वह CISF जवान, जिसने एक कुत्ते के रूप में जन्म लिया और एक फौजी की ड्यूटी करके फेयरवेल पाई

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CRPF Dog Rani
Rani, one of the eight bomb-sniffing dogs at Chennai airport is retiring after 10 years. Time for the annual retirement send-off ceremony.

Photo Credits: CRPF On Social Media

Chennai: कुत्तों ने शुरू से ही वफादारी की मिसाल पेश की है। घर से लेकर जवानों के बीच यह सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। देश के कई घरों में इनका पालन किया जाता है, जिससे उनके घर की सुरक्षा हो सके। इनकी कई प्रजातियां होती हैं, जो खूंखार भी होती हैं और प्यारी भी।

कुत्ता (Dog) एक पालतू जानवर है, यह घर परिवार में पलता है, तो घर के सदस्य जैसा बन जाता है। लोगो द्वारा इस पालतू जानवर (Pet Animal) को काफी पसंद किया जाता है। यहाँ तक की इनकी वफादारी पर कई फिल्में भी बनी है जो की लोगो में काफी पसंद भी की गई।

कुछ समय पहले एक किस्सा सुना था, जिसमें एक कुत्ता अपने मालिक को टिफिन देने के लिए पैदल उनके ऑफिस तक जाता था। इसकी भी लोगों ने खूब तारीफ की एक जानवर जिस पर लोग भरोसा नहीं करते आज वही जानवर घर का सदस्य बन कर अपने मालिक की सेवा कर रहा है।

dog Sheru video
Dog walks a kilometer to give tiffin to his owner, people are surprised to see him on the way. The dog Sheru is very special for owner.

एक बार फिर ऐसा ही एक किस्सा सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। एक कुत्ता जिसने अपना जीवन एक फौजियों की तरह जिया और आज वह फौजियों की तरह रिटायर भी हुआ आइए जानते हैं कौन है वो।

भारत के फौजी

हम जानते हैं कि आज हम सुरक्षित हैं, तो केवल भारत के फौजी सेना के कारण वह साल के 12 महीनों में हर मौसम में ठंडी गर्मी बरसात हमेशा बॉर्डर पर तैनात रहते हैं, जिससे हमारे देश में अमन और शांति बनी रहे। इस अमन और शांति के लिए वे अपनी जान न्योछावर तक कर जाते हैं।

देश का हर युवा चाहता है कि वह अपनी भारत माता की सेवा कर सके। जो इंसान जिस जमीन पर पैदा होता है उसे अपनी जन्मभूमि से काफी लगाव होता है, इसीलिए यदि उनकी शान में कोई गुस्ताखी करता है, तो वे बर्दास्त नहीं कर सकते। देश में शांति बना कर रखना ही देश सेवा से कम नहीं है।

आज की इस पोस्ट के माध्यम से लोगों को यह जानकारी मिलेगी की देश का युवा हो या फिर देश का जानवर उसे अपने देश की परवाह है, इसीलिए आज हम बात करेंगे, एक ऐसे सीआईआरपीएफ (CRPF) के जवान की जिसका जन्म एक कुत्ते के रूप में हुआ, पूरी जिंदगी उसने एक फौजी की तरह बिताई और आखिर में विदाई भी एक फौजी की तरह ली आइए उसके बारे में जानते हैं।

जांबाज योद्धा रानी की कहानी

सूंघने की अटूट शक्ति और अपने मालिक के प्रति वफादारी एक कुत्ते को सभी जानवरों से पृथक करती है। ऐसे में एक कुत्ते को सुरक्षा सिपाही कहना गलत नहीं होगा। आज हम बात करेंगे सी आई आर एफ का हिस्सा रहा एक कुत्ता जिसका नाम रानी (CRPF Dog Rani) है।

जिसने अपना पूरा जीवन एक सिपाहियों की तरह देश सेवा में बताया है, रानी अपनी वफादारी के लिए काफी फेमस है। उनके सूंघने की शक्ति इतनी अच्छी है कि उन्होंने अपने जीवन के इतने साल देश सेवा में गुजार दिया और आखिर में उन्हें एक फौजियों की तरह रिटायरमेंट भी दी गई।

खोजी कुत्ता रानी ने 9 वर्ष तक अपनी सेवा दी

हम जानते हैं कि आर्मी में अच्छी सूंघने की शक्ति रखने वाले कुत्ते को खोजी कुत्ते की तरह उपयोग किया जाता है क्योंकि कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनमें इनका उपयोग काफी अहम होता है। ऐसी ही है खोजी कुत्ता रानी जिन्होंने अपने जीवन के 9 वर्ष इस काम के लिए दिए।

इसके बाद सीआईआरएफ के एक यूनिट ने उन्हें खास विदाई दी। इसके लिए उन्होंने एक पुलिंग समारोह का आयोजन किया और सजी हुई जीप पर रानी को बिठा कर जीप को रेड कारपेट पर चलाया। रानी पर फूल बरसाए।

रानी एक बहुत अच्छी जांबाज सिपाही रही

रानी की तारीफ पूरी सी आई आर एफ की सेना करती है। क्योंकि रानी का हुनर एक सिपाहियों की तरह ही था, उन्हें चेन्नई हवाई अड्डे से विदाई दी गई। रानी डॉगी का बहुत सम्मान हुआ और अनेक दर्शकों ने उन पलों को एन्जॉय किया।

इस कुत्ते ने देश के उन विरोधियों को सीख दी कि वह इंसान हैं और हम एक जानवर होने के बाद हमारे देश की मिट्टी की इज्जत करते हैं, उसकी रक्षा करते हैं। इस प्रकार एक कुत्ते के रूप में जन्मा सीआईआरएफ की जवान की तरह जीवन जिया और 9 साल की सेवा देकर सेवानिवृत हुआ।

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