एक गरीब और असहाये लड़का ऐसे पहुंचा चेन्नई से कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और बने इस टेक्नोलॉजी का ज्ञाता

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Jayavel in Cambridge
Jayavel got scholarship in Cambridge. Beggars Are Studying Abroad and doing well. From a beggar to a 'Cambridge University Scholar'.

Chennai: चेन्नई (Chennai) के निवासी ज्यावेल (Jayavel) तीन-भाई बहन हैं। जिनमें ज्यावेल सबसे बड़े हैं। ज्यावेल जब 3 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया, पूरे घर परिवार और तीन मासूम बच्चों का उत्तरदायित्व अब उनकी मां पर आ गया था। पति के गुजर जाने और बच्चों के अनाथ होने पर मां को इतना गहरा आघात हुआ कि उसे शराब की लत ने जकड़ लिया।

तीनो भाई बहनों के ऊपर कुदरत ने ऐसा चक्रव्यूह बनाया की पिता गुजर गए मां के शराबी बन जाने से घर में खाने का एक दाना तक नहीं बचा। मजबूरन तीनों बच्चे भीख मांग कर अपना पेट भरने लगे। ज्यावेल (Jayavel From Chennai) अपने दोनों छोटे भाई बहनों का पूरा ख्याल रखता था। जिंदगी तीनों बच्चों की परीक्षा ले रही थी।

इसी दौरान सुयंम एनजीओ के संस्थापक उमा और नाथूराम ने ईन तीनों मासूम बच्चों को देखा पढ़ने खेलने की आयु में भीख मांगने पर विवश थे। एनजीओ (NGO) ने तीनों बच्चों का सिरको मोंटेसरी विद्यालय में दाखिला करवाया। वहीं से तीनो भाई बहनों ने बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की।

ज्यावेल पढ़ने में बेहद चतुर था। उन्हें कैंब्रिज विश्वविद्यालय (Cambridge University) में छात्रवृत्ति मिली, जिसके चलते उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से अपना अध्ययन पूरी की। कैंब्रिज विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण होने के बाद उन्होंने Glyndwr University में एक कोर्स के लिए दाखिला कराया।

यहां उसे छात्रवृत्ति नहीं मिली जिसकी वजह से उसे बैंक से लोन लेना पड़ा। ज्यावेल ने विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद विमान मेंटेनेंस टेक्नोलॉजी का कोर्स किया है। विमान मेंटेनेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं है और भविष्य उज्जवल है।

ज्यावेल ने अपनी सफलता का श्रेय सुयंम एनजीओ (NGO) के संस्थापक उमा और मथुरा को दिया। जिन लोगों ने इन्हें सड़कों से उठाकर बेहतरीन शिक्षा और संस्कार दिए। ज्यावेल की मां ने अब शराब छोड़ दी है।

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