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Delhi: छोटे बच्चे बड़े कमाल के होते है। उनका दिमाग मशीन से भी तेज काम करता है। अगर उनमें किसी चीज़ को लेकर हुनार है, तो परिवार वालो का उनको पूरा समर्थन मिलना चाहिए, जिससे वे अपने सपने को पूरा कर अपनी मंजिल तय कर सके कि उनको किसी दिशा में ज्यादा रुचि है।
महाराष्ट्र (Maharashtra) के यवतमाल (Yavatmal) जिले में स्थित भोस (Bhosh) गाँव मे निवास करने वाले 12 वर्षीय बोधिसत्व गणेश खंडेराव (Bodhisatva Ganesh Khanderao) सातवीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। बोधिसत्व बहुत ही होनहार वाले विद्यार्थि है। पढ़ाई-लिखाई में हमेशा अव्वल आने वाला यह छात्र अपने आसपास के वातावरण को लेकर भी काफ़ी सजग है।
बाल्यकाल से ही अपनी माँ अमृता खंडेराव (Amrita Khanderao) के विचारों से प्रभावित बोधिसत्व छह वर्ष की आयु से समाज और पर्यावरण के लिए कार्य कर रहे हैं। हम घर में अक्सर इस विषय में चर्चा करते थे, तो बोधि भी बड़े ध्यान से दिमाग को एकाग्र होकर सुनता था।
कुदरत का करिश्मा है कि मेरे बच्चे का दिमाग बहुत तेज है और इसलिए वो अपने साथ के बाकी बच्चों से काफ़ी आगे की सोचने में सबसे आगे है। इस उम्र में बच्चे इतना सोच नही पाते जितना बोधि सोच लेता है। इसलिए जब भी हम उसे कोई परेशानी बताते हैं, तो वो खुद सोचकर, कहीं-कहीं से पढ़कर उस समस्या का हल खोज ही लेता है।
बोधिसत्व (Bodhisatva Ganesh) ने अपने आस-पास के जंगल को कम होते देखा, तो उसने इसका समाधान खोजना प्रारंभ कर दिया। ये समस्या कैसे उत्पन्न हुई। सारी बाते उसके दिमाग मे घूमती रहती थी। तब बोधि सिर्फ़ पहली कक्षा में पढ़ते थे जब उन्होंने ‘सीड बॉल’ (Seed Ball) के रूप में पर्यावरण-संरक्षण का उपाय खोजकर पहला कीर्तिमान अपने नाम किया।
उन्होंने स्कूल में अपने मित्रो और अन्य लोगों को ‘सीड बॉल’ के बारे में जागरूक करना प्रारंभ कर दिया। उन्होंने न सिर्फ़ अपने स्कूल में बल्कि जिले के दूसरे स्कूलों में जाकर भी असेंबली में छात्रों और अध्यापकों को इस परेशानी के प्रति जागरूक करते हुए ‘सीड बॉल’ के बारे में बताना शुरू कर दिया।
वर्ष 2017 में बोधि ने एक स्वचालित छननी (Labour free Multigrain Cleaning Machine) का निर्माण किया जिसकी सहयता से कोई भी अनाज बहुत ही कम वक़्त में बिना किसी ख़ास परिश्रम के सरलता से साफ़ किया जा सकता है। अपने इस इनोवेशन के विषय में बोधि ने बताया कि कई बार उन्होंने अपनी माँ और गाँव की औरतों को हाथ से अनाज साफ़ करते देखा। इस कार्य में बहुत समय भी लगता और फिर थकान भी काफ़ी हो जाती थी।
Bodhisatva Ganesh khanderao
Kendriya VidyalayMechanical Sieve- Labour free Multigrain Cleaning Machine
The machine is used to clean a huge amount of different types of grain in every harvest season. This model is called mechanical sieve or sift. This is a very simple machine pic.twitter.com/LL93veeaBA
— SRISTI (@SRISTIORG) October 22, 2020
बोधि को एहसास हुआ कि उन्हें इस परेशानी पर कुछ जरूर करना चाहिए और फिर उन्होंने एक ऐसी ‘मैकेनिकल छननी’ (Mechanical Channi) के मॉडल का निर्माण किया, जिससे सैकड़ों किलो अनाज भी बहुत ही सरलता से चंद घंटों में साफ़ किया जा सकता है। इस छननी को आप 500 रुपए से भी कम की लागत में बनवा सकता है।
Bodhisatva Ganesh khanderao is being awarded #ignitedmind2020 appreciation for his Multigrain sieving machine to clean various grains
Awards to be given away by @rameshmashelkar on March 11, 2021, 12 PM onwards.
Watch live: https://t.co/0rjiH557Pw pic.twitter.com/JlA6LEmfMS
— SRISTI (@SRISTIORG) March 10, 2021
इस छननी (Anaz Channi) से गाँव की महिलाओं को कार्य करने में सरलता हो रही है। साथ ही, उनके लिए रोज़गार का साधन भी खुल गया है। इससे पहले महिलाएं हाथ से अनाज साफ़ करती थी, तो उन्हें बहुत वक़्त लगता था और वे एक दिन में कुछ किलो ही अनाज साफ कर पाती थी। लेकिन अब इस छननी की सहयता से वे दिन में 20 किलो से भी अधिक अनाज साफ़ कर सकती है। इससे उन्हें परिश्रम भी कम करना पड़ता है और आय बढ़ी है।



