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Bhopal: रतन टाटा को टाटा समूह को खड़ा करने वाले चार महान लोगों में से एक माना जाता है। वह एक परोपकारी और भारत में गरीबी पर अध्ययन करने वाले लोगों में से थे। आज टाटा समूह में जो परोपकार की विरासत है उसकी शुरुआत इन्होंने ही की थी। मुनाफे से ज्यादा और अच्छे काम करने के लिए कंपनियों की जरूरत के बारे में रतन टाटा हमेशा से प्रेरित रहे हैं।
TATA ने कहा बिजनेस को अपनी कंपनियों के मुनाफे के लिए उन समुदायों से आगे जाना होगा जो वे सेवा करते हैं। टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा को प्रतिष्ठित रॉकफेलर फाउंडेशन के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान परोपकार के काम में नवप्रवर्तन के लिए दिया गया है।
फाउंडेशन ने वैश्विक नवप्रवर्तन के 100 साल पूरे होने के मौके पर विभिन्न क्षेत्र के लोगों और संस्थानों को दूसरे सालाना नवप्रवर्तन पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर रतन टाटा ने कहा कि कारोबार जगत को इस बात के लिए संवेदनशील होना चाहिए कि वे जिन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, वहां बदलाव ला रहे हैं। उन्हें ऐसा काम करना चाहिए, जिससे समुदाय को आगे बढ़ाने में मदद मिले।
देश निर्माण एवं परोपकार के उद्देश्य से अपनी कम्पनी को आगे ले जाने वाले देश के शिखर शख्सियत रतन टाटा सच मायनों में "भारत के रत्न" हैं। #BharatRatna #RatanTata @RNTata2000 @BJP4India @JPNadda @narendramodi @PMOIndia pic.twitter.com/AdZcc2lIWZ
— RK Sinha, Founding Member, BJP (@RKSinhaBJP) February 14, 2021
टाटा ट्रस्ट ही नहीं, इसके संरक्षण में चलने वाले जेएन टाटा एंडोमेंट, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, सर रतन टाटा ट्रस्ट, लेडी टाटा मेमोरियल ट्रस्ट, लेडी मेहरबाई डी,टाटा एजुकेशन ट्रस्ट, जेआरडी और थेल्मा जे टाटा ट्रस्ट आदि कुछ ऐसे नाम शामिल हैं, जो दशकों से स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण रक्षा, सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवा दे रहे हैं।
#ProudMoment#जमशेदपुरवासियों के लिये गर्व की पल
माननीय रतन टाटा जी को #नवाचार और #परोपकार के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए मैनचेस्टर विश्वविद्यालय ने #डॉक्टरेड की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया @RNTata2000 pic.twitter.com/I3R4oysGa6
— Rajesh Jha (@rajeshjha09) February 19, 2020
टाटा ट्रस्ट के प्रवक्ता का कहना है कि सामान्य हालात में ट्रस्ट हर साल करीब 1,200 करोड़ परमार्थ के लिए खर्च करता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक और एडेलगिव फाउंडेशन ने 50 दानदाताओं की सूची जारी की है। इसमें भारत के दिग्गज उद्योगपति पिछली सदी में सबसे ज्यादा 102 अरब अमेरिकी डॉलर देने वाले शख्स के रूप में सामने आए। वह दुनिया के सबसे बड़े परोपरकारी के रूप में उभरे हैं।
जमशेत जी टाटा अपने परोपकार के लिए जाने जाते हैं। उनकी कंपनी सॉफ्टवेयर से लेकर नमक तक बनाती है। उन्होंने जहां 102 अरब डॉलर का दान किया, वहीं बिल गेट्स और उनकी पूर्व पत्नी मेलिंडा ने 74.6 अरब डॉलर दान किए।
बिजनेस व सूचना प्रौद्योगिकी में अपना योगदान देकर देश निर्माण एवं परोपकार के उद्देश्य से अपनी कम्पनी को आगे ले जाने वाले देश के शिखर शख्सियत रतन टाटा सच मायनों में "भारत के रत्न" हैं।#BharatRatna #RatanTata @RNTata2000 @narendramodi @BJP4India @JPNadda pic.twitter.com/eUhdoqM8gH
— RK Sinha, Founding Member, BJP (@RKSinhaBJP) February 13, 2021
वॉरेन बफे ने जहां 37.4 अरब डॉलर दान किया वहीं जॉर्ज सोरोस 34.8 अरब डॉलर और जॉन डी रॉकफेलर ने 26.8 अरब डॉलर दान किए। इस लिस्ट में एक अन्य भारतीय अजीम प्रेमजी हैं। उन्होंने 22 अरब अमेरिकी डॉलर दान किए। 50 लोगों की इस लिस्ट में 38 अमेरिकी हैं। उसके बाद ब्रिटेन से 5 और फिर चीन से 3 लोग का नाम है। भारत से टाटा और प्रेमजी हैं। शीर्ष 37 दानदाताओं की गुजर गए है। 13 जीवित हैं।



