquor Brand) के बारे में समझने पर पता चली। आखिर यह रम शुरु कैसे हुई, यह किस्सा बड़ा दिलचस्प है।

यह बात शुरू होती है 19वी शताब्दी के मध्य से, जब देश में अंग्रेजों का राज था। एडवर्ड अब्राहम डायर नामक बिजनेसमैन चाहते थे कि ब्रिटिश सोल्जर्स को सस्ती मदिरा मुहैया हो सके। ऐसे में उन्होंने साल 1855 में हिमाचल प्रदेश के कसौली में एक ब्रेवरीज शुरू किया।

एडवर्ड के इस मकसद को उनके बेटे रेनिगाल्‍ड एडवर्ड हैरी डायर ने आगे बढ़ाया। कसौली में यह काम आगे चला और सफल रहा। फिर साल 1949 में इस ब्रेवरीज को डायर से एक भारतीय एनएन मोहन ने खरीदा लिया। मोहन ने इसका नाम बदल कर ‘मोहन मीकिन ब्रिवरीज’ कर दिया और इसे डिस्‍टलरी (Distillery) में बदल दिया।

कुछ समय बाद इस डिस्‍टलरी की बागडोर एनएम मोहन के बेटे कपिल मोहन (Kapil Mohan) ने ले ली। कपिल मोहन इंडियन आर्मी में ब्रिगेडियर (Brigadier in Indian Army) के पद से रिटायर थे। उस वक़्त कपिल मोहन का मन शराब के व्यवसाय में आने का नहीं था। पिता के देहांत के बाद यह कमान उनके कन्धों पर आ गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ हिमाचल में घूमने के दौरान कपिल मोहन ने जंगल और पहाड़ों में रहने वाले संतों को एक अलग तरह का पेय पदार्थ पीते देखा था। वे संत (Saints in Himalayas) खुद को पहाड़ों की ठण्ड से बचाने और अपने आप को जिंदा रखने के लिए उस ड्रिंक का इस्तेमाल करते थे।

कपिल मोहन को ओल्ड मोंक रम बनाने का आईडिया (Idea Of Old Monk Rum) इसी संतों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले पेय पदार्थ से आया। फिर उन्होंने हरक्यूलिस के नाम से बिकने वाली इस रम का नाम बदलकर ओल्ड मोंक कर दिया।

हरक्‍यूलिस के नाम से अभी भी एक रम बिकती है और इसे साल 2019 में लग्‍जरी ब्रांड बनाया गया था। कपिल मोहन ने 19 दिसंबर 1954 को ओल्ड मोंक रम लॉन्‍च की थी। यह रम सेना (Indian Army) के जवानों के अलावा आम लोग भी इस्तेमाल करते है।

वैसे यह रम सेना जवानों के लिए बहुत उपयोगी रहती है और उन्हें पहाड़ों की ठण्ड से बचाती है। इसका चलन इस तरह बढ़ने लगा और यह सैनको से होते हुए आम लोगो तक पसंद किये जानी लगी। अब ओल्ड मोंक दुनिया भर में बड़ा फेमस रम ब्रांड (Famous Rum Brand) है। एक वक़्त कपिल मोहन ने लिकर किंग (liquor King) कहे जाने वाले विजय माल्या को पछाड़ दिया था।

आज यह भारतीय रम ब्रांड रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, यूएई, एस्‍टोनिय, फिनलैंड, न्‍यूजीलैंड, कनाडा, केन्‍या, जाम्बिया, कैमरून, सिंगापुर, मलेशिया जैसे लगभग 50 देशों में एक्सपोर्ट होता है। यह इतना फेमस है की 2002 के आंकड़े बताते है की एक साल में इसकी 80 लाख बोतलें बेच दी गई।

ओल्ड मोंक रम को को दुनिया के सामने लाने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर कपिल मोहन एक फौजी होने और बड़ी शराब ब्रांड के ओनर रहे, लेकिन उन्होंने स्वयं कभी शराब नहीं पी। वो कहते है न की जलेबी और मिठाई बनाने वाला हलवाई कभी मिठाई नहीं खाता है, परन्तु लोग बड़े चाव से उसकी बनाई मिठाई से अपना मुँह मीठा करते है।

जानकारी हो की 6 जनवरी 2018 को लिकर किंग ब्रिगेडियर कपिल मोहन (Re. Brigadier Kapil Mohan) 88 साल की उम्र में अचानक दिन की धकड़न रुक जाने (Cardiac Arrest) के कारण इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। साल 2010 में उन्‍हें पद्मश्री से सम्‍मानित किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here