
Photo Courtesy: Sonam Wangchuk From Twitter and Amir Khan From 3 Idiots 2009 Film Crap
Ladakh/India: बॉलीवुड मूवी थ्री इडियट्स (3 Idiots 2009 Film) के असली फुनसुख वांगडू मतलब सोनम वांगचुक ने चीन के की नींद उदा देने वाला अभियान छेड़ रखा है। सोनम वांगचुक असल लाइफ में वही है, जिनसे प्रेरित होकर फिल्म 3 Idiots में आमोर खान ने उनका रोल निभाया था। आपको बता दे की विख्यात रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड जीतने वाले सोनम वांगचुक ने चीनी सेना की हरकतों का सॉलिड रिप्लाई देने के लिए वीडियो जारी किया है।
अपने वीडियो में वांगचुक ने बताया कि किस प्रकार दो मोर्चे पर चीन से जंग में विजय प्राप्त की जा सकती है। पहला यह है की सेना की ताकत के माध्यम से और दूसरा है चीनी आयात और उत्पादों का बहिष्कार करके। उन्होंने लोगों से चीनी कंपनियों में बने सामानों के बहिष्कार करने की बात की है। वांगचुक ने कहा, “एक सप्ताह में चीन के सभी सॉफ्टवेयर को छोड़ें और एक साल में चीन के सभी हार्डवेयर को।” अगर यह सफल हुआ तो समझो की चीन घुटने पा आ जाना है।
सोनम वांगचुक ने वीडियो में कहा, “मैं लद्दाख में हूँ और आप सिंधु नदी को बहते हुए देख रहे हैं और वो जो पहाड़ियाँ हैं, उनके पीछे नुब्रा और चांगतांग के वो इलाके हैं, जहाँ पर यह तनाव (चीन-भारत) बढ़ता जा रहा है। हजारों सैनिक वहाँ ले जाए जा चुके हैं। सुनने में आया है कि चीनी वायु सेना के जहाज भी वहाँ तैनात किए गए हैं और एक घंटे पहले भारतीय वायु सेना के जहाज भी मेरे ऊपर मंडरा रहे थे।” आपने यह खबर जरूर पढ़ी होगी।
उन्होंने आगे कहा, “अक्सर जब सीमा पर तनाव होता है, तो हम आप जैसे नागरिक यह सोचकर सो जाते हैं कि रात को सैनिक इसका जवाब दे देंगे। मगर मैं आज आप लोगों को यह जरूरी बात बताना चाहता हूँ कि इस बार सिर्फ सैनिक जवाब नहीं, दो तरफा जवाब हो और उसमें नागरिक जवाब भी हो।” मतलब चीनी सामान का बायकाट।
#BoycottMadeInChina #SoftwareInAWeekHardwareInAYear
For decades India's tolerance with Chinese intrusions in Ladakh was like…
Woh bedardi se sar kaate mera or mai kahun unse
Huzoor aahista aahista, janaab ahista ahista…
But now
Sena degi bullet se jawaab,
Hum dengey wallet se— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) May 29, 2020
वांगचुक ने कहा, “आपने देखा होगा कि यह सिर्फ भारत के साथ नहीं हो रहा है, बल्कि बीते कई हफ्तों से चीन यह दक्षिणी चीन सागर में वियतनाम, ताइवान और अब हांगकांग के साथ भी छेड़खानी कर रहा है और मेरा यह मानना है कि वो यह सब किसी देश के साथ दुश्मनी से ज्यादा अपने अन्दर की समस्याओं को सुलझाने के लिए कर रहा है।” मतलब चीन अपनी जनता को अपनी ताकत दिखा रहा है।
उन्होंने कहा की आज चीन को सबसे अधिक भय है, तो अपनी खुद की जनता से, उनकी 140 करोड़ की आबादी जो कि एक बंधुआ मजदूर की तरह बिना मानवाधिकारों के चीनी तानाशाह सरकार के लिए काम करती हैं और उसे सक्षम देश बनती हैं। अगर वो ही खफा हो, तो फिर एक क्रांति और आंदोलन की स्थिति हो सकती है और इससे चीन चिंतित है।
सोनम बताते है की आज कोरोना के कहर के बाद चीन में फैक्ट्रियाँ बंद हैं, एक्सपोर्ट्स बंद हैं और बेरोजगारी 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, इससे लोग बहुत नाराज हैं, ऐसे में चीन में क्रांति हो सकती है, तख्तापलट हो सकता है। इसीलिए चीन अपने पड़ोसियों से बैर करके अपनी जनता को अपने साथ जोड़ने में लगा हुआ है और यह पहली बार नहीं कर रहा है।
USE YOUR WALLET POWER#BoycottMadeInChina #SoftwareInAWeekHardwareInAYear to stop Chinese bullying in Ladakh & eventually to liberate the 1.4 Bn bonded labourers in China, as also the 10 Mn Uighur Muslims & 6 Mn Tibetan Buddhists.
