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Ayodhya: हिंदुओं की प्रातीन पवित्र तीर्थस्थल अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य का एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है। यह नगर पवित्र सरयू नदि के तट पर बसा हुआ है। रामायण के मुताबिक अयोध्या की स्थापना मनु ने की थी। अयोध्या हिंदुओ के 7 पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। जिसमें अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, अवंतिका और द्वारका शामिल है।
माना जाता है कि भगवान राम का जन्म (Birth Of Bhagwan Ram) अयोध्या में हुआ था। अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन (Ram Mandir Bhoomi Pujan Ceremony) किया जाएगा। भूमि पूजन की सभी तैयारियां जोरों पर हैं। अयोध्या में 5 अगस्त को मंदिर के शिलापूजन का एक साल पूरा होगा। कई दशकों से चल रही लड़ाई के बाद आखिरकार अब राम मंदिर बनने का सपना पूरा होने जा रहा है।
नींव के निर्माण का 60% काम पूरा हो चुका है। इस बार यहां 11 अगस्त से शुरू हो रहे सावन मेले को भी सबसे अलग बनाने की प्लानिंग हो रही है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहे राम मंदिर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। 2023 में लोग राम लला के दर्शन कर पाएंगे जबकि पूरा मंदिर 2025 तक तैयार हो जाएगा। मंदिर के निर्माण में 900-1000 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह मेला सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से 12 दिन चलता है। इस बार मेले में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला को चांदी के पालने पर झुलाने का निर्णय लिया है। ऐसा 500 साल बाद हो रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक गोपालजी ने सोमवार को झूले का जायजा लिया है।
Warm Greetings to everyone on the auspicious occasion of 1st Anniversary of the Grand Shree Ram Mandir Bhoomi Pujan at Ayodhya Nagar. The Grand temple of Lord Shree Ramlala ji will be inscribed as a Golden Chapter in the Glorious History of Sanatana Dharma. pic.twitter.com/1DDlhM04OX
— TAI TAGAK (@TaiTagak) August 5, 2021
500 वर्षों के बाद भगवान रामलला का मंदिर निर्माण हो रहा है और यह जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिली है। जिसके लिए देश के करोड़ों राम भक्तों ने सहयोग राशि समर्पित कर रहे हैं। ऐसे में देश का हर राम भक्त चाहता है कि विश्व का सबसे सुंदर व भव्य मंदिर बने। जिसको लेकर अब श्री रामलला के गर्भगृह को सोने से सजाए जाने की माँग किया गया है। वहीं गर्भगृह को सोने से बनवाने की मांग भी उठने लगी है।
नींव की 44 लेयर में से 25 तैयार
1528 से राम मंदिर आंदोलन चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट से निर्माण का रास्ता निकलने के बाद बीते साल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या पहुंचकर शिलापूजन किया था। इसके बाद अब राम मंदिर की नींव का निर्माण तेजी से चल रहा है। नींव 44 लेयर में बनाई जानी हैं, जिसमें से 25 लेयर तैयार हो चुकी हैं। मंदिर निर्माण के साथ अब रामलला को बाकी सुविधाएं देने की तैयारी भी है।
मणिपर्वत झूला से शुरू होगा सावन मेला
शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कनक भवन मणिराम दास जी की छावनी, श्रीरामवल्लभाकुंज, दशरथ महल, कोशलेस कुंज जैसे सौ से ज्यादा मंदिरों से भगवान की मूर्तियां मणिपर्वत पर झूलने के लिए समारोह पूर्वक ले जाई जाती हैं। मणिपर्वत झूला के बाद मूर्तियां वापस आने पर पूरे सावन के महीने में उत्सव चलता है।
🔲 अयोध्या में राम मंदिर दिसंबर 2023 तक भक्तों के लिए खुल जाएगा: ANI #Ramlala #RamMandir #Ayodhya #AyodhyaRamMandir #UttarPradesh
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— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) August 4, 2021
कुछ संतों ने मांग की थी कि रामलला जब विवादों से मुक्त हो चुके हैं तो उन्हें भी मणिपर्वत झूले के लिए ले जाया जाना चाहिए। इस पर श्रीराम वल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला बालरूप में हैं। इस अवस्था में वे अत्यन्त कोमल हैं और मां की गोद ही बच्चे के लिए सबसे बढ़िया झूला है इसलिए सुरक्षा और रामलला की अवस्था को देखते हुए यह मांग सही मायने में उचित नहीं है।
500 साल बाद चाँदी के पालने में झूलेंगे रामलला
