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Delhi: देश में लोग इस बार के पद्मा श्री विजेताओं के नाम और उनके काम के बारे में जानने को बेताब हैं। इस बार ऐसे कई नाम है। जो लोगो को हैरान कर देने वाले हैं। इस साल अन्न फ़ील्ड्स के अलावा 7 खिलाड़ियों को पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shri Award) से सम्मानित किया गया है।
इन खिलाड़ियों में कर्नाटक के केवाई वेंकटेश (Para Athlete Sportsman) का नाम भी दर्ज था। अब लोग यह जानता चाहते हैं की कौन हैं केवाई वेंकटेश, जिनको सम्मानित करने के लिए खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए स्टेज से नीचे उतरकर आये और फिर उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) की सादगी ने भी लोगों का दिल जीत लिया।
वेंकटेश (KY Venkatesh) जब मंच पर पहुंचे तो राष्ट्रपति ने देखा कि वेंकटेश की छोटी हाइट के चलते दोनों के बीच फासला ज्यादा है। ऐसे में उन्होंने वेंकटेश से कहा कि वे सीढ़ियों से नीचे उतरें ताकि वो दोनों बराबर की सतह पर आ सकें। इसके बाद वेंकटेश नीचे उतरे, राष्ट्रपति भी मंच से नीचे आए और उन्हें पद्मश्री का बैज पहनाया। ये नजारा देखकर राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट और तेज हो गई।
आपको बता दें की वेंकटेश कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले हैं। उनकी लंबाई चार फीट दो इंच हैं। वेंकटेश (44) एक खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1994 में की थी, तब उन्होंने जर्मनी में हो रहे पहले पैरालिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
इसके बाद उन्होंने 2009 में पांचवें पैरालंपिक खेलों में भारत का नेतृत्व किया था। उस साल देश ने 17 पदक जीते और भारत का झंडा ऊंचा किया था। ऐसे में वेंकटेश को खेल और इसके विकास में उनके सच्चे योगदान के लिए उनको पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
तब लोग देखते रह गए थे, जब खुद राष्ट्रपति कोविंद ने स्टेज से नीचे उतरकर पैरा-एथलीट खिलाडी केवाई वेंकटेश (Para athlete KY Venkatesh) को पद्मा श्री अवार्ड से सम्मानित किया। आपको बता दें की 4 फीट 2 इंच के पैरा-एथलीट और लिम्का रिकॉर्ड विजेता खिलाड़ी केवाई वेंकटेश को देश विदेश में अपने खेल की वजह से पहचान मिली। केवाई वेंकटेश चौथे वर्ल्ड ड्वॉर्फ गेम्स में 6 पदक जीतकर 2005 में ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराया था।
Hearty congrats to Shri KY Venkatesh of Bengaluru on Padma Shri Award.
Born with a growth disorder, Venkatesh persevered in sports & won record medals for India in athletics & badminton at World Dwarf Games.#PeoplesPadma#PadmaAwards2021 pic.twitter.com/bOia3NGZXI
— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) November 9, 2021
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं की पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाले पैरा एथलीट वेंकटेश एकोंड्रोप्लासिया (Achondroplasia) नाम की शारीरिक विकास में बाधा लाने वाली एक बीमार पीड़ित है, जो एक हड्डी विकास विकार है, जो शरीर में बौनापन (Dwarfism) लाता है। इसी बीमारी से पीड़ित होकर उनके शरीर की वृद्धि 4 फीट 2 इंच पर आकर रूक गई, इसके बावजूत उन्होंने इस बीमारी के आगे हार नहीं मानी और जीवन कुछ करने के मकसद से पैरा एथलीट खेलों में अपने योगदान का फैसला किया और इन आहे बढ़ाया।
It is not his stature that makes a man great, but his deeds.
Meet such real life example Padma Shri KY Venkatesh has proved this fact with his hard work. pic.twitter.com/pywVktkLV8
— Vishnu Vardhan Reddy (@SVishnuReddy) November 10, 2021
अपनी कड़ी मेहनत और अथक प्रयास से वेंकटेश ने देश को गौरवान्वित किया, जब उनका नाम वर्ल्ड ड्वार्फ गेम्स, 2005 में सबसे अधिक पदक जीतने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Limca World Record) में दर्ज किया गया था। तब भी वे अन्न लोगो के लिए प्रेरणा बने थे। वह खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय एथलीट थे और एथलेटिक्स में पदक जीते थे।



