साड़ी में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर क्रांति सालवी ने बताया हमारे देश की महिलायें किसी से कम नहीं

0
694
Kranti Salvi Marathon
Meet Kranti Salvi The Fastest Runner in a Sare. In Berlin Marathon Kranti Salvi from India ran the marathon in a saree and created a Guiness World Record.

File Photo Credits: Twitter

Delhi: यह तो अनेक बार देखा गया है की भारत की बेटियों ने देश और विदेश में अपने देश का नाम रौशन किया है और तिरंगा फेहराया है। ‘फास्टेस्ट मैराथन इन सारी’ (Fastest Marathon in Saree) का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) कायम कर क्रांति सालवी ने ये साबित कर दिया कि हमारे देश की महिलाओं किसी से भी कम नहीं है, वो इतनी लंबी दौड़ लगा सकती हैं और उससे जीत भी सकती हैं। लीक से हटकर अपनी अलग पहचान बनाना कोई मामूली बात नही होती।

कम लोग ही होते है जो ऐसा कर पाते हैं और ऐसे ही चुनिंदा लोगों में से एक हैं अल्फा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ की डायरेक्टर और इंटरनेशनल मैराथन रनर क्रांति सालवी। महाराष्ट्र के धुले में एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी क्रांति सालवी के परिवार ने कभी विश्वास भी नहीं किया होगा कि एक दिन उनकी बेटी अपने परिवार का नाम पूरे वर्ल्ड में रोशन करेगी।

पढ़ाई में अव्वल क्रांति सालवी (kranti Salvi ) स्कॉलरशिप के साथ-साथ खेलकूद में भी बहुत अच्छी थी और अपने पंचगनी के स्कूल संजीवन विद्यालय में एथलेटिक्स में अक्सर पार्ट लिया करती थी। हालांकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान क्रांति जी को कुछ समय के लिए स्पोर्ट्स से दूर हो गई थी।

इससे उनका स्पोर्ट्स के प्रति प्यार कभी कम नहीं हुआ। बीई इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री लेने वाली क्रांति सालवी बहुत छोटी उम्र में अल्फा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ (Alpha Group of Companies) की डायरेक्टर बन गईं थीं।

टॉप 5 महिलाओं की सूची में शामिल हुई

क्रांति जी (kranti Salvi) जब अपने बेटे को एथलेटिक्स की ट्रेनिंग दिलवाने के लिए उसे प्रियदर्शिनी पार्क (पीडीपी) ले गईं, तो अन्य माओं की तरह बेटे के लौटने तक यूं ही फालतू बैठे रहने के बजाय उन्होंने सोचा, क्यों न वो भी ट्रैक ट्रेनिंग ले लें। जब उन्होंने कोच से इस बारे में बात की, तो उन्होंने भी हामी भर दी और इस तरह क्रांति सालवी का स्पोर्ट्स प्रेम एक बार फिर से उनके जीवन में जाग गया।

क्रांति सालवी ने 2012 में मुंबई मैराथन 21 Km की मैराथन में हिस्सा लिया और उनकी रैंक टॉप 5 महिलाओं की लिस्ट में थी। इसके बाद क्रांति जी ने फुल मैराथन दौड़ने का मन बना लिया और उसकी तैयारी शुरू कर दी। 2013 में क्रांति जी ने पहला फुल मुंबई मैराथन पूरा किया और उसे जीत भी लिया।

परिवार के सभी लोग मैराथन में

इसके बाद क्रांति सालवी को मैराथन (Kranti Salvi Marathon) में ऐसा मैं बान की कि उन्होंने देशभर में कई मैराथन में हिस्सा लिया, उसके बाद उन्होंने फिर कभी पीछे नहीं मुड़कर देखा। ख़ास बात ये है कि क्रांति जी के साथ उनका परिवार भी सभी मैराथन में हिस्सा लेता है। बेटे के साथ ट्रेनिंग लेने का जो फैसला क्रांति जी ने किया, उसने उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल दी।

क्रांति जी का परिवार जुलाई में होने वाले रनकेशन में भी पार्ट लेता है, उन्होंने अब तक मॉरीशस, फिलीपींस और द गोल्ड कोस्ट मैराथन में पार्ट लिया है। क्रांति सालवी ने अपनी मैराथन से अपना और अपने पूरे परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का नाम भी रोशन किया। ‘फास्टेस्ट मैराथन इन सारी’ (Fastest Marathon in Sari) का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल कर क्रांति सालवी ने ये साबित कर दिया कि हमारे देश की महिलाओं किसी से भी कम नहीं है।

गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

इंटरनेशनल मैराथन रनर क्रांति सालवी जी की उपलब्धियों में से एक है उनकी अन्य उपलब्धियां ‘फास्टेस्ट मैराथन इन सारी’ का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड, 14 इंटरनेशनल फुल मैराथन, ‘मुंबई रोड रनर’ का चार साल तक लगातार बेस्ट रनर अवॉर्ड, अल्ट्रा मैराथन (89 km) साउथ अफ्रीका, जैसे कई अवॉर्ड्स जीते हैं और ओर इस जीत मैं पिंकाथॉन इंडिया एम्बेसडर जीत शामिल हैं।

क्रांति जी का दौड़ का अब तक का सफर बहुत दिलचस्प और प्रेरणादायी के साथ उनके लिए कठिन भी रहा हैं। उन्हें और आगे कई मैराथन लगानी है। क्रांति जी का मानना है कि मैराथन ने उनकी ज़िंदगी बदल दी और उन्हें एक नई पहचान दी। क्रांति जी को अक्सर कई प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा आमंत्रित किया जाता है, ताकि लोग उनसे कुछ सीख सकें।

फिटनेस के लिए प्रोत्साहित करती है

जनवरी 2018 से क्रांति सालवी पिंकाथॉन एम्बेसडर हैं, जिसके अंतर्गत वो महिलाओं को अपनी और अपने परिवार की फिटनेस के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इस पहल से वो देशभर के लोगों को फिट और हेल्दी बने रहने की सलाह देती हैं। क्रांति सालवी ये मानती हैं कि उन्हें जो कुछ भी समाज से मिला है, अब वो समाज सेवा के माध्यम से वो सब समाज को लौटाना चाहती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here