रामनगरी में श्री राम जन्मभूमि पर बन रहे रामलला के मंदिर को भव्यतम रूप देने की माँग उठ रही है। नींव के निर्माण का 60% काम पूरा हो चुका है। इस बार यहाँ 11 अगस्त से शुरू हो रहे सावन मेले को भी खास बनाने की तैयारी की जा रही है। दैनिक भास्कर ने इस पर एक ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें लेखक रमेश मिश्र ने बताया कि इस बार के सावन मेला में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला को चाँदी के पालने पर झुलाने का फैसला लिया है। ऐसा 500 साल बाद हो रहा है। बता दें कि यह मेला सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से शुरू होकर 12 दिन तक चलता है।
PM को लिखा पत्र
राम जन्मभूमि पर श्री रामलला के मंदिर में गर्भगृह को सोने से बनाए जाने की माँग को लेकर बाबरी विध्वंस के आरोपित संतोष दुबे और शिवसेना पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। जिसमे कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राण गँवाए हैं।
जिसके बाद अब यह मधुर बेला का सुनहरा अवसर हम सभी को प्राप्त हुआ है। इसलिए देश के राम भक्तों की रूपरेखा के अनुरूप मंदिर को बनाया जाए। समिति के सदस्यों ने बताया कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बन रहा राम मंदिर लाखों लोगों के बलिदान का साक्ष्य प्रमाण है। राम मंदिर आंदोलन में लाखों लोगों ने अपने प्राण गँवाए और कई चोटिल हुए। बड़ी संख्या में माँ बहनों ने अपने बेटे को खोया, किसी पत्नी का सुहाग चला गया।
500 वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ अवसर हम सभी को देखने मिला है कि भगवान राम के जन्म स्थान पर मंदिर का निर्माण हो रहा है। समिति के सदस्यों का कहना है कि राम मंदिर के भूमि पूजन को 5 अगस्त को एक साल पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री को उसी दिन सोने का गर्भगृह बनाने का ऐलान कर देना चाहिए।
राम मंदिर निर्माण के लिए बुनियाद भरने का काम तेजी से चल रहा है
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 15 सितंबर के पहले मंदिर के लिए बुनियाद भरे जाने का कार्य पूरा हो जाएगा। वहीं 2023 में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होगा। राम मंदिर निर्माण के लिए बुनियाद भरी जा रही है। बुनियाद की मोटाई करीब 1 इंच तक 44 परतों की भरी जानी है। इसमें अभी तक 25 परतों की भराई हो चुकी है। ये बुनियाद भरने का काम 15 सितंबर तक राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा कारदायी संस्था को सौंपी गई है।
समिति के अधिकारी 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में मंदिर की बुनियाद का निर्माण कार्य करवा रहे है। जिसके चलते मंदिर निर्माण के लिए अक्टूबर माह से मंदिर के बेस का निर्माण होगा। इसमें मिर्जापुर के बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट स्टोन का इस्तेमाल किया जाना है।
रामभक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी
– अयोध्या में बन रहे मंदिर में दिसंबर 2023 से कर सकेंगे #Ramlala के दर्शन
– मंदिर के बाकी काम 2025 तक पूरे किए जाएंगे
– रामलला को चांदी के झूले पर बैठाने की तैयारी
– राममंदिर के लिए रामादल सोने की चौखट देगा
– cm बनने के बाद योगी 29 बार #Ayodhya आए pic.twitter.com/MLHmPoNGQF— Neha Singh Tomer ( Journalist ) (@PrTomer) August 4, 2021
बताया जाता है कि भगवान राम के जल समाधि लेने के बाद अयोध्या धीरे-धीरे उजड़ती जा रही थी लेकिन राम जन्मभूमि पर बने महल को आंच भी नही आई। भगवान राम के पुत्र कुश ने फिर अयोध्या को पुनर्निर्माण किया और इसके बाद सूर्यवंश की 44 पीढ़ियों ने यहां पर राज किया। सूर्यवंश के आखिरी राजा महाराजा बृहद्बल तक राम जन्मभूमि की देखभाल होती रही।
2023 में राम लला के दर्शन, 2025 तक पूरा मंदिर तैयार
राम मंदिर का निर्माण इस समय बहुत तेजी से प्रगति पर है जिसके लिए देशभर से लोगों ने दिल खोलकर अपना योगदान दिया है। समिति के सदस्यों से जानकारी मिली है कि 2023 में लोग राम लला के दर्शन कर पाएंगे जबकि पूरा मंदिर 2025 तक तैयार हो जाएगा। कि कई सालों बाद ऐसा अवसर आया है अब लोग जल्द राम लला के दर्शन कर पाएंगे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जबसे यूपी में योगी सरकार आई है, तबसे बड़ी तेजी से विकास कार्य की रफ्तार तेज हो गई है। चाहे एयरपोर्ट बनाना हो या मेडिकल कॉलेज या हॉस्पीटल, राम मंदिर का ऐतिहासिक फैसला भी इसमें शामिल है और योगी सरकार के अधीन यूपी में अच्छा परिवर्तन देखने को मिल रहा है।



