Tuesday, October 26, 2021
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ऑनलाइन क्लास के लिए फोन नहीं, बाढ़ भी नहीं तोड़ पाई स्कूल जानें से, खुद नाव चला स्कूल जाती हैं संध्या

Sandhya Sahini Video

Photo Credits: Twitter Video Crap Image

Gorakhpur: गोरखपुर की एक लड़की ने बाढ़ जैसे कठिन हालातों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखने का इरादा किया और अब पढ़ाई को लेकर इस लड़की के जज्बे को सभी सलाम कर रहे हैं। गोरखपुर के बहरामपुर (Bahrampur) की रहने वाली संध्या साहनी आज अपने ठोस इरादों को लेकर चर्चा में हैं।

महामारी के कारण लागू हुए लॉकडाउन के पश्चात देश भर के विद्यालयों ने ऑनलाइन क्लास का संचालन प्रारंभ कर दिया है, हालांकि स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं की कमी में अभी भी लाखों की संख्या में विद्यार्थि ऑनलाइन क्लास अटेंड करने समर्थ नहीं हैं।

हाल ही में खोले गए विद्यालयों के पश्चात यह अनुमान लगाया जा रहा था कि उन बच्चों की पढ़ाई को वापस से पटरी पर लाया जा सकेगा, हालांकि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिलों में हुई भारी वर्षा के बाद बने बाढ़ के माहौल के बाद अब विद्यार्थियों के लिए विद्यालय तक पहुँचना भी कठिन हो गया है।

इस बीच गोरखपुर की एक लड़की ने बाढ़ जैसे मुश्किल भरे हालातों का सामना करते हुए अपने अध्ययन को जारी रखने का निर्णय लिया और अब पढ़ाई को लेकर इस लड़की के हौसले को सभी सलाम कर रहे हैं। नारी शक्ति के आदर्श वाक्य पर चलते हुए, ग्यारहवीं कक्षा की एक 15 वर्षीय छात्रा और एक बढ़ई (Carpenter) की बेटी अपने घर से अपने विद्यालय पहुंचने के लिए रोजाना राप्ती नदी की खतरनाक धाराओं में 800 मीटर की दूरी तक अपनी नाव चलाती है।

गोरखपुर जिले के बहरामपुर क्षेत्र में स्कूल यूनिफॉर्म में नाव चलाने वाली लड़की (Sandhya Sahini) का वीडियो वायरल (Video of Girl defies flood, rows to school daily) हो गया है, जिसमें उसके साहस और पढ़ाई के प्रति समर्पण के लिए चौतरफा प्रशंसा हो रही है। लोग लड़की की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

नाव से जाने लगीं स्कूल

संध्या (Sandhya Sahini) के हिसाब से लॉकडाउन के कारण सारे विद्यालय बंद थे और पास में स्मार्टफोन न होने के कारण वे विद्यालय द्वारा चलाई जा रहीं ऑनलाइन क्लासेस में भी सम्मिलित नहीं हो पा रही थीं। इसके बाद जब विद्यालय खुले तब क्षेत्र में आई बाढ़ ने स्कूल जाने के सभी मार्ग को पूरी तरह पानी पानी कर दिया, बाढ़ में किसी भी बच्चे के लिए विद्यालय जा पाना संभव नहीं था।

बाढ़ के जलस्तर को कम होते न देख कक्षा 11वीं में अध्ययन करने वाली संध्या ने यह निर्णय लिया कि वे स्वयं ही इसका कोई निराकरण निकालेंगी और स्कूल जाकर अपनी शिक्षा को जारी रखेंगी। इसके लिए उन्होने निर्णय लिया कि वे रोज़ नाव चलाकर अपने विद्यालय जाएंगी और नियमित क्लास अटेंड करेंगी।

बाढ़ से नहीं लगा भय

संध्या ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया है कि इलाके में हर बरसात के पश्चात बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, ऐसे में क्षेत्रवासियों को इस दिक्कतों का सामना हर वर्ष करना पड़ता है। हर वर्ष आ जाने वाली बाढ़ के चलते संध्या के मन से यह भय पहले ही समाप्त हो चुका था।

क्षेत्र से राप्ती नदी बहती है, जिसके चलते वर्षा ऋतु में जल स्तर काफी बाढ़ जाता है और हर वर्ष बाढ़ जैसा माहौल बन जाता है। हालांकि संध्या चाहती हैं कि प्रशासन इस पर ध्यान दे और जल्द से जल्द इस इलाके में एक बांध का निर्मित किया जाए जिससे बाढ़ के माहौल को थाम जा सके और क्षेत्र अन्य छात्रों को भी स्कूल जाने में समस्या न हो।

ENN Team
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