गन्ना खेती में लगातार सफलता पा रहे, एक हेक्टेयर में किया 1662 क्विंटल गन्ने के साथ लहसुन का उत्‍पादन

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Sugarcane Ganna Kheti
Gonda Farmer Anil Chand Pandey producing sugarcane and get success. Anil Chand Pandey of Ganna Kisan has also been included Garlic Plants with sugarcane.

Lucknow: भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान को हमारे देश में अन्नदाता कहा गया है। वैसे तो अनेक किसान पारम्परिक खेती करते हैं, परन्तु इसके उलट कुछ किसान नई नई तकनीक और अपने आईडिया या जुगाड़ से अलग ही खेती का प्रकार इज़ाद कर ले रहे है। इससे उन्हें फायदा भी हो गया है। इस प्रयास से फसल भी अच्छी हो रही है।

खेती किसानी (Farming) को बढ़ावा देने के लिए लोग अलग अलग तरह के प्रयास कर रहे हैं। कहीं कोई कृषि के क्षेत्र के विषय में अध्ययन कर के सहयता करते हैं, तो कहीं किसानी से संबंधित अलग अलग प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन करके करते हैं। आज का लेख भी एसे किसान के बारे में है, जिसने एसी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

किसान ने नई तकनीक को अपनी ताकत बनाया

गोंडा (Gonda) जिले में रुपईडीह के पूरे चैनकुवंरि गांव के रहने वाले एक प्रगतिशील किसान ने तकनीक को अपनी ताकत बनाकर गन्ने की खेती में सफलता का डंका पूरे प्रदेश में बजा दिया है। राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता (State Level Sugarcane Competition) में किसान अनिल चंद पांडेय (Anil Chand Pandey) को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने एक हेक्टेयर में 1662 क्विंटल गन्ने की पेड़ी का उत्पादन किया है।

गन्ने के साथ तैयार किया 150 क्विंटल लहसुन

अनिलचंद पांडेय नानायंत्र (Polytechnic) पास हैं। वह आधुनिक तरीको से गन्ने की खेती (Sugarcane Farming) करते हैं। अनिलचंद ने साल 2020-21 में राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता में भाग लिया था। किसान ने बताया कि उन्होंने ट्रेंच विधि से सीओ 0118 नाम के गन्ने के बीज की बोआई की थी।

इसके साथ ही सहफसली के तौर पर लहसुन बोया गया था। वक़्त से खाद-पानी देने के साथ ही फसल की देखरेख की गई। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1662 क्विंटल गन्ने की पेड़ी उत्पादन हुआ और तकरीबन 150 क्विंटल लहसुन (Garlic) भी मिला। उन्होंने बताया कि गन्ने के साथ आलू, प्याज व लहसुन की खेती (Lehsun Ki Kheti) सबसे अधिक लाभकारी है।

पुरस्कार के लिए किस जिले के किसान हुए चयनित

राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता 2020-21 के परिणाम घोषित हो गए हैं। आयुक्त गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी (SANJAY R BHUSREDDY) ने कई प्रकार के परिणाम जारी किए हैं।

गन्ने के शीघ्र पौधा उत्पादन में बिजनौर (Bijnor) के सुभाषचंद (Subhashchand) को प्रथम, लखीमपुरखीरी (Lakhimpurkheri) की राजेंद्री देवी (Rajendri Devi) को द्वितीय व अचल कुमार (Achal Kumar) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

पेड़ी उत्पादन में लखीमीपुरखीरी के पलविंदर सिंह (Palwinder Singh) को प्रथम, गोंडा के अनिल चंद पांडेय (Anil Chand Pandey) को द्वितीय व बिजनौर के प्रीतम (Pritam) तीसरे स्थान हासिल हुआ है। सामान्य पौधा संवर्ग में शामली के अश्वनी (Ashwani of Shamli) को प्रथम व मेरठ के अमित कुमार (Amit Kumar Of Merath) दूसरा स्थान मिला।

गोंडा जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता में लगातार दूसरे साल भी गोंडा ने अपनी सफलता का डंका बजाया है। प्रगतिशील किसान अनिल चंद पांडेय को पेड़ी उत्पादन में प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। ये जिले के लिए गर्व की बात है।

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