
Jaipur: सफल इंसान बनने के लिए सही मकसद और उसे पूरा करने के लिए जूनून का होना जरुरी होता है। कड़ी मेहनत और लगन से ही मंज़िल को पाया जाता है। आज के समय में हर कोई सफलता पाना चाहता है। उसके लिए बहुत मेहनत के साथ ही एक सही योजना का होना आवश्यक है। सफलता पाने केलिए किसी से प्रेरित होना होना भी जरुरी है। प्रेरणा एक ऐसी चीज है, जो किसी से भी कुछ भी करवा सकती है।
किसी सफल इंसान से प्रेरणा लेकर आप भी वैसी सफलता पा सकते है। आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही शख्स की, जिन्होने बचपन में हीं सनी देयोल (Sunny Deol) की फिल्म ‘इंडियन’ (Indian) से प्रेरणा लेकर एक IPS अधिकारी बनने का सपना देखा और अपने इस सपने को सही भी कर दिया।
यहाँ हम चर्चा कर रहे हैं, राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर के एक छोटे से गांव श्यामपुरा से आने वाले मनोज रावत (Manoj Rawat) की। मनोज एक सामान्य परिवार से नाता रखते हैं। मनोज रावत ने केवल 19 साल की उम्र में पुलिस कांस्टेबल (Police Constable) की नौकरी प्राप्त कर ली थी।
फिर मनोज ने साल 2013 में इस नौकरी को छोड़ने (Leave Job) का मन बना लिया और कुछ समय बाद नौकरी छोड भी दी। उनके परिवार में सभी ने उनके इस निर्णय को गलत माना था। लोगो ने भी कहा की भला कोई पुलिस की सरकारी नौकरी थोड़ी छोड़ता है। परन्तु मनोज ने अपने सपने को पूरा करने के लिए ऐसा कर दिया था।
UPSC परीक्षा क्रेक कर कर बने IPS अफसर
अपने शहर से ही सरकारी स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद मनोज ने साल 2007 में राजस्थान यूनिवर्सिटी से बीए पास किया। उसके बाद उनकी राजस्थान नौकरी में पुलिस भी लग गई। पुलिस में नौकरी करने के दौरान ही 2012 में मनोज रावत ने राजनीति शास्त्र में MA कर लिया था।
इसके बाद पुलिस की नौकरी छोड़कर अदालत में क्लर्क (एलडीसी) की नौकरी की। इसके बाद उन्होंने क्लर्क की भी नौकरी भी छोड़ दी। क्लर्क की नौकरी छोड़ने के बाद वे सिविल सर्विसेज (UPSC) की तैयारी में जुट गए। UPSC की तैयारी के दौरान उन्हें अपने सफल होने की पुरी उम्मीद थी।
UPSC ऑल इंडिया में 824 रैंकिंग प्राप्त की
उन्होंने साल 2017 में UPSC Civil Services Examination 2017 में ऑल इंडिया में 824 रैंकिंग प्राप्त की थी। इसके बाद वे IPS अधिकारी बने। वे 824 रैंक के बावजूद भी आईपीएस अफसर ही बने। उनका सपना भी IPS अफसर बनने का ही था।
IPS बनने के लिए कई सरकारी नौकरी त्याग दी
आपको बता दें की UPSC की परीक्षा क्लियर IPS बनने से पहले मनोज रावत (Manoj Rawat) को पुलिस की नौकरी सहित तीन सरकारी नौकरियां मिल चुकी थीं। उन्हें पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद 2014 में लोअर डिविजन क्लर्क की नौकरी मिली।
क्लर्क की भी नौकरी त्याग दी
उसके बाद उन्होंने क्लर्क की भी नौकरी त्याग दी थी। फिर उसके बाद उनकी नौकरी CISF में भी लग गई थी। उन्होंनें CISF की नौकरी करने से भी साफ़ मन कर दिया था। उनको तो बन IPS अफसर ही बनना था।
मनोज रावत (IPS Officer Manoj Rawat) ने एक हिंदी अख़बार को बताया कि, उनका इंटरव्यू करीबन 35 मिनट तक चला था। जिसमे इनके सामने देश-विदेश के समसामयिक ज्वलंत मुद्दों को रखा गया। इनमें भारत-चीन संबंधित प्रश्न, विदेश सेवा से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए थे तथा लगातार 35 मिनट तक एक के बाद एक प्रश्न पूछे गए।
कभी पुलिस कांस्टेबल थे मनोज रावत, सनी देओल से प्रेरणा लेकर बन गए IPS अफसर। pic.twitter.com/VrIEcFDa4o
— sanatanpath (@sanatanpath) October 22, 2021
मनोज रावत अख़बार को बताया कि, UPSC के इंटरव्यू के दौरान आरक्षण संबंधित भी प्रश्न पूछे गए थे, जिसमे इन्होंने जवाब दिता था कि, क्रीमीलेयर की व्यवस्था आरक्षण में होनी जरुरी है। क्रीमीलेयर लागू होने से वंचित समाज के उस हिस्से को भी मुख्य धारा में लाया जा सकेगा।
अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) की इंडियन (Indian) फ़िल्म से प्रेरित थे
मनोज रावत राजस्थान के एक मामूली से परिवार के उन नौजवानों और युवतियों में से एक है, जिन्हें UPSC की 2017 परीक्षा के फाइनल नतीजों में कामयाबी हासिल हुयी है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।
मनोज ने बताया कि, वो एक हिंदी फिल्म ‘इन्डियन’ (Indian) में सनी देयोल (Sunny Deol) के द्वारा निभाए गए किरदार “राज शेखर आज़ाद” से बहुत प्रेरित थे, जो फिल्म में एक IPS अधिकारी है। उन्होंने ये फिल्म तब देखी थी जब वो 8th क्लास में थे और उसी फ़िल्म से प्रेरित होकर वे आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बने।



