बार बार असफल होने के बाद भी नमिता ने नहीं मानी हार, 5वीं बार में बनीं IAS: सक्सेस मंत्र

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IAS success story
IAS Success Story Failed In UPSC Pre-Exam Four Times Reached In Interview In Fifth Attempt Namita Sharma Got Success In Last Attempt 2018. IAS Success Story Namita Sharma Did Not Give Up Despite Failure Of Five Attempts Success In Sixth Attempt.

Image Credits: Twitter

Delhi: अगर इरादे पक्के हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। अगर इरादा मजबूत हो, तो रास्ते की बाधाएं आपको मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकतीं। कुछ ऐसी ही है नमिता शर्मा की कहानी जिन्होंने IAS अफसर बनने का सपना देखा। लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें संघर्ष भरे दौर से होकर गुजरना पड़ा।

5 बार कोशिश करने पर भी नमिता को कामयाबी नहीं मिली लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और छठे प्रयास में सफलता अपने नाम कर ली। दिल्ली की नमिता शर्मा उन कैंडिडेट्स के लिये बहुत बड़ा उदाहरण हैं जो एक-दो बार सफल ना होने पर ही अपने को हारता हुआ मान लेते हैं।

नमिता ने UPSC परीक्षा में एक दो नहीं बल्कि पूरे पांच बार असफल होने के बावजूद कभी हार नहीं मानी और तब तक लगी रहीं जब तक उन्होंने कामयाबी को अपने नाम नही किया। हालांकि उनका यह रास्ता आसान नहीं था, कई बार उन्हें लगा कि बस अब उनसे नहीं होगा, कई बार दूसरे इरादे बनाकर रास्ता बदलने का सोचा और कई बार तो अपने सपने को साकार ना होता देख उनके टूटने की उम्मीद बना ली थी, लेकिन हर बार नयीमजबूती के साथ उठ खड़ी हुईं, अपने सपनो को साकार करने।

नमिता शर्मा को असफलताओं ने तोड़ दिया था लेखों उनके परिवार ने कभी उनका हौसला नही तुड़ने नही दिया। 5 प्रयासों में नमिता को सफलता नहीं मिली लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और छठे प्रयास में UPSC जैसी परीक्षा को पास कर दिखाया। नमिता शर्मा आज एक IAS अफसर हैं।

जानकारी के मुताबिक जब नमिता शर्मा के परिजनों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नमिता पढ़ाई में हमेशा से इंटेलिजेंस थीं। इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के बाद उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिल गई। कुछ वर्षों तक नौकरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी करने का फैसला बना लिया।

नमिता ने UPSC की चार बार परीक्षा दी, लेकिन एक बार भी सफलता हाथ नही लगी,उनका चयन एक बार भी प्रीलिम्स के लिए नहीं हुआ। सपने को कामयाब बनाने के लिए उन्होंने हार नही मानी और निरन्तर सफल होने के प्रयास में पहले से अधिक मेहनत करने लगी।

इस बार उनका चयन इंटरव्यू तक हुआ, लेकिन फाइनल सेलेक्शन नहीं हुआ। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और छठवीं बार परीक्षा दीं। इस बार उनका चयन हो गया और उन्हें ऑल इंडिया 145वीं रैंक मिली। नमिता ने UPSC के आखिरी 2 प्रयास नौकरी के साथ दिए। उनका 2016 में SSC सीजीएल में सिलेक्शन हो गया।

नौकरी करने के साथ ही उन्होंने UPSC की तैयारी की और सफलता को अपने नाम कर सपने सपने को साकार कर दिखाया। रिपोर्ट के अनुसार नमिता का कहना है कि अगर शेड्यूल बनाकर, पूरे सिलेबस को कवर करके और बार-बार रिवीजन करके परीक्षा दी जाए तो सफलता आपके कदमो में होगी।

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