जेआरडी टाटा ने शुरू किया था भारत का पहला ब्यूटी प्रोडक्ट ‘लैक्मे’ आज है इंटरनेशनल ब्रांड: Lakme Story

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Success Story of Lakme brand. JRD Tata founded India's first cosmetics brand Lakme in Hindi. Lakme Launched by JRD Tata on the request of PM Nehru.

File Photo

Delhi: लैक्मे (Lakme) आज भारत के सर्वश्रेष्ठ सौन्दर्य-प्रसाधन ब्रांड की पोजिशन पर काबिज इस कंपनी को शुरू जेआरडी टाटा (JRD Tata) ने की थी। लैक्मे के जरिए टाटा समूह (Tata Group) ने प्रथम बार सौन्दर्य-प्रसाधन के उद्योग में कदम रखा था। टाटा समूह ने भारतीय महिलाओं की संजने-संवरने की आकांक्षा और त्वचा की आवश्यकताओं को कुछ इस प्रकार समझा कि लैक्मे ब्रांड शुरू होने के साथ ही लोकप्रिय होता चला गया।

​जेआरडी टाटा (JRD Tata) से शेयर किया आइडिया

स्वतंत्रता के बाद का वह समय जब स्वतंत्र भारत की अर्थव्यवस्था अपने पैरों पर खड़े होने का प्रयास कर रही थी। प्रधानमंत्री नेहरू ने टाटा समूह के चेयरमैन जेआरडी टाटा से इस विषय में चर्चा की और देश के अंदर अच्छी गुणवत्ता वाले सौन्दर्य-प्रसाधन के निर्माण वाली कंपनी स्थापित करने को कहा।

नेहरू (PM Jawaharlal Nehru) जानते थे कि जेआरडी टाटा ही वह व्यक्ति हैं, जिनमें चुनौतियों से जूझने का जुनून और उद्यमिता में कौशल हैं। जेआरडी टाटा को भी यह विचार पसंद आया क्योंकि सौन्दर्य-प्रसाधन के बाजार में देश के अंदर प्रतियोगिता न के बराबर था।

​मां लक्ष्मी से कैसे नाता

लैक्मे, फ्रेंच शब्द है और इसका अर्थ लक्ष्मी है। जब कंपनी को बाजर मे लाया जा रहा था तो फ्रांसीसी मददगारो को एक नाम सुझाने को कहा गया। एक ऐसा नाम, जिसमें दोनों देशों की छाप हो। तब लैक्मे नाम समक्ष आया, जो पेरिस में उस समय विख्यात एक ओपेरा से प्रेरित था। उस ओपेरा का नाम लैक्मे था, जो समृद्धि और सुंदरता की देवी लक्ष्मी जी पर आधारित था।

​बिजनेस में सिमोन टाटा की एंट्री

इसके बाद सिमोन टाटा लैक्मे को एक नई उंचाई पर लेकर गईं, जो नावल एच टाटा की पत्नी थीं। उन्होंने वर्ष 1961 में लैक्मे की प्रबंध संचालक (Managing Director) का पद संभाला। नावल और सिमोन ने वर्ष 1955 में शादी कर थी। सिमोन, नावल टाटा की दूसरी पत्नी हैं। टाटा ग्रुप के आज के समय के चेयरमैन रतन टाटा, नावल टाटा और उनकी पहली पत्नी की संतान हैं।

​क​ब गई हिंदुस्तान यूनिलीवर के हाथ में

1996 में टाटा समूह (Tata Group) और हिंदुस्तान यूनिलीवर की लैक्मे में 50:50 प्रतिशत की भागीदारी हो गई। वर्ष 1998 में लैक्मे पूरे तरहें से हिस्सेदारी हिंदुस्तान यूनिलीवर को मिल गई और लैक्मे, हिंदुस्तान यूनिलीवर के ब्रांड के नाम से जानी जाने लगी।

जानकारी के लिये बता दे हिन्दुस्तान यूनिलीवर एक विदेशी कंपनिय है, लैक्मे को इस सोच के साथ हिंदुस्तान यूनिलीवर को दिया गया था कि वह ही भविष्य में इसके साथ बेहतर न्याय कर पाएगी।

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