PUC सर्टिफिकेट, किन वाहनों को नहीं लेना पड़ेगा, वैध पीयूसी के बिना पकड़े जाने पर यह सज़ा और जुर्माना होगा

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PUC Certificate info
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File Photo

Delhi: भारत में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण वाहनों से निकलने वाले धुएँ को नियंत्रित करने के लिए PUC प्रमाण पत्र (PUC Certificate) जरूरत होगा। देश भर में नवंबर से ठीक पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) पर सख्ती बढ़ने लगी है।

नवंबर में ठंड के प्रारंभ के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई क्षेत्रों में स्मॉग की गंभीर समस्या होती है, इस पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने अभी से PUC पर सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे में देश की जनता को इस बारें में जानकरी लेना आवश्यक है।

दिल्ली सरकार के अनुसार तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होने समेत दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए वाहन मालिकों को वैध ‘प्रदूषण नियंत्रण’ प्रमाण पत्र (ehicle Pollution Certificate) साथ लेकर चलना चाहिए। परिवहन विभाग की तरफ से जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया कि वैध पीयूसी के बिना पकड़े जाने पर वाहन मालिकों को छह महीने जेल की सजा या 10 हजार रुपये जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ सकता है।

PUC सर्टिफिकेट का बदला तरीका

सड़क परिवहन मंत्रालय ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके तहत प्रथम बार वाहन से ज्यादा प्रदूषण पाय जाने पर अमान्य पर्ची देने का प्रावधान जोड़ा गया है। अब यह जानकारी सरकार अलग अलग माध्यम से और प्रचार करके लोगो तक पहुंचाएगी।

केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 (Central Motor Vehicles Act 1989)में किये गए परिवर्तन के अनुसार समान प्रमाण पत्र के लिए नया प्रारूप भी जारी किया जाएगा जिस पर क्यूआर कोड (QR CODE) होगा। इसमें वाहन की पूर्ण जानकारी जेसे की रजिस्ट्रेशन संख्या, चेंचिस संख्या, वाहन मालिक का नाम, उसके परमिट आदी की पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी।

क्या है PUC (What is a Vehicle Pollution Certificate PUC)

सड़क पर चलने वाले वाहनों से जो धुआं निकलता है, वह प्रकृति के लिए हानिकारक हो सकता है। इस प्रकार प्रदूषण के लिए पर्यावरण को ख्याल में रखते हुए जो मानक (Pollutants Standards) तय किए गए हैं, उनके अनुसार ही आपके वाहन का वायु प्रदूषण फैला रहा है, इस बात की पुष्टि करने के लिए एक परीक्षण (Pollution Test) किया जाता है।

इस परीक्षण के बाद जो प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, उसे पीयूसी कहते हैं। भारत में मोटर या इंजन वाले हर एक वाहनों के लिए यह जरूरी है। वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण के हानिकारक तत्वों जैसे कार्बन डाईऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के लिए उनकी नियमित रूप से जांच की जाती है, जिसके बाद पीयूसी दिया जाता है।

PUC टेस्ट करने का तरीका

PUC प्रमाणपत्र देने वाले केंद्र (PUC Certificate Center) पर कंप्यूटर से जुड़ा एक गैस ऐनालाइजर होता है। गैस ऐनालाइजर को गाड़ी के साइलेंसर में फंसाते हैं। गाड़ी को चालू रखा जाता है यह गैस ऐनालाइजर गाड़ी से निकलने वाले धुएँ की जांच करता है और आंकड़े कंप्यूटर को भेजता है। एक कैमरा गाड़ी के लाइसेंस प्लेट की तस्वीर लेता है। अगर गाड़ी से तय दायरे में प्रदूषण फ़ैल रहा है, तो उसका PUC प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।

PUC के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य (PUC Important Info)

PUC पूरे देश में वैध होता है। आप अगर किसी दूसरे शहर या राज्य में जा रहे हैं, तब भी आपको नया पीयूसी करवाने की आवश्यकता नहीं है। पीयूसी सेंटर अधिकांश पेट्रोल पंप पर मिल जाते हैं। यहाँ से आप जरुरी जानाकरी भी ले सकते है।

पीयूसी जांच (PUC Test) वही शख्स कर सकता है, जिसके पास मोटर मैकेनिक या आटोमोबाइल इंजीनियरिंग की न्यूनतम वैध डिग्री हो। वाहन में इतनी मरम्मत करना जानता हो, जिससे प्रदूषण की मात्रा को कम किया जा सकता है, लेकिन गाड़ी के इंजन की क्षमता पर कोई खराब असर न हो।

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