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Delhi: इस साल के पद्म श्री पुरस्कार वितरण हो गए हैं और देश को अनेक नए पद्म श्री विजेता देखने को मिले हैं। ऐसे में एक ऐसी महिला पद्म श्री पुरस्कार (Padma Shri Award) प्राप्त करने आई, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। हर कोई जानना छह रहा है की यह महिला कौन है और इनकी क्या उपलब्धि है।
कर्नाटक की 72 वर्षीय आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा (Tulsi Gowda) को पर्यावरण की सुरक्षा में अपने अनूठे योगदान और कार्य के लिए 2021 का पद्म श्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। समारोह में नंगे पांव और धोती जैसे दिखने वाले पारंपरिक कपड़े पहने समारोह में यह महिला आई और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार प्राप्त किया। सभी उन्हें देखकर हैरान थे और उन्हें प्रणाम कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स बताती है की तुलसी गौड़ा कर्नाटक में हलक्की स्वदेशी जनजाति (Halakki Indigenous) आती हैं और एक गरीब और वंचित परिवार में पली-बढ़ी हैं। उन्होंने कभी शिक्षा भी हासिल नहीं की और फिर भी आज उन्हें ‘जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया’ के नाम से पुकारा जाता है। उन हे जंगल के बारे में किसी पढ़े लिखे से कहीं ज्यादा ज्ञान है। पौधों और जड़ी-बूटियों की अनेकों प्रजातियों पर उनके अविश्वसनीय ज्ञान के कारण उन्हें इस नाम (Encyclopedia of Forest) से पुकारा जाता है।
उनके बारे में बताया जाता है की उन्होंने केवल 12 साल की उम्र से हजारों पेड़ लगाए हैं और उन्हें हरा भरा किया है। तुलसी गौड़ा एक अस्थायी स्वयंसेवक के रूप में वन विभाग के साथ जुडी रहीं और काम करती रही, जहाँ उन्हें प्रकृति संरक्षण के प्रति समर्पण और सेवा के लिए सराहना मिली। फिर उनके काम को देखते हुए उन्हें विभाग में स्थायी नौकरी की पेशकश की गई।
President Kovind presents Padma Shri to Smt Tulsi Gowda for Social Work. She is an environmentalist from Karnataka who has planted more than 30,000 saplings and has been involved in environmental conservation activities for the past six decades. pic.twitter.com/uWZWPld6MV
— President of India (@rashtrapatibhvn) November 8, 2021
हालिया समय में तुलसी 72 साल की हैं और अभी भी पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) के महत्व को बढ़ावा देने के लिए पौधों का पोषण करने और लोगो को पर्यावरण की बारीकी का ज्ञान साझा करने का काम कर रही हैं। तुलसी गौड़ा को जब राष्ट्रपति भवन में ये सम्मान मिला तो दरबार हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। तुलसी गौड़ा की फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
Tulsi Gowda, true pride of mother India 🌿
In the last 6 decades, she has planted more than 30,000 saplings and has been involved in environmental conservation.
Our Govt has recognized a true gem, congratulations #TulsiGowda, on your Padma Shri award! #PeoplesPadma pic.twitter.com/agsUILZE9m
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) November 9, 2021
तुलसी गौड़ा अभी भी कई नर्सरी की देखभाल करती हैं। तुलसी गौड़ा को इससे पहले कई और अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें ‘इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र अवॉर्ड’, ‘राज्योत्सव अवॉर्ड’ और ‘कविता मेमोरियल’ जैसे कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
President Ram Nath Kovind confers the Padma Shri on the social worker Tulsi Gowda, who is famous as the Encyclopedia of Forest due to her vast knowledge of diverse species of plants & herbs#PadmaAwards2020 #PeoplesPadma pic.twitter.com/Bvu8KFbNMY
— PIB India (@PIB_India) November 8, 2021
तुलसी कर्नाटक की एक जानी मानी पर्यावरणविद हैं, जिन्होंने 30,000 से अधिक पौधे लगाए हैं और पिछले 6 दशकों से पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में शामिल हैं। अपना पूरा जीवन उन्होंने प्रकृति की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया है। जब उन्हें अवार्ड दिया गया तब पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत देश की कई दिग्गज हस्तियां राष्ट्रपति भवन में मौजूद थीं।



