डॉक्टरी छोड़कर Renu Raj ने UPSC Exam दिया और पहली बार में ही बनीं IAS, आई 2nd Rank

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Renu Raj IAS
IAS Topper Doctor Renu Raj Success Story. Meet IAS officer Renu Raj, who quit her job as doctor to crack UPSC exam. Kerala Officer Renu Raj has strictly acted against illegal constructions and land encroachments in the hill station of Munnar.

File Photo

Delhi: आज हम आपको एक ऐसी देश की बेटी के बारे में बता रहे है, जिसने एक IAS अफसर पैन के लिए एक अहम् काम छोड़ा और दूसरा अहम् काम कर दिया। आपका डॉक्टर होना भी बहुत मैंने रखता है और अपनी डॉक्टरी छोड़कर आप उससे भी अच्छा और क्या कर सकते है, वो वह है IAS अफसर बनकर देश और जनता की सेवा करना।

केरल (Kerala) के कोट्टायम की रहने वाली रेनू राज (Renu Raj) ने डॉक्टरी छोड़कर पहले UPSC एग्जाम दिया और ऑल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त कर आईएएस अफसर (IAS Officer) बन गईं। कुछ समय पहले रेनू राज बहुत वायरल हुई थी, जिसमें यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहे तीन दोस्तों की कहानी दिखाई गई है। उन्होंने भी अनेक मुश्किलों का सामना कर यूपीएससी एग्जाम पास किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया की रेनू राज (Renu Raj) ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केरल के कोट्टायम के सेंट टैरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद कोट्टायम के ही गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की। रिपोर्ट्स के अनुसार, रेनू राज ने डॉक्टरी के साथ साल 2014 में यूपीएससी एग्जाम दिया और पहले अटेम्प्ट में ही दूसरी रैंक (2nd Rank) प्राप्त कर आईएएस अफसर (IAS Officer) बन गईं।

रेनू राज के पिता एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और इनकी मां एक हाउस वाइफ हैं। रेनू के परिवार में 2 बहने भी हैं। रेनू की दोनों बहने और उनके पति पेशे से डॉक्टर हैं। रेनू राज बचपन से ही आईएएस अफसर बनना चाहती थी। जब वह एक सर्जन के रूप में काम कर रही थीं और तब आईएएस अफसर बनने का निर्णय लिया, क्योंकि वह आम लोगों के लिए कुछ ऐसा करना चाहती थी।

रेनू राज ने एक अख़बार को बताया था, ‘मेरे मन में ख्याल आया कि एक डॉक्‍टर होने के नाते वह 50 या 100 मरीजों की मदद कर सकती थी, लेकिन एक सिविल सेवा अधिकारी के नाते उसके एक फैसले से हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। इसके बाद मैंने यूपीएससी का एग्जाम देने का फैसला किया।’ आज वे एक मिसाल बन गई हैं।

रेनू जब यूपीएससी टॉपर (UPSC Topper) बनीं, तब भी एक डॉक्टर के तौर पर काम कर रही थीं। रेनू बताती हैं कि 2013 से ही वह यूपीएससी परीक्षा के लिए रोज 3-6 घंटे की पढ़ाई करती थीं। डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस के अलावा उन्होंने 6-7 महीने तक ऐसा किया। इसके बाद उन्होंने फुल टाइम तैयारी करने का निर्णय लिया।

UPSC का प्री एग्जाम पास करने के बाद मेंस एग्जाम भी निकाल लिया और उन्होंने फिर से डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस शुरू कर दी और इसके लिए उन्हें अपने पढ़ाई तीन-चार घंटे कम करने पड़े। उसके बाद भी उन्होंने सफलता हासिल कर ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा की परीक्षा में दूसरे रैंक पाने वाली पेशे से डॉक्‍टर (Doctor) रेणु राज (IAS Renu Raj) ने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी बड़ी सफलता मिल जाएगी।

उन्होंने कहा एक मीडिया प्लेटफॉर्म को बताया था की परीक्षा परिणाम जानने के लिए वेबसाइट खोलते समय मई बहुत तनाव में थी, मैं वेबसाइट पर अपना परिणाम देख पाती इससे पहले ही मेरा फोन बजना शुरू हो गया और मेरे मित्रों ने मुझे बताया की मेरे 2nd रैंक प्राप्त कर ली है। परिणाम घोषित होने के बाद खुशी से फूले न समाते हुए उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से कहा कि दृढ़ता सफलता दिलाती हैं। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास नहीं था कि मैं पहले ही प्रयास में सफल हो जाऊंगी। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रियजनों को देती हूं।

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