MBA छोड़ प्रफुल्ल ने शुरू किया चाय का स्टॉल, महज 25 साल की उम्र में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिखाया

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MBA Chaiwala Business
Prafull Billore Biography, MBA Chai Wala in Hindi. Youth who failed to get MBA seat, sets up tea stall with Rs 8,000 and achieves Rs 3 crore turnover in 4 years. MBA Chaiwala Who Became A Millionaire By Selling Tea.

Photo Credits: Twitter

Ahmedabad: अहमदाबाद (Ahmedabad) के निवासी 22 वर्षीय प्रफुल बिलोरे (Prafull Billore) आज सम्पूर्ण भारत में एमबीए चायवाला (MBA Chai wala) के नाम से प्रसिद्ध हो चुके हैं। प्रफुल भी बाकी दूसरे छात्रों के जेसे अपना करियर एमबीए में बनाना चाहते थे।

मगर MBA में सफलता नहीं मिलने के बाद उन्हें यह बात महसूस हुई कि उनकी तकदीर में कुछ और ही लिखा है। इसके बाद प्रफुल ने एमबीए की पढ़ाई को छोड़ सड़क किनारे चाय का ठेला (Selling tea on the street) लगाना प्रारंभ किया।

प्रफुल ने कहा कि मुझे मालूम था कि मेरे माता-पिता इसे सही तरह से नहीं समझेंगे, क्योंकि वे चाहते थे कि मुझे डिग्री मिले। इस कारण से मैंने एमबीए महाविद्यालय में दाखिला लिया। अब मैं पढ़ाई के साथ काम कर रहा था।

मगर सच सच कहूं तो मैं एक MBA के छात्र की तुलना में ज्यादा कैशियर के तौर पर सीख रहा था। मैं अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहता था, परंतु मेरे पास अपना कार्य शुरू करने के लिए पर्याप्त पेसे नहीं थे, फिर एक दिन मैंने चायवाले से चर्चा की। इसके बाद मैंने एक चाय की टपरी खोलने का निर्णय किया।

टी स्टॉल को प्रारंभ करने के पहले दिन ही प्रफुल ने जो दूध विक्रय किया वो खराब हो गया था। जैसे-तैसे प्रफुल ने चाय बनाई लेकिन इस दौरान चाय आवश्यकता से अधिक मीठी हो गई। इन समस्याओं के बीच प्रफुल ने पहले दिन सिर्फ 1 कप चाय बेची। लेकिन अगला दिन अच्छा गुजरा और चाय की चुस्कियों के साथ राजनीति के विषय में लोगों से खूब चर्चा की। आखिरकार प्रफुल की चाय टापरी अच्छी चलने लगी।

प्रफुल का कार्य ठीक-ठाक चल रहा था। यही कारण रहा कि वो महीने में 15,000 रुपए कमाने लगे। लेकिन प्रफुल इस कार्य में सबकुछ देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने एमबीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। हालांकि इस दौरान उनके माता-पिता ने कहा कि वो अपने घरवालों को शर्मिंदा करने पर तुला है।

यहां तक ​​कि उसके मित्रों ने भी कहा, एमबीए करने गया था और क्या करने लगा। लेकिन प्रफुल ने सभी को अनसुना करना अधिक बेहतर समझा। इस दौरान उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद उन्हें एक अलग पहचान मिल गई।

आखिरकार वो दिन आया जब प्रफुल की टपरी (Tea Install) को एमबीए चायवाला (MBA Chaiwala) के तौर पर पहचान मिली। जिसका असर ये हुआ कि प्रफुल को शादियों में चाय परोसने के लिए प्रस्ताव मिलने लगे। फिर जब प्रफुल ने 2 वर्ष बाद अपना पहला कैफे खोला, तो उनके मां-बाप उन पर बहुत गर्व हो रहा थे। प्रफुल के पास आज के समय में पूरे भारत में फ्रेंचाइजी हैं और उन्हें IIM जैसे बड़े संस्थानों में आमंत्रित किया जाता है।

प्रफुल की सफलता (Success of Prafull) ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो उनकी खिल्ली उड़ाया करते थे। प्रफुल ने बताया कि अब लोग मुझसे सलाह लेते हैं। मैं उन्हें कहता हूं डिग्री मायने नहीं रखती है। मुझे जो अछा लगता है, मैं वहीं करता हूं।

आपको बता दें कि प्रफुल ने एमबीए छोड़कर चाय का स्टॉल (MBA CHAI WALA) की शुरुआत किया था। चाय के कारोबार को शुरू करने के 4 साल के अंदर उन्होंने 3 करोड़ रुपए कमाकर देशभर में तारीफे बटोर ली थी।

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