WHO चीफ टेडरोस ने कोविड-19 महामारी पर भारत और दुनिया को चेताते हुए कही बड़ी बात: VIDEO

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WHO Chief Dr Tedros Image Credits: Twitter Video Crap

New Delhi: कोरोना वायरस के कारण दुनिया में 5 लाख से अधिक लोगों की जाने जा चुकी है। दुनिया में सर्वाधिक संक्रमण के मामले अमेरिका में सामने आए हैं, तो सर्वाधिक प्राण भी गए हैं। रूस और भारत जैसे देश संक्रमण के मामलों की संख्या में दुनिया के तीसरे और चौथे देश हैं। हालांकि आश्चर्यजनक रूप से रूस सर्वाधिक जान जाने वाले 10 देशों में शामिल नहीं है, वहीं भारत का आठवां स्थान है, जो यह बताता है कि अधिक संक्रमण नहीं है।

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस पूरी दुनिया में एक करोड़ से अधिक लोगों को अपनी जद में ले चुका है। हर दिन करीब डेढ़ लाख नए लोग COVID-19 की चपेट में आ रहे हैं। वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, अब तक पूरी दुनिया में कोरोना से 1 करोड़ 4 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि प्राण गवाने वालों की संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई है, हालांकि, 56 लाख से ज्यादा लोग ठीक भी हुए हैं। दुनिया के 70 फीसदी कोरोना के मामले सिर्फ 12 देशों से आए हैं। इन देशों में कोरोना पीड़ितों की संख्या 72 लाख से अधिक है।

भारत में हर दिन कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे

भारत में 24 घंटे में कोरोना वायरस के 18522 नए मामले सामने आये है। इन 24 घंटों में कोरोना वायरस से 418 लोगों की जान गई हैं। अब भारत में COVID-19 संक्रमित मरीजों की संख्या हुई 566840 हो गई है। अब तब देश कोविड-19 से कुल 16893 लोगों के प्राण गए है। कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव का भारत में सबसे बुरा हाल मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद का है।

पूरी दुनिया में फैली कोरोना महामारी को लेकर विश्‍व स्‍वास्‍थय संगठन (WHO) ने पूरी दुनिया को चेतावनी दी है कि 6 महीने बिताते के बाद भी यह वायरस संकट समाप्त होने से काफी दूर है। डब्‍ल्‍यूएचओ ने कहा है कि इस पर काबू पाने के लिये और अधिक प्रयास करने होंगे। आपको बता दे की 6 महीने पहले चीन के वुहान शहर से शुरू हुए इस कोरोना वायरस की चपेट में पूरी दुनिया के 1 करोड़ से अधिक लोग आ चुके हैं। वहीं 5 लााख से अधिक लोगों की इस वायरस से संक्रमित होने बाद जान जा चुकी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WhO) के महानिदेशक टैड्रॉस की चेतावनी

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के महानिदेशक टैड्रॉस ने इस चेतावनी के साथ बताया है कि लोगों का जीवन बचाने के लिए विश्‍व द्वारा लिए गए संकल्प को और अधिक मजबूत किया जना चाहिए। WHO के महानिदेशक का कहना है कि वायरस के फैलाव से जिस तरह की परेशानी खड़ी हुई हैं उनके बारे में 6 महीने पहले तक सोचना भी मुश्किल था। छह माह पहले तक कोई नहीं जानता था कि आने वाला समय इतना बुरा होगा।

कोरोना वायरस के मामले अमेरिका, रूस, ब्राजील और भारत में लगातार बढ़ रहे हैं, जिनकी रफ्तार अन्‍य देशों के मुकाबले कहीं अधिक है। उनका कहना था कि पूरी दुनिया और यहां के लोग वापस अपनी जिंदगी को पटरी पर लाना चाहते हैं, पनरतु वहीं दूसरी तरफ एक काला सच ये भी है कि ये इतना आसान नहीं है, क्‍योंकि अभी हम इस वायरस के खात्‍मे के करीब नहीं पहुंचे हैं। हालांकि इसको लेकर कुछ देशों ने प्रगति जरूर की है, लेकिन महामारी को रोकने में अभी वैसी सफलता हाथ नहीं लग सकी है, जो मिलनी चाहिए थी।

WHO चीफ ने गंभीर परिस्थिति ने अवगत करवाया

WHO चीफ ने कहा है कि इस वायरस के खिलाफ शुरू हुई जंग में हम सभी एक साथ हैं और ये साथ हमें लंबे समय तक निभाना होगा। उन्‍होंने बीते 6 माह के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी भी इस दौरान दी। उन्‍होंने कहा कि 31 दिसंबर 2019 को चीन के वुहान शहर में अज्ञात कारणों से न्यूमोनिया के कई मामले सामने आने के बाद डब्‍ल्‍यूएचओ को पहली बार इस बीमारी के बारे में जानकारी हुई थी।

इसके तत्काल बाद WHO द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग उपलब्ध करवाई गई और टेस्‍ट किट समेत दूसरे बचाव के उपकरण भी जरूरतमंद देशों में भेजे गए थे। उनके अनुसार वायरस को हराने और प्रभावी उपचार की तलाश करने के लिए एकजुटता ट्रायल शुरू किया गया। उन्‍होंने ये भी कहा कि स्वास्थ्य संगठन इसके समाधान, शोध को लेकर भी अपनी सेवाएं पूरी तरह से अन्‍य देशों को देता रहेगा।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के महासचिव ने कहा कि आने वाले महीनों में देशों के लिए सबसे अहम सवाल यही होगा कि इस वायरस के साथ किस तरह से आगे बढ़ा जाएगा। उनके मुताबिक यही नई सामान्य स्थिति है, जिसको स्‍वीकार करना होगा। उन्‍होंने लोगों का मानव जीवन बचाने के लिए सभी देशों को 5 नियम तय करने के लिए कहा है।

जिसके अंतर्गत, अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लोगों को जागरूख होना होगा। सुरक्षा के लिए शारीरिक दूरी बरते जाने सहित अन्य स्वास्थ्य उपायों का पालन करना, मास्क पहनना, भरोसेमंद स्रोत से सूचना प्राप्त करना। वायरस के फैलाव पर काबू पाने के प्रयास जारी रखना और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल करके उन्हें एकांतवास में रखने की व्यवस्था करना।

अब तत्काल ही COVID-19 संक्रमण के मामलों का पता लगाना, उन्‍हें इलाज मुहैया करवाना और उम्रदराज लोग जो अस्‍पताल में भर्ती हैं उनके जीवन को बचाने का प्रयास करना। अभी इस वायरस के बारे में बहुत कुछ सीखा जाना बाकी है, लिहाजा रीसर्च की गति को बढ़ाया जाना चाहिए।

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