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Mandi, Himachal Pradesh: सही कहा गया है कि, मां आखिर मां होती है। हर मुसीबत में अपने बच्चों के साथ खड़ी रहती है। एक मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों के लिए समर्पित होती है। जन्म लेने से लेकर अंतिम सांस तक वह अपने बच्चों के लिए डाल बनकर खड़ी रहती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में इसका एक Example देखने को मिला।
यहां जोगिंद्रनगर में एक मां चेक डैम में डूब रहे अपने बच्चो को बचाने के लिए कूद गई। दुर्भाग्य से वो अपने बच्चे को नहीं बचा सकी और खुद भी चेक डैम में डूब गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 25 जून की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे चांदनी गांव की 38 वर्षीय रज्जो देवी अपने 10 साल के बेटे अभिषेक के साथ खेतों में काम के लिए जा रही थी।
इसी बीच रास्ते में चेक डैम की पगडंडी से गुजरते हुए अचानक उनके बच्चे का पैर फिसल गया और वो डैम में जा गिरा। फिसलते ही अभिषेक सीधा डैम में जा गिरा। अपने बेटे को डैम में गिरे हुए माता जोर-जोर से चिल्लाने लगी। परंतु आसपास कोई नहीं था, जो रज्जो की सहायता के लिए आता। जब आसपास कोई नजर नहीं आया तो रज्जो खुद ही अपने बेटे को बचाने के लिए तालाब में कूद पड़ी।
बेटे को डूबते देख मां उसे बचाने के लिए खुद डैम में कूद गई और अपनी आखिरी सांस तक बच्चे को बचाने की प्रयास करती रही। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। सभी की आंखे नम हो गई है। माँ की ममता को देख। परिवार में आईटीआई जोगिंद्रनगर में नौकरी कर रहा पिता और 14 साल की बेटी ही बची है। रज्जो को यह मालूम था कि उसको तैरना नही आता है फिर भी अपने बेटे को बचाने के जुनून ने उसे कुछ भी सोचने का मौका नही दिया।
रज्जो को तैरना नहीं आता था। जिसके कारण वह अपने बेटे को बचा भी नहीं सकी। महिला की चीख सुनने के बाद खेतों में काम कर रहे कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंचे और मां तथा बेटे दोनों को बेहोशी की हालत में तालाब में से निकाला। घटना के बाद तुरंत ही दोनों को अस्पताल ले जाया गया। जहां सेवा में तैनात डॉक्टर ने उन्हें प्राणहीन घोषित किया। पूरे हादसे के बाद पूरे इलाके में गम का माहौल फ़ेल गया है।