Click this link to playhttps://t.co/ICjRQJ2Umf pic.twitter.com/lpzAXxARPj— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) May 28, 2020
1962 में जब भारत के साथ जंग की तो वो जंग भी उसने अपनी जनता को संभालने के लिए की थी, तब चार साल का आकाल और भुखमरी हुई थी और इससे ध्यान हटाने के लिए यह जंग की थी। आगे वे अपील करते है की मैं तो कहता हूँ कि इस बार भारत की बुलेट पॉवर से भी और वॉलेट पॉवर से भी काम करना चाहिए।
वांगचुक ने वीडियो में कहा की विचार करिये की हम भारतीय उद्योग को ख़त्म करके चीन से मूर्तियों से कपड़ों तक हर साल पाँच लाख करोड़ के सामान खरीदते हैं और फिर ये पैसा आगे जाकर हमारे सीमा पर गोली और बन्दूक बनकर हमारे सैनिकों पर प्रहार का कारण बनते हैं, तो ऐसे में हम 130 करोड़ लोग और तीन करोड़ भारतीय जो बाहर विदेशों में हैं, सब मिलकर भारत में और बल्कि विश्व में एक बायकॉट मेड इन चाइना मूवमेंट का अभियान शुरू करते हैं, तो हम सफल होंगे।
वांगचुक ने वीडियो में कहा की विचार करिये की हम भारतीय उद्योग को ख़त्म करके चीन से मूर्तियों से कपड़ों तक हर साल पाँच लाख करोड़ के सामान खरीदते हैं और फिर ये पैसा आगे जाकर हमारे सीमा पर गोली और बन्दूक बनकर हमारे सैनिकों पर प्रहार का कारण बनते हैं, तो ऐसे में हम 130 करोड़ लोग और तीन करोड़ भारतीय जो बाहर विदेशों में हैं, सब मिलकर भारत में और बल्कि विश्व में एक बायकॉट मेड इन चाइना मूवमेंट का अभियान शुरू करते हैं, तो हम सफल होंगे।
यह भी संभव है कि पूरी दुनिया साथ आए और इतने बड़े लेवल पर चीनी सामान का बहिस्कार हो, कि चीन घुटने पर आ जाये और उसकी जनता विरोध, आंदोलन, एंटी प्रोटेस्ट करते हुए तख्तापलट कर दे। वांगचुक ने कहा, “एक तरफ हमारे सैनिक उनके खिलाफ खड़े हैं और दूसरी तरफ, हम चीनी सामन खरीदते हैं और टिकटॉक जैसी एप्प का इस्तेमाल करते हैं, हम उन्हें करोड़ों रुपए का बिजनेस देते है, जिससे वे हमारे खिलाफ अपने सैनिकों को उतार दे सकें।” यह भारतियों के लिए शर्मनाक और दुर्भाग्य की बात है।



