
Bhopal: जीवन में कुछ भी करने का निश्चय कर लें, तो कोई भी काम असंभव नहीं। अगर आप किसी लक्ष्य को हासिल कहने के लिए जी जान लगा दें तो आप 99 प्रतिशत उस लक्ष्य को पा ही लेंगे। इस कहावत को सच किया है, फतेहपुर जिले के नसेनिया की बेटी जागृति (Jagriti Awasthi) ने।
जागृति के सफलता (Jagriti Awasthi Success) ने ग्राम के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। न केवल जागृति के चाचा का परिवार किंतु ग्राम के लोग भी गदगद हैं। चाचा ने कहा कि जागृति ने पिता की इच्छा न होने के पश्चात भी नौकरी छोड़ी और आईएएस की तैयारी करके प्रथम ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।
कुछ करने का जिद और लगन ही थी, जिसने उन्हें आज इस ऊचाईयों पर पहुंचा दिया। हालांकि वह अपने माता-पिता के साथ भोपाल में रहती हैं। बातचीत के समय जागृति ने बताया कि जिंदगी में कभी हार नहीं मानी। परीक्षा में कामयाब प्राप्त करने के लिए जितने घंटे अध्ययन किया पूरी लगन के साथ की।
नशेनिया के रहने वाले डॉ सुरेश चन्द्र अवस्थी भोपाल मेडिकल महाविद्यालय में प्रोफेसर हैं। मां मधुलता अवस्थी खेल शिक्षिका थीं। इस्तीफा देने के पश्चात सफल गृहिणी का कार्य संभाल रही हैं। सुरेश अवस्थी की पुत्री जागृति ने भोपाल के महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय से साल 2010 में हाईस्कूल एवं 2012 में स्नातक की शिक्षा पूरी की।
Jagriti Awasthi ने मैकेनिकल ट्रेड से बीई किया और गेट क्वालीफाई करते हुए BHEL में टेक्निकल अधिकारी के तौर में चयन हुआ। इसके बावजूद उनका कामयाबी का रास्ता नहीं रुका। आईएएस (IAS Officer) बनने का ख़्वाब संजोए रखा और नौकरी से इस्तीफा देकर सिविल की कोचिंग ज्वाइन की।
साल 2020 में प्रथम ही प्रयत्न में इन्होंने सिविल सेवा में दूसरी रैंक लाकर मुकाम प्राप्त कर लिया। जागृति अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता के साथ भाई सुयश और पूर्व सैनिक मामा जितेंद्र नाथ को देती हैं।
वर्ष 2019 में जागृति ने अफसर बनने के ख़्वाब को पूर्ण करने का निर्णय लिया और दिल्ली के एक शिक्षण संस्थान में दाखिला ले लिया। हालाँकि कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान उन्हें भोपाल (Bhopal) लौटना पड़ा। लेकिन उनका अध्ययन नहीं रुकी। जागृति ने ऑनलाइन क्लासेज (Online Clasess) की।
She is Jagriti Awasthi… 2nd rank holder in UPSC… n she is frm MP (Madhya Pradesh) my state … but instead of mentioning states v shld call them Indians n they shld work for the country 🇮🇳🇮🇳 not for any particular state … with due apologies 🙏 pic.twitter.com/IDcxfnPfey
— kadambini singh sikarwar (@kadambinising12) September 26, 2021
आईएएस की तैयारी के लिए जागृति ने इंजीनियरिंग (Engineering) छोड़ी, तो उनके माता पिता ने भी बहुत कुछ त्याग दिया। माँ ने बेटी की सहायता के लिए टीचर की नौकरी छोड़ी तो घर पर चार वर्षों से टीवी को चालू भी नहीं किया गया। ये सारे बलिदान जागृति को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहे। पहले प्रयत्न में जागृति प्रीलिम्स भी उत्तीर्ण नहीं हो सकी थीं, लेकिन उन्होंने दृढ़ संकल्प किया और दूसरे प्रयास में टॉपर (UPSC Topper) बन गयीं।
Heartiest Congratulations to all the successful candidates of #UPSC2020
UPSC Result 2021 Topper List || Shubham Kumar 🥇 || Jagriti Awasthi 🥈|| Ankita Jain 🥉||
Our Best wishes to all of you for your future endeavours.#UPSC #UPSCResult #Upscresult2020 #ShubhamKumar pic.twitter.com/K5NQfDi0B3— NIPS- Noble Institute of Professional Studies (@nips_edu) September 25, 2021
जागृति ने सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 में ऑल इंडिया दूसरी रैंक लाकर न सिर्फ माता-पिता का, बल्कि फतेहपुर का नाम भी रोशन कर दिया। वर्ष 2020 में पहले ही प्रयास में इन्होंने सिविल सर्विसेज में दूसरी रैंक (UPSC 2020 Second Topper) लाकर मुकाम हासिल कर लिया। जागृति अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ भाई सुयश और पूर्व सैनिक मामा जितेंद्र नाथ को देती हैं।